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बदला अंदाज : थीम व ड्रेस कोड के साथ कर रहीं किटी पार्टी
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शाहजहांपुर में वैश्य समाज की किटी पार्टी में चूड़ियां दिखातीं महिलाएं। स्रोत: संस्था
शाहजहांपुर। समय के साथ ही किटी पार्टी का अंदाज और स्वरूप भी बदलने लगा है। थीम बेस किटी के साथ ही ड्रेस कोड व स्पर्धाएं तक तय हो रहीं हैं। तनाव को दूर करने और कुछ समय दोस्तों के साथ मस्ती-मजाक में गुजारने के लिए महिलाएं किटी पार्टी में शामिल हो रहीं हैं।
कुछ समय पहले तक महिलाएं किटी पार्टी का आयोजन घरों में करतीं थीं। हर महीने किटी के लिए किसी महिला के घर का इंतजाम होता था। वहीं पर तंबोला और हाउजी खेल होते थे। अब किटी घरों या लॉन में नहीं होती हैं। यह होटलों और रेस्टोरेंटों में आयोजित की जातीं हैं। इसके लिए पहले से बुकिंग की जाती है।
पार्टी करने वाली महिलाएं बताती हैं कि पहले और अब में काफी बदलाव आया है। किटी की थीम पहले से तैयार कर उसी के आधार पर सजावट होती है। इसकी जिम्मेदारी होटल संचालक या इवेंट मैनेजर को दी जाती है। थीम के आधार पर ही कपड़े भी पहनने होते हैं। महिलाओं के अनुसार, पहले मात्र दो खेल होते थे। अब रील का जमाना है। इसके लिए अलग इंतजाम होता है। थीम के हिसाब से ही सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जाते हैं।
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ये होता है किटी पार्टी का नियम
महिलाओं का समूह किटी को बनाता है। इसमें प्रत्येक महीने रुपये जमा किए जाते हैं। दो से लेकर 15 हजार तक किटी पार्टी में जमा होते हैं। प्रत्येक महीने एक पर्ची निकालते हैं, जिसके नाम की पर्ची निकलती है, वही महिला किटी पार्टी का इंतजाम करती हैं।
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काफी समय से किटी पार्टी से जुड़े हैं। वर्तमान समय में रील का क्रेज बढ़ गया है। पहले घरों में किटी होती थी। अब थीम बेस आयोजन होते हैं। यह महिलाओं के मनोरंजन का एक अच्छा माध्यम है।
- डॉ.टीना अग्रवाल
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किटी पार्टी के जरिये गणमान्य महिलाओं से भी मुलाकात हो जाती है। इससे सर्किल बढ़ता है। कई तरह की खेल स्पर्धा के साथ खानपान का इंतजाम भी रहता है। मनोरंजन के लिए महिलाएं इससे जुड़तीं हैं।
- ज्योति गुप्ता
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पहले किटी पार्टी सिर्फ मनोरंजन और आपसी मेल-जोल का साधन हुआ करती थी। अब किटी पार्टी एक नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म बन गया है। जहां वे अपनी कला और प्रतिभा को शेयर करतीं हैं। योग, स्वास्थ्य आदि विषयों पर चर्चा करतीं हैं।
- सोनिया गुप्ता
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किटी पार्टी में पहले के मुकाबले कई तरह की खेल प्रतियोगिताएं जोड़ी गईं हैं। आपसी मेल-मिलाप के साथ ही मनोरंजन भी हो जाता है। यहां पर गीत, संगीत के साथ समय गुजारते हैं। इससे साथियों का सर्किल भी बढ़ जाता है।
- स्तुति गुप्ता
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कुछ समय पहले तक महिलाएं किटी पार्टी का आयोजन घरों में करतीं थीं। हर महीने किटी के लिए किसी महिला के घर का इंतजाम होता था। वहीं पर तंबोला और हाउजी खेल होते थे। अब किटी घरों या लॉन में नहीं होती हैं। यह होटलों और रेस्टोरेंटों में आयोजित की जातीं हैं। इसके लिए पहले से बुकिंग की जाती है।
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पार्टी करने वाली महिलाएं बताती हैं कि पहले और अब में काफी बदलाव आया है। किटी की थीम पहले से तैयार कर उसी के आधार पर सजावट होती है। इसकी जिम्मेदारी होटल संचालक या इवेंट मैनेजर को दी जाती है। थीम के आधार पर ही कपड़े भी पहनने होते हैं। महिलाओं के अनुसार, पहले मात्र दो खेल होते थे। अब रील का जमाना है। इसके लिए अलग इंतजाम होता है। थीम के हिसाब से ही सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जाते हैं।
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ये होता है किटी पार्टी का नियम
महिलाओं का समूह किटी को बनाता है। इसमें प्रत्येक महीने रुपये जमा किए जाते हैं। दो से लेकर 15 हजार तक किटी पार्टी में जमा होते हैं। प्रत्येक महीने एक पर्ची निकालते हैं, जिसके नाम की पर्ची निकलती है, वही महिला किटी पार्टी का इंतजाम करती हैं।
काफी समय से किटी पार्टी से जुड़े हैं। वर्तमान समय में रील का क्रेज बढ़ गया है। पहले घरों में किटी होती थी। अब थीम बेस आयोजन होते हैं। यह महिलाओं के मनोरंजन का एक अच्छा माध्यम है।
- डॉ.टीना अग्रवाल
किटी पार्टी के जरिये गणमान्य महिलाओं से भी मुलाकात हो जाती है। इससे सर्किल बढ़ता है। कई तरह की खेल स्पर्धा के साथ खानपान का इंतजाम भी रहता है। मनोरंजन के लिए महिलाएं इससे जुड़तीं हैं।
- ज्योति गुप्ता
पहले किटी पार्टी सिर्फ मनोरंजन और आपसी मेल-जोल का साधन हुआ करती थी। अब किटी पार्टी एक नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म बन गया है। जहां वे अपनी कला और प्रतिभा को शेयर करतीं हैं। योग, स्वास्थ्य आदि विषयों पर चर्चा करतीं हैं।
- सोनिया गुप्ता
किटी पार्टी में पहले के मुकाबले कई तरह की खेल प्रतियोगिताएं जोड़ी गईं हैं। आपसी मेल-मिलाप के साथ ही मनोरंजन भी हो जाता है। यहां पर गीत, संगीत के साथ समय गुजारते हैं। इससे साथियों का सर्किल भी बढ़ जाता है।
- स्तुति गुप्ता

शाहजहांपुर में वैश्य समाज की किटी पार्टी में चूड़ियां दिखातीं महिलाएं। स्रोत: संस्था

शाहजहांपुर में वैश्य समाज की किटी पार्टी में चूड़ियां दिखातीं महिलाएं। स्रोत: संस्था

शाहजहांपुर में वैश्य समाज की किटी पार्टी में चूड़ियां दिखातीं महिलाएं। स्रोत: संस्था

शाहजहांपुर में वैश्य समाज की किटी पार्टी में चूड़ियां दिखातीं महिलाएं। स्रोत: संस्था