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सड़कों पर आवारा जानवरों का आतंक, जिम्मेदार बेपरवाह
Updated Wed, 21 Mar 2018 09:03 PM IST
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आवारा जानवर बन रहे मुसीबत
आए दिन हो रही दुर्घटनाएं
नगर पालिका के पास अब तक काजी हाउस की व्यवस्था नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
शहर के व्यस्त इलाकों में अक्सर सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवर खतरे का पर्याय बन रहे हैं। राहगीरों पर हमला कर उनको घायल करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही यह जानवर हादसों का सबब भी बनते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। नगर पालिका के पास अब तक इन आवारा जानवरों को पकडने के लिए टीम और काजी हाउस की व्यवस्था नहीं है।
नगर पालिका की लापरवाही ने शहर में लोगों का रास्ता चलना तक मुश्किल कर रखा है. गली-मोहल्लों में घूमते आवारा जानवर आए दिन लोगों को घायल कर देते हैं। पुवायां क्षेत्र में तो दो लोगों को आवारा सांड के हमले में जान तक गवांनी पड़ी थी। आवारा जानवरों का मुद्दा कई बार नगर पालिका बोर्ड की बैठक में भी उठ चुका है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। शहर के 44 वार्ड में कोई भी ऐसा वार्ड या इलाका नहीं है जहां चार-छह आवारा सांड न घूम रहे हों। विभिन्न चौक-चौराहे पर दुर्गंध देते कूड़े के ढेरों पर गाय, सांड और कुत्तों का जमघट सा लगा रहता है। कई बार जानवर आपस में ही लड़ जाते हैं। इससे अफरा-तफरी मच जाती है। सड़कों पर उपद्रव करने वाले जानवरों के लिए नगर पालिका के पास अब तक कोई ठोस योजना नहीं है। ऐसे जानवरों पर अंकुश लगाने की बात करने पर सिर्फ इतना कह दिया जाता है कि नगर में काजी हाउस निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।
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यह हो तो सुधरें हालात
आवारा जानवरों पर अंकुश के लिए नगर पालिका ठोस कदम ही नहीं उठाती। अगर आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए मोहल्लों में अभियान चले, जो लोग अपने जानवरों को सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और नगर पालिका आवारा घूमने वाले जानवरों को बंद करने के लिए काजी हाउस की व्यवस्था कराए तो निश्चित की हालात में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।
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शहर के अंदर डेयरियां भी बनीं समस्या
समस्या सिर्फ आवारा जानवरों के आतंक से नहीं है। शहर के अंदर डेयरियां भी समस्या बनी हुई हैं। डेयरी संचालकों को कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। सुबह के वक्त डेयरी संचालक जानवरों को गर्रा और खन्नौत नदियों पर ले जाते हैं। शाम को भी उन्हें वापस लाया जाता है। इससे कई जगहों पर जाम की स्थिति बन जाती है।
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वर्जन-
फोटो-4
नगर पालिका आवारा जानवरों के लिए काजी हाउस का जल्द निर्माण कराएगी। इस दिशा में काम चल रहा है। जो लोग अपने जानवरों को खुला छोड़ते हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- एसके सिंह, ईओ नगर पालिका
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आवारा जानवर बन रहे मुसीबत
आए दिन हो रही दुर्घटनाएं
नगर पालिका के पास अब तक काजी हाउस की व्यवस्था नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
शहर के व्यस्त इलाकों में अक्सर सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवर खतरे का पर्याय बन रहे हैं। राहगीरों पर हमला कर उनको घायल करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही यह जानवर हादसों का सबब भी बनते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। नगर पालिका के पास अब तक इन आवारा जानवरों को पकडने के लिए टीम और काजी हाउस की व्यवस्था नहीं है।
नगर पालिका की लापरवाही ने शहर में लोगों का रास्ता चलना तक मुश्किल कर रखा है. गली-मोहल्लों में घूमते आवारा जानवर आए दिन लोगों को घायल कर देते हैं। पुवायां क्षेत्र में तो दो लोगों को आवारा सांड के हमले में जान तक गवांनी पड़ी थी। आवारा जानवरों का मुद्दा कई बार नगर पालिका बोर्ड की बैठक में भी उठ चुका है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। शहर के 44 वार्ड में कोई भी ऐसा वार्ड या इलाका नहीं है जहां चार-छह आवारा सांड न घूम रहे हों। विभिन्न चौक-चौराहे पर दुर्गंध देते कूड़े के ढेरों पर गाय, सांड और कुत्तों का जमघट सा लगा रहता है। कई बार जानवर आपस में ही लड़ जाते हैं। इससे अफरा-तफरी मच जाती है। सड़कों पर उपद्रव करने वाले जानवरों के लिए नगर पालिका के पास अब तक कोई ठोस योजना नहीं है। ऐसे जानवरों पर अंकुश लगाने की बात करने पर सिर्फ इतना कह दिया जाता है कि नगर में काजी हाउस निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।
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यह हो तो सुधरें हालात
आवारा जानवरों पर अंकुश के लिए नगर पालिका ठोस कदम ही नहीं उठाती। अगर आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए मोहल्लों में अभियान चले, जो लोग अपने जानवरों को सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और नगर पालिका आवारा घूमने वाले जानवरों को बंद करने के लिए काजी हाउस की व्यवस्था कराए तो निश्चित की हालात में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।
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शहर के अंदर डेयरियां भी बनीं समस्या
समस्या सिर्फ आवारा जानवरों के आतंक से नहीं है। शहर के अंदर डेयरियां भी समस्या बनी हुई हैं। डेयरी संचालकों को कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। सुबह के वक्त डेयरी संचालक जानवरों को गर्रा और खन्नौत नदियों पर ले जाते हैं। शाम को भी उन्हें वापस लाया जाता है। इससे कई जगहों पर जाम की स्थिति बन जाती है।
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वर्जन-
फोटो-4
नगर पालिका आवारा जानवरों के लिए काजी हाउस का जल्द निर्माण कराएगी। इस दिशा में काम चल रहा है। जो लोग अपने जानवरों को खुला छोड़ते हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- एसके सिंह, ईओ नगर पालिका