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अतिक्रमणकारियों के चंगुल में फंसा जा रहा ऐतिहासिक पोटरगंज
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:09 AM IST
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आजादी से पूर्व ब्रिटिश अधिकारी पोर्टर के नाम पर अभेद्य किले के रूप में ख्याति प्राप्त पोटरगंज ऐतिहासिक महत्व के बावजूद आज नगर पालिका परिषद की शिथिलता से अपने पुराने गौरव को खोकर अतिक्रमणकारियाें के चंगुल में फंसता जा रहा है। पोर्टर के नाम पर बसा यह किला बाद में क्रांतिकारियों की अंग्रेज सरकार के खिलाफ गतिविधियाें का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था और क्रांतिकारी अपनी महत्वपूर्ण योजनाआें को यहीं से अंजाम देते थे। इसके चार गेट थे जो पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण दिशाआें में स्थित थे। पूर्वी गेट के ऊपर स्थित दो मंजिला कमराें में एक बार प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू भी आकर ठहरे थे। कालांतर मेें इसे गल्ला मंडी का रूप दे दिया गया और आजादी के बाद आढ़तियाें द्वारा प्रदेश की चर्चित गल्ला मंडी के रूप में तिलहर की पहचान बन गई। जब से नवीन गल्ला मंडी में आढ़ताें का स्थानान्तरण हुआ मंडी की सीमायें नगर पालिका व प्रशासनिक अमले की मिलीभगत से सिकुड़ने लगीं। सन 1978 से व्यापारियाें ने खाली मंडी को रामलीला स्थल के रूप में पालिका से मांग कर रामलीला का आयोजन शुरू कर दिया। नगर पालिका ने अतिक्रमण व अवैध निर्माण होने पर नोटिस भेजकर और बाद में पीपी एक्ट मेें मुकदमा दायर करने तक खुद को सीमित करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। वर्तमान में ऐतिहासिक धरोहर के रूप में जाना जाने वाला गांधी गंज उर्फ पोटरगंज अतिक्रमण कारियाें के चंगुल से मुक्ति के लिए छटपटा रहा है।
15 लोगाें पर चल रहा पालिका का मुकदमा
वर्ष 2008 में तत्कालीन ईओ सीपी मिश्रा ने अवैध कब्जा कर स्थाई निर्माण कराने वाले 15 लोगाें के खिलाफ पीपी एक्ट के अंर्तगत मुकदमे दायर करवाये थे, जो कि न्यायालय में विचाराधीन हैं।
पोटरगंज मेला मैदान में 40 वर्षों से मेला संचालित हो रहा है। सड़काें के पीछे मेला की दुकानें, नृत्यशाला, रंगशाला आदि लगती हैं। उक्त स्थान पर हो रहा निरंतर अतिक्रमण नगर पालिका की विफलता तथा मिलीभगत दर्शाता है। चेयरमैन को अतिक्रमण रूकवाना चाहिए।
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- मनोज प्रबल, प्रबंधक, श्री जनता रामलीला कमेटी, पोटरगंज
नगर पालिका द्वारा बाट माप विभाग को कार्यालय स्थल बताकर जब व्यापारियाें ने विरोध किया तो जनभावनाआें को ध्यान में रखते हुए पालिका उक्त आवंटन निरस्त कर दिया। ऐसी स्थिति में सबको रामलीला स्थल को संरक्षित रखना चाहिये। उस पर अतिक्रमण करना गलत बात है।
इमरान खां, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद तिलहर।
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15 लोगाें पर चल रहा पालिका का मुकदमा
वर्ष 2008 में तत्कालीन ईओ सीपी मिश्रा ने अवैध कब्जा कर स्थाई निर्माण कराने वाले 15 लोगाें के खिलाफ पीपी एक्ट के अंर्तगत मुकदमे दायर करवाये थे, जो कि न्यायालय में विचाराधीन हैं।
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पोटरगंज मेला मैदान में 40 वर्षों से मेला संचालित हो रहा है। सड़काें के पीछे मेला की दुकानें, नृत्यशाला, रंगशाला आदि लगती हैं। उक्त स्थान पर हो रहा निरंतर अतिक्रमण नगर पालिका की विफलता तथा मिलीभगत दर्शाता है। चेयरमैन को अतिक्रमण रूकवाना चाहिए।
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- मनोज प्रबल, प्रबंधक, श्री जनता रामलीला कमेटी, पोटरगंज
नगर पालिका द्वारा बाट माप विभाग को कार्यालय स्थल बताकर जब व्यापारियाें ने विरोध किया तो जनभावनाआें को ध्यान में रखते हुए पालिका उक्त आवंटन निरस्त कर दिया। ऐसी स्थिति में सबको रामलीला स्थल को संरक्षित रखना चाहिये। उस पर अतिक्रमण करना गलत बात है।
इमरान खां, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद तिलहर।