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330 बेड के अस्पताल में 450 मरीज भर्ती
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शाहजहांपुर। वायरल बुखार के कारण मरीज अस्पतालों में भरे पड़े हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड के लिए मारा-मारी मची है। मरीजों को बेड तक नहीं मिल पा रहा है। 330 बेड के राजकीय मेडिकल कॉलेज में 450 मरीज के भर्ती होने के कारण हालात डगमगा गए हैं। डॉक्टरों को मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज करना पड़ रहा है।
मौसम में परिवर्तन व मच्छरों के कारण वायरल फीवर और मलेरिया के मरीज बढ़ गए हैं। आमतौर पर वायरल फीवर में रोगी को खांसी, जुकाम के साथ हल्का बुखार और बदन दर्द रहता है। इस समय मरीजों को ठंड देकर तेज बुखार आने शिकायत भी है। ठंड देकर तेज बुखार मलेरिया का लक्षण है। चिकित्सक मरीज की मलेरिया की जांच भी करा रहे हैं। इसके अलावा वायरल बुखार की चपेट में भी लोग आने लगे हैं। बड़े पैमाने पर लोगों के बीमार होने के कारण राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड तक फुल हो गए हैं। 330 बेड के अस्पताल में साढ़े चार सौ मरीज भर्ती हैं। उनके लिए अतिरिक्त बेड डाले गए हैं। उसके बाद भी अस्पताल में मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। बुधवार को दोपहर एक बजे ट्रामा सेंटर में मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज करना पड़ा। एक स्ट्रेचर पर दो मरीज तक लेटे मिले। इसके अलावा स्ट्रेचर न होने के कारण रोगियों को बेंच तक पर लिटाकर इलाज कराना पड़ रहा है।
ये करें उपाय
मच्छरों से बचने को दरवाजे व खिड़की पर जाली लगवाएं।
फुल अस्तीन के कपड़े पहने, शरीर के भाग को खुला न छोड़े
कूलर, गमले व आसपास के क्षेत्र में पानी इकट्ठा न होने दें।
बुखार या खांसी होने पर तुरंत ही चिकित्सक से संपर्क करें।
इस समय मलेरिया के रोज दो से तीन मरीज आ रहे हैं। वायरल भी लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इसके लिए सावधानी बरतें। दिक्कत होने पर तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें। खान-पान पर विशेष ध्यान रखें। - डॉ. एमएल अग्रवाल, फिजिशियन राजकीय मेडिकल कॉलेज
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इस समय मरीज काफी ज्यादा आ रहे हैं। 330 बेड के अस्पताल में चार सौ से अधिक मरीज भर्ती हैं। मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। - डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य
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मौसम में परिवर्तन व मच्छरों के कारण वायरल फीवर और मलेरिया के मरीज बढ़ गए हैं। आमतौर पर वायरल फीवर में रोगी को खांसी, जुकाम के साथ हल्का बुखार और बदन दर्द रहता है। इस समय मरीजों को ठंड देकर तेज बुखार आने शिकायत भी है। ठंड देकर तेज बुखार मलेरिया का लक्षण है। चिकित्सक मरीज की मलेरिया की जांच भी करा रहे हैं। इसके अलावा वायरल बुखार की चपेट में भी लोग आने लगे हैं। बड़े पैमाने पर लोगों के बीमार होने के कारण राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड तक फुल हो गए हैं। 330 बेड के अस्पताल में साढ़े चार सौ मरीज भर्ती हैं। उनके लिए अतिरिक्त बेड डाले गए हैं। उसके बाद भी अस्पताल में मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। बुधवार को दोपहर एक बजे ट्रामा सेंटर में मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज करना पड़ा। एक स्ट्रेचर पर दो मरीज तक लेटे मिले। इसके अलावा स्ट्रेचर न होने के कारण रोगियों को बेंच तक पर लिटाकर इलाज कराना पड़ रहा है।
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ये करें उपाय
मच्छरों से बचने को दरवाजे व खिड़की पर जाली लगवाएं।
फुल अस्तीन के कपड़े पहने, शरीर के भाग को खुला न छोड़े
कूलर, गमले व आसपास के क्षेत्र में पानी इकट्ठा न होने दें।
बुखार या खांसी होने पर तुरंत ही चिकित्सक से संपर्क करें।
इस समय मलेरिया के रोज दो से तीन मरीज आ रहे हैं। वायरल भी लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इसके लिए सावधानी बरतें। दिक्कत होने पर तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें। खान-पान पर विशेष ध्यान रखें। - डॉ. एमएल अग्रवाल, फिजिशियन राजकीय मेडिकल कॉलेज
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इस समय मरीज काफी ज्यादा आ रहे हैं। 330 बेड के अस्पताल में चार सौ से अधिक मरीज भर्ती हैं। मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। - डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य