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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Aggrieved people have already been involved in the dispute

अफसरों-जनप्रतिनिधियों में पहले भी हो चुकी है तकरार

Thu, 01 Jun 2017 11:37 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Thu, 01 Jun 2017 11:37 PM IST
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बीडीओ और ब्लॉक प्रमुख में टकराव का प्रकरण
जिला पंचायत की बैठक मेें लग चुके आरोप-प्रत्यारोप
शाहजहांपुर।
 
ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर जलालाबाद में क्षेत्र पंचायत अधिकारी और ब्लॉक प्रमुख के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी इसी मुद्दे को लेकर अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी तकरार के कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कर्मचारियों की मनमाने स्थानोें पर तैनाती को लेकर आरोप-प्रत्यारोेपों की बौछार हो चुकी है। 
गत वर्ष जिले के एक ब्लॉक में तैनाती के दौरान तत्कालीन क्षेत्र पंचायत अधिकारी प्रद्युम्न द्विवेदी को भी ब्लॉक प्रमुख और उनके परिवार के लोगों के दबाव का सामना करना पड़ा था। फर्क सिर्फ इतना है कि उन्हें अपमानजनक हालातों का सामना नहीं करना पड़ा। वह महज इसलिए प्रमुख के गुस्से का शिकार बने कि उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को प्रमुख जैसी तवज्जो देने से मना कर दिया था। विवाद बढ़ने पर तत्कालीन सीडीओ को उन्हें दूसरे ब्लॉक में तैनात करना पड़ा था। ग्राम्य विकास महापरिषद के जिलाध्यक्ष के नाते द्विवेदी के इस प्रकरण को संगठन के लोग स्टेट फोरम तक ले गए थे, लेकिन उनका ललितपुर तबादला होने के बाद सब कुछ शांत हो गया। इसके बावजूद दोनो पक्षों के बीच लाग-डांट वाला संबंध अभी तक कायम है। 
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शनिवार को विकास भवन सभागार में हुई जिला पंचायत बोर्ड की मीटिंग मेें कई माननीयों ने अफसरों पर ढीठ कर्मचारियों के साथ नरम रवैया अपनाने और उनकी सिफारिशें अनदेखी कर मनमाने तरीके से स्थानांतरण करने के आरोप लगाए। यही नहीं, कई अफसरों को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। हद तो तब हो गई जब एक जिला पंचायत सदस्य ने कमीशन लिए बगैर कोई काम नहीं होने की बात कही तो मुख्य विकास अधिकारी का लहजा भी तल्ख हो गया। सीडीओ ने इसे बेसिरपैर का आरोप बताते हुए कड़ी आपत्ति की। कहा, कमीशन लेने वाले अधिकारी का नाम बताएं। इस पर जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि ऐसा कोई अफसर नहीं जो कमीशन न लेता हो। इस पर सीडीओ ने भी तैश में बांह ऊपर उठाकर एलान किया कि वह कमीशन में कोई दिलचस्पी नहीं लेते और यदि किसी का ऐसा कोई ऑफर स्वीकार किया हो तो बताएं। हालांकि बाद में इस कहासुनी का अंत हो गया, लेकिन अंदर ही अंदर आग सुलगती रही जो जलालाबाद में भड़क उठी।
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