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Shahjahanpur News: रामलीला के बाद शुरू होगा परशुराम मंदिर परिसर का सुंदरीकरण
Fri, 04 Oct 2024 03:57 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 04 Oct 2024 03:57 AM IST
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जलालाबाद के परशुराम मंदिर परिसर के पास धर्मशाला को देखते अधिकारी व ठेकेदार। संवाद
जलालाबाद। परशुराम मंदिर परिसर के विकास व सुंदरीकरण का काम रामलीला मेला के तत्काल बाद शुरू हो जाएगा। इसके तहत यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की निगरानी में मेरठ की एसआर ट्रेडिंग कंपनी सभी काम कराएगी। बृहस्पतिवार को यूपीपीसीएल के अधिकारियों के साथ कार्यदायी कंपनी के ठेकेदार ने स्थलीय निरीक्षण किया।
ढाई साल पहले प्रदेश सरकार ने नगर को अधिकृत तौर पर भगवान परशुराम की जन्मस्थली घोषित कर इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था। इसके लिए पर्यटन विभाग ने 87 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया, लेकिन लागत ज्यादा होने से इस बजट को सरकार की मंजूरी नही मिल सकी।
बाद में यह काम मुख्यमंत्री संवर्धन योजना में शामिल कर सरकार ने यहां के विकास और सुंदरीकरण को 19 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की। साथ ही यूपीपीसीएल को काम कराने का जिम्मा सौंप दिया। यूपीपीसीएल की टेंडर प्रक्रिया के तहत इसका ठेका मेरठ की कंपनी को मिला है। काम के शुरुआती चरण में पहले मंदिर के पास बने दोनों पुराने धर्मशाला तोड़ने का काम किया जाएगा।
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यूपीपीसीएल के सहायक अभियंता रामहित पटेल, अवर अभियंता रवि दुबे व कंपनी के ठेकेदार सचिन राठी ने बृहस्पतिवार को यहां आकर मौके का जायजा लिया। चूंकि, इन दिनों रामलीला मेला चल रहा है और उसका पूरा संचालन परशुराम मंदिर से हो रहा है। अब यह कार्य 15 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति के गोपाल द्विवेदी, मनोज अग्निहोत्री व गांधी मिश्रा भी मौजूद रहे।
बजट की पहली किश्त के रूप में पांच करोड़ की धनराशि शासन से जारी हो चुकी है। मंदिर और आसपास प्रस्तावित कार्यों की जो कार्ययोजना तैयार की गई है, उसी के अनुरूप इस धनराशि से काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। मंदिर प्रबंध समिति ने यह काम रामलीला मेला के तुरंत बाद शुरू कराने का अनुरोध किया है।
-रामहित पटेल, सहायक अभियंता, यूपीपीसीएल
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ढाई साल पहले प्रदेश सरकार ने नगर को अधिकृत तौर पर भगवान परशुराम की जन्मस्थली घोषित कर इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था। इसके लिए पर्यटन विभाग ने 87 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया, लेकिन लागत ज्यादा होने से इस बजट को सरकार की मंजूरी नही मिल सकी।
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बाद में यह काम मुख्यमंत्री संवर्धन योजना में शामिल कर सरकार ने यहां के विकास और सुंदरीकरण को 19 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की। साथ ही यूपीपीसीएल को काम कराने का जिम्मा सौंप दिया। यूपीपीसीएल की टेंडर प्रक्रिया के तहत इसका ठेका मेरठ की कंपनी को मिला है। काम के शुरुआती चरण में पहले मंदिर के पास बने दोनों पुराने धर्मशाला तोड़ने का काम किया जाएगा।
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यूपीपीसीएल के सहायक अभियंता रामहित पटेल, अवर अभियंता रवि दुबे व कंपनी के ठेकेदार सचिन राठी ने बृहस्पतिवार को यहां आकर मौके का जायजा लिया। चूंकि, इन दिनों रामलीला मेला चल रहा है और उसका पूरा संचालन परशुराम मंदिर से हो रहा है। अब यह कार्य 15 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति के गोपाल द्विवेदी, मनोज अग्निहोत्री व गांधी मिश्रा भी मौजूद रहे।
बजट की पहली किश्त के रूप में पांच करोड़ की धनराशि शासन से जारी हो चुकी है। मंदिर और आसपास प्रस्तावित कार्यों की जो कार्ययोजना तैयार की गई है, उसी के अनुरूप इस धनराशि से काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। मंदिर प्रबंध समिति ने यह काम रामलीला मेला के तुरंत बाद शुरू कराने का अनुरोध किया है।
-रामहित पटेल, सहायक अभियंता, यूपीपीसीएल