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51 हजार से ज्यादा मजदूरों को मिलेंगे एक-एक हजार रुपये
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शाहजहांपुर। कोरोना संकट से निपटने के लिए लॉकडाउन की स्थिति बनने पर भवन निर्माण से लेकर दुकानों, उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को प्रदेश सरकार के स्तर से एक हजार रुपये भरण पोषण भत्ता देने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की घोषणा के बाद श्रम विभाग असंगठित मजदूरों को सूचीबद्ध करने में जुट गया है।
श्रम विभाग में करीब 40 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं, लेकिन पहले चरण में भरण पोषण भत्ता उन्हीं श्रमिकों के खातों में भेजा जाएगा, जिन्होंने अपने पंजीकरण को नवीनीकृत करा लिया है। इनमें से करीब करीब दस हजार श्रमिकों ने नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे में इनमें से 30 हजार और जिले की 1077 ग्राम पंचायतों के 20-20 ऐसे जॉब कार्ड धारक मजदूरों को भरण पोषण भत्ता मिलेगा, जो बेहद गरीब हैं। कुल मिलाकर यह संख्या करीब 51 हजार होगी।
बता दें कि भवन निर्माण और खेत मजदूरी से जिले में करीब तीन लाख श्रमिक जुड़े हैं। इनमेें दो लाख से अधिक मजदूर मनरेगा के तहत जॉब कार्ड धारक हैं। मनरेगा में पंजीकृत ऐसे तमाम जॉब कार्ड धारक एसे हैं, जिन्हेें तीन वर्ष से कोई काम नहीं मिला है। इन्हें रुके हुए पारिश्रमिक का भुगतान होगा, लेकिन भरण पोषण भत्ता की सूची में वही जॉब कार्ड धारक शामिल होंगे जो कार्य की दृष्टि से सक्रिय हैं। मनरेगा उपायुक्त हसीब अंसारी के अनुसार जिले में ऐसे 1.60 लाख एक्टिव जॉब कार्ड धारक हैं, जिन्होंने बीते तीन साल में काम किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अभी शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है और आदेश मिलते ही चयन प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया जाएगा।
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5.75 लाख परिवारों को मिलेगा मुफ्त राशन
जिले में गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 37841 अंत्योदय सहित 5.75 लाख पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा। जिला आपूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान ने बताया कि विशेष परिस्थितियों मेें गरीब परिवारों को राशन वितरण करने के लिए महानगर और तहसील स्तर पर टास्क फोर्स गठित कर गरीब परिवार चिह्नित किए जा रहे हैं।
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श्रम विभाग में करीब 40 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं, लेकिन पहले चरण में भरण पोषण भत्ता उन्हीं श्रमिकों के खातों में भेजा जाएगा, जिन्होंने अपने पंजीकरण को नवीनीकृत करा लिया है। इनमें से करीब करीब दस हजार श्रमिकों ने नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे में इनमें से 30 हजार और जिले की 1077 ग्राम पंचायतों के 20-20 ऐसे जॉब कार्ड धारक मजदूरों को भरण पोषण भत्ता मिलेगा, जो बेहद गरीब हैं। कुल मिलाकर यह संख्या करीब 51 हजार होगी।
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बता दें कि भवन निर्माण और खेत मजदूरी से जिले में करीब तीन लाख श्रमिक जुड़े हैं। इनमेें दो लाख से अधिक मजदूर मनरेगा के तहत जॉब कार्ड धारक हैं। मनरेगा में पंजीकृत ऐसे तमाम जॉब कार्ड धारक एसे हैं, जिन्हेें तीन वर्ष से कोई काम नहीं मिला है। इन्हें रुके हुए पारिश्रमिक का भुगतान होगा, लेकिन भरण पोषण भत्ता की सूची में वही जॉब कार्ड धारक शामिल होंगे जो कार्य की दृष्टि से सक्रिय हैं। मनरेगा उपायुक्त हसीब अंसारी के अनुसार जिले में ऐसे 1.60 लाख एक्टिव जॉब कार्ड धारक हैं, जिन्होंने बीते तीन साल में काम किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अभी शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है और आदेश मिलते ही चयन प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया जाएगा।
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5.75 लाख परिवारों को मिलेगा मुफ्त राशन
जिले में गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 37841 अंत्योदय सहित 5.75 लाख पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा। जिला आपूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान ने बताया कि विशेष परिस्थितियों मेें गरीब परिवारों को राशन वितरण करने के लिए महानगर और तहसील स्तर पर टास्क फोर्स गठित कर गरीब परिवार चिह्नित किए जा रहे हैं।