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एक साल से खुद को जिंदा साबित करने के लिए भटक रहा ग्रामीण
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पीड़ित सत्यपाल सिंह
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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तिलहर। तहसील अभिलेखों में छह साल पहले मृत दर्शाया गया खमरिया गांव का सत्यपाल सिंह (75) एक साल से खुद को जिंदा साबित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। शनिवार को कुछ वकीलों ने संपूर्ण समाधान दिवस में पीड़ित को पेश किया। एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
तहसील क्षेत्र के गांव खमरिया निवासी सत्यपाल सिंह ने शनिवार को युवा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता श्रवण कुमार सिंह व अन्य अधिवक्ताओं के साथ समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया। तहसील प्रशासन ने अभिलेखों में उसे वर्ष 2015 में मृत घोषित करके उसकी आराजी में फर्जी तौर पर उसके तीन पुत्र और पत्नी का नाम बतौर वारिस दर्ज करा दिया।
सत्यपाल ने बताया कि उसके दो पुत्र सुमित और काकुल व पत्नी मीरा है, जबकि उद्धरण खतौनी में 17 दिसंबर 2015 को उसे मृत दर्शाते हुए फर्जी तौर पर उसके तीन पुत्र राजीव, रंजीत और मंगली तथा पत्नी ओमवती का नाम बतौर वारिस दर्ज किया है। आरोप है कि पिछले वर्ष उसे जब इस बात की जानकारी हुई तभी से वह लगातार तहसील प्रशासन के चक्कर काट रहा है।
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एसडीएम को भी प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। सत्यपाल ने बताया कि उसकी कृषि भूमि खेड़ाबझेड़ा के गांव खमरिया में 0.2870 हेक्टेयर है। तत्कालीन लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने जालसाजी कर सरकारी अभिलेखों में उसे मृत दर्शा दिया। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि मामले की जांच करके अभिलेखों को दुरुस्त किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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तहसील क्षेत्र के गांव खमरिया निवासी सत्यपाल सिंह ने शनिवार को युवा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता श्रवण कुमार सिंह व अन्य अधिवक्ताओं के साथ समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया। तहसील प्रशासन ने अभिलेखों में उसे वर्ष 2015 में मृत घोषित करके उसकी आराजी में फर्जी तौर पर उसके तीन पुत्र और पत्नी का नाम बतौर वारिस दर्ज करा दिया।
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सत्यपाल ने बताया कि उसके दो पुत्र सुमित और काकुल व पत्नी मीरा है, जबकि उद्धरण खतौनी में 17 दिसंबर 2015 को उसे मृत दर्शाते हुए फर्जी तौर पर उसके तीन पुत्र राजीव, रंजीत और मंगली तथा पत्नी ओमवती का नाम बतौर वारिस दर्ज किया है। आरोप है कि पिछले वर्ष उसे जब इस बात की जानकारी हुई तभी से वह लगातार तहसील प्रशासन के चक्कर काट रहा है।
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एसडीएम को भी प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। सत्यपाल ने बताया कि उसकी कृषि भूमि खेड़ाबझेड़ा के गांव खमरिया में 0.2870 हेक्टेयर है। तत्कालीन लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने जालसाजी कर सरकारी अभिलेखों में उसे मृत दर्शा दिया। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि मामले की जांच करके अभिलेखों को दुरुस्त किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।