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Shahjahanpur News: निजीकरण के विरोध में 29 से कार्य बहिष्कार का एलान...खड़ा हो सकता बिजली का संकट
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शाहजहांपुर। पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉम के निजीकरण के विरोध में बिजली निगम के अभियंताओं के 29 मई से होने वाले कार्य बहिष्कार से संभावित बिजली के संकट से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। निगम ने संविदा कर्मियों को विश्वास में लेकर व्यवस्था काे संभालने का दावा किया है। इसके अतिरिक्त ठेकेदार, आईटीआई, जीटीआई, बिलिंग एजेंसी के कर्मियों को भी लगाया जाएगा।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के केंद्रीय आह्वान पर निजीकरण के विरोध में अभियंता रोजाना तीन से पांच बजे विरोध सभा कर निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। 29 मई को सुबह दस बजे से कार्य बहिष्कार किया जाएगा। अभियंताओं के कार्य नहीं करने से गर्मी के मौसम में फॉल्ट आने पर ठीक करने का संकट आ जाएगा।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपद में 45 उपकेंद्रों पर 36 जेई और 30 एसडीओ कार्य करते हैं। लाइन फॉल्ट आने पर शट-डाउन लेने वाले नहीं होंगे। संगठन के अध्यक्ष शिवचरन ने अधिकारियों-कर्मचारियों से समन्वय बनाकर हड़ताल को सफल बनाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
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वहीं दूसरी ओर अधीक्षण अभियंता जागेश कुमार ने कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को साधना शुरू कर दिया है। उन्होंने संविदा कर्मियों को हड़ताल में सहयोगी नहीं बनने के लिए मना लिया है।
एसई ने बताया कि संविदा कर्मियाें ने कार्य करते रहने का आश्वासन दिया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर आईटीआई, पॉलीटेक्निक के छात्रों की सूची मांगी गई। इसी तरह आरडीएसएस योजना के 35 ठेकेदारों के 130 कर्मचारियाें का सहयोग भी लिया जाएगा।
बिलिंग एजेंसी के 272, स्मार्ट मीटर लगाने वाले कर्मियों से भी कार्य लिया जा सकता है। गर्मी के मौसम में बिजली नेटवर्क को पटरी पर रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
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संविदा कर्मियों के हाथ खींचने पर खड़ा होगा संकट
जेई और एसडीओ के बाद संविदा कर्मियों की बैसाखी पर बिजली निगम टिका है। करीब साढ़े छह सौ कर्मचारी पूरी व्यवस्था को संभाले हैं। अधिकारियाें ने संविदा कर्मियों से बात कर हड़ताल पर जाने से रोकने का दावा किया है। इन कर्मियों ने अभियंताओं का साथ दिया तो बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर संगठन भी संविदा कर्मियों से वार्ता कर हड़ताल के लिए राजी करने में जुटा है।
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एडीएम ने पैना बुजुर्ग ट्रांसमिशन का जायजा लिया
29 मई को विद्युत कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने 220 केवीए पैना बुजुर्ग ट्रांसमिशन का निरीक्षण किया। उन्होंने हड़ताल की स्थिति से निपटने के लिए एक्सईएन, एसडीओ, जेई और एसएसओ आदि से बातचीत कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। संवाद
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हड़ताल से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। डीएम स्तर से बैठक हो चुकी है। संविदा कर्मियाें से बातचीत कर कार्य करने के लिए मना लिया है। शेष वैकल्पिक व्यवस्था भी कर ली गई है।
-जागेश कुमार, एसई-बिजली निगम
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राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के केंद्रीय आह्वान पर निजीकरण के विरोध में अभियंता रोजाना तीन से पांच बजे विरोध सभा कर निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। 29 मई को सुबह दस बजे से कार्य बहिष्कार किया जाएगा। अभियंताओं के कार्य नहीं करने से गर्मी के मौसम में फॉल्ट आने पर ठीक करने का संकट आ जाएगा।
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आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपद में 45 उपकेंद्रों पर 36 जेई और 30 एसडीओ कार्य करते हैं। लाइन फॉल्ट आने पर शट-डाउन लेने वाले नहीं होंगे। संगठन के अध्यक्ष शिवचरन ने अधिकारियों-कर्मचारियों से समन्वय बनाकर हड़ताल को सफल बनाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
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वहीं दूसरी ओर अधीक्षण अभियंता जागेश कुमार ने कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को साधना शुरू कर दिया है। उन्होंने संविदा कर्मियों को हड़ताल में सहयोगी नहीं बनने के लिए मना लिया है।
एसई ने बताया कि संविदा कर्मियाें ने कार्य करते रहने का आश्वासन दिया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर आईटीआई, पॉलीटेक्निक के छात्रों की सूची मांगी गई। इसी तरह आरडीएसएस योजना के 35 ठेकेदारों के 130 कर्मचारियाें का सहयोग भी लिया जाएगा।
बिलिंग एजेंसी के 272, स्मार्ट मीटर लगाने वाले कर्मियों से भी कार्य लिया जा सकता है। गर्मी के मौसम में बिजली नेटवर्क को पटरी पर रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
संविदा कर्मियों के हाथ खींचने पर खड़ा होगा संकट
जेई और एसडीओ के बाद संविदा कर्मियों की बैसाखी पर बिजली निगम टिका है। करीब साढ़े छह सौ कर्मचारी पूरी व्यवस्था को संभाले हैं। अधिकारियाें ने संविदा कर्मियों से बात कर हड़ताल पर जाने से रोकने का दावा किया है। इन कर्मियों ने अभियंताओं का साथ दिया तो बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर संगठन भी संविदा कर्मियों से वार्ता कर हड़ताल के लिए राजी करने में जुटा है।
एडीएम ने पैना बुजुर्ग ट्रांसमिशन का जायजा लिया
29 मई को विद्युत कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने 220 केवीए पैना बुजुर्ग ट्रांसमिशन का निरीक्षण किया। उन्होंने हड़ताल की स्थिति से निपटने के लिए एक्सईएन, एसडीओ, जेई और एसएसओ आदि से बातचीत कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। संवाद
हड़ताल से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। डीएम स्तर से बैठक हो चुकी है। संविदा कर्मियाें से बातचीत कर कार्य करने के लिए मना लिया है। शेष वैकल्पिक व्यवस्था भी कर ली गई है।
-जागेश कुमार, एसई-बिजली निगम