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... और भाइयों से किया वादा पूरा नहीं कर सकी बहन
अमर उजाला ब्यूरो खुदागंज।
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:27 PM IST
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भैयादूज पर भाइयों के लिए खुदागंज से खुरचन लेने निकली बहन की हार्टअटैक से मौत
भाई तुम तैयार होना मैं खुदागंज से आकर तुम्हारा तिलक करूंगाी, लेकिन वह बहन अपना यह वायदा पूरा नहीं कर सकी क्योंकि उसके भाग्य में यह शुभ घड़ी लिखी ही नहीं थी। भतीजे के साथ खुदागंज को निकली बहन की रास्ते में ही हार्टअटैक से मौत हो गई। इधर भाई घर पर बहनसे तिलक कराने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सूचना उन्हें बहन की मौत की मिली। जिससे घर में कोहराम मच गया।
क्षेत्र के देवरास गांव निवासी निरंजन सिंह की पुत्री शकुंतला देवी का निगोही थाना क्षेत्र के गांव जठयूरा निवासी कल्यान सिंह से विवाह हुआ था। शादी के पांच वर्ष बाद कल्यान सिंह की मौत हो गई। पति की मौत के बाद शकुंतला देवी अपने मायके देवरास आकर तीन भाइयों वीरपाल सिंह, भगवान सिंह और विश्राम सिंह के परिवार में रहने लगी। मंगलवार को भैयादूज पर शकुंतला देवी अपने भतीजे शिवकुमार के साथ खुदागंज से मिठाई लेने के लिए निकली और भाइयों से कहकर गई कि तुम लोग तैयार होना मिठाई लाकर तुम्हारे तिलक करूंगी। देवरास और खुदागंज के बीच में भतीजे की बाइक पर जा रही शकुंतला देवी को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। जहां भैयादूज का त्योहार मनाया जाना था आज उस घर से उन्हीं भाइयों को अपनी बहन शकुंतला देवी की अर्थी में कांधा लगाना पडे़गा। श्भाई विश्राम सिंह, वीरपाल सिंह, भगवान सिंह दहाड़े मारकर रो रहे थे कि बहन शकुंतला तुम भैयादूज पर बिना तिलक किए ही अकेला छोड़ गई।
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भाई तुम तैयार होना मैं खुदागंज से आकर तुम्हारा तिलक करूंगाी, लेकिन वह बहन अपना यह वायदा पूरा नहीं कर सकी क्योंकि उसके भाग्य में यह शुभ घड़ी लिखी ही नहीं थी। भतीजे के साथ खुदागंज को निकली बहन की रास्ते में ही हार्टअटैक से मौत हो गई। इधर भाई घर पर बहनसे तिलक कराने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सूचना उन्हें बहन की मौत की मिली। जिससे घर में कोहराम मच गया।
क्षेत्र के देवरास गांव निवासी निरंजन सिंह की पुत्री शकुंतला देवी का निगोही थाना क्षेत्र के गांव जठयूरा निवासी कल्यान सिंह से विवाह हुआ था। शादी के पांच वर्ष बाद कल्यान सिंह की मौत हो गई। पति की मौत के बाद शकुंतला देवी अपने मायके देवरास आकर तीन भाइयों वीरपाल सिंह, भगवान सिंह और विश्राम सिंह के परिवार में रहने लगी। मंगलवार को भैयादूज पर शकुंतला देवी अपने भतीजे शिवकुमार के साथ खुदागंज से मिठाई लेने के लिए निकली और भाइयों से कहकर गई कि तुम लोग तैयार होना मिठाई लाकर तुम्हारे तिलक करूंगी। देवरास और खुदागंज के बीच में भतीजे की बाइक पर जा रही शकुंतला देवी को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। जहां भैयादूज का त्योहार मनाया जाना था आज उस घर से उन्हीं भाइयों को अपनी बहन शकुंतला देवी की अर्थी में कांधा लगाना पडे़गा। श्भाई विश्राम सिंह, वीरपाल सिंह, भगवान सिंह दहाड़े मारकर रो रहे थे कि बहन शकुंतला तुम भैयादूज पर बिना तिलक किए ही अकेला छोड़ गई।
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