फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   25 lakh waste in 19 days

19 दिन में 25 लाख खर्च करने का लक्ष्य

Thu, 12 Mar 2015 07:49 PM IST
शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर। Updated Thu, 12 Mar 2015 07:49 PM IST
विज्ञापन
 चालू वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले अन्य विभागों की तरह पंचायत राज विभाग ने भी बजट की अवशेष धनराशि खर्च करने की मुहिम छेड़ दी है। वित्त वर्ष के शेष बचे 19 दिन में 450 शौचालयों समेत बंडा गांव में पंचायत घर बनाने के लिए विभाग ने 25.40 लाख रुपये की बजट राशि खर्च करने का अघोषित लक्ष्य तय करके उसी के अनुरूप सारे काम तेज करा दिए हैं। ऐसे में कामों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2012 से निर्मल भारत अभियान की शुरुआत की। तब से अब तक जिले को 22006 शौचालय बनाने का लक्ष्य मिल चुका है। इसके बावजूद गुजरे सालों के तमाम शौचालय नहीं बन पाए। चालू वित्त वर्ष की बात करें तो केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा मद से निर्माण बजट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी 12950 लक्ष्य के सापेक्ष अभी लगभग 70 प्रतिशत शौचालय बन पाए हैं।
विज्ञापन

हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि बीते फरवरी माह के अंत तक 17656 शौचालय बनाकर 80 फीसदी लक्ष्यपूर्ति कर ली गई है, लेकिन शेष 20 फीसदी शौचालय 31 मार्च तक तैयार हो पाने में संदेह है।
विज्ञापन
विज्ञापन

00
बंडा में पंचायत घर की नींव भराई में आई तेजी
चालू वित्त वर्ष में पंचायत राज विभाग के भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव चौढ़ेरा और बंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बंडा में दस-दस लाख रुपये की लागत से दो पंचायत घर बनवाने का लक्ष्य दिया गया। चौढ़ेरा मेें पंचायत घर की बिल्डिंग बनने के बाद प्लास्टर हो चुका है और वहां फर्श का निर्माण भी समाप्ति की ओर है, लेकिन बंडा में यह काम बुरी तरह पिछड़ गया। वहां पंचायत घर की चयनित जमीन पर अभी केवल नींव भराई का काम हो पाया है। फिलहाल, वहां मिट्टी कार्य हो रहा है। बिल्डिंग सीमित समय में कैसे बन पाएगी, यह सवाल अफसरों को भी सता रहा है।
 000
421 स्कूलों के शौचालय सिर्फ दिखावटी   
जिले केे 421 परिषदीय स्कूलों के शौचालय इस्तेमाल लायक नहीं होने से केवल दिखावटी हैं। पंचायत राज और बेसिक शिक्षा विभाग के फेर में तमाम छात्र-छात्राओं को स्कूल में आने पर खुले में शौच जाने को मजबूर होना पड़ता है। नगर क्षेत्र के 17 परिषदीय स्कूलों में शौचालय बनाने की जगह नहीं है। इसमें किराए के भवनों में संचालित हो रहे शहर के 10 और तिलहर के सात विद्यालय शामिल हैं। देहात क्षेत्र के 315 प्राथमिक स्कूल, 104 उच्च प्राथमिक स्कूलों के साथ ही नगर क्षेत्र के दो स्कूलों के शौचालय मरम्मत करने के योग्य हैं।

000
इसलिए पंचायती निर्माण कार्यों में हुई देरी
डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद पंचायती राज विभाग के शौचालय और पंचायत भवनों के निर्माण में देरी के लिए कई कारण गिनाते हैं। उनका कहना है कि नदियों से खनन पर प्रतिबंध लगा होने से लाभार्थियों को समय से रेत नहीं मिल पाई और मनरेगा से अंशदान मिलने में देरी से शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। डीपीआरओ के अनुसार बंडा के पंचायत घर के लिए वहीं की ग्राम पंचायत को शासन से बजट राशि में देरी हुई। बंडा की ग्राम प्रधान सरिता देवी के अनुसार ग्राम पंचायत अधिकारी के तबादले के बाद से नई पोस्टिंग नहीं होने से पंचायत घर का निर्माण कार्य देर से शुरू हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed