Shahjahanpur: स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर, मंकीपॉक्स के मरीजों के लिए अस्पतालों में 70 बेड आरक्षित
स्वास्थ्य विभाग ने मंकी पॉक्स को देखते हुए जिले में तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर सीएचसी-पीएचसी को अलर्ट कर दिया गया। जिले की 15 सीएचसी पर चार-चार बेड मंकी पॉक्स के मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश में मंकी पॉक्स के मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया। सीएचसी और पीएचसी से लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज तक में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने का प्लान तैयार किया गया है। सीएमओ ने जिलेभर में 70 बेड आरक्षित किए हैं। इनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज में दस व हर सीएचसी पर चार-चार बेड मंकी पॉक्स के मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए हैं।
मंकी पॉक्स ने प्रदेश में भी दस्तक दे दी है। गाजियाबाद और औरैया जिले में मंकी पॉक्स के मरीज मिलने के बाद शासन से हर जिले को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मंकी पॉक्स को देखते हुए जिले में तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर सीएचसी-पीएचसी को अलर्ट कर दिया गया। जिले की 15 सीएचसी पर चार-चार बेड मंकी पॉक्स के मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज में दस बेड डाले गए हैं। सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने पीएचसी के डॉक्टरों को निर्देशित किया कि मंकी पॉक्स के लक्षण जैसा मरीज आने पर स्क्रीनिंग की जाए।
विदेश से लौटने वालों पर नजर
मंकी पॉक्स प्रभावित देशों से लौटने वालों की जांच भी की जाएगी। उसके लिए विदेश से लौटने वालों को सूचीबद्ध करते हुए उनसे संपर्क साधने की तैयारी है। वहीं, दूसरी तरफ अस्पतालों की ओपीडी में कोई संदिग्ध व्यक्ति मिलने पर उसकी स्क्रीनिंग कर सैंपल लिया जाएगा।
मंकी पॉक्स को देखते हुए तैयारी कर ली गई। अभी जिले में कोई मरीज सामने नहीं आया है। फिर भी सभी को अलर्ट करते हुए 70 बेड की व्यवस्था की गई। एंबुलेंस को भी अलर्ट कर किया गया है। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ
लक्षण
- तेज बुखार
- मांसपेशियों में दर्द, जकड़न, कमजोरी महसूस होती है
- लिम्फ नोड्स (लसीका ग्रंथियों) में सूजन आने लगती है
- संक्रमण के पांच दिनों में चेचक जैसे निशान आ जाते हैं
- रोगी को ठंड लगती है
बचाव
- संक्रमित व्यक्ति को अलग कमरे में रखें
- संक्रमित के संपर्क में आने पर हाथ अच्छी तरह साबुन से धोएं
- संक्रमित की इस्तेमाल की हुई सामग्री को न छुएं
- मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें।
- तेज बुखार, चकत्ते आने पर तुरंत निजी अस्पताल जाएं।