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शेयर बाजार में गिरावट का असर: शीर्ष 10 कंपनियों में 7 का मार्केट कैप घटा, एयरटेल-रिलायंस के निवेशकों को झटका
Sun, 30 Aug 2026 01:22 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:22 PM IST
सार
भारतीय शेयर बाजार में जारी नरमी ने देश की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों के मूल्यांकन को प्रभावित किया है। बीते कारोबारी सप्ताह में शीर्ष 10 कंपनियों में सात के बाजार पूंजीकरण में संयुक्त रूप से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी दर्ज की गई। भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट कैप में सबसे बड़ी गिरावट रही।
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क्या बदलेगा शेयर बाजार का मिजाज?
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
शेयर बाजार में लगातार बनी कमजोरी का असर देश की सबसे मूल्यवान 10 कंपनियों पर भी पड़ा है। बीते सप्ताह शीर्ष 10 कंपनियों में से सात के संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में 1.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई। इस दौरान भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
पिछले सप्ताह बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 276.32 अंक यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 76.35 अंक यानी 0.31 प्रतिशत कमजोर रहा।
क्यों गिरी टॉप 10 कंपनियों की मार्केट कैप?
रिलायंस ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार पिछले सप्ताह सतर्क रुख के साथ बंद हुए और हालिया गिरावट का सिलसिला जारी रहा। वैश्विक ब्याज दरों को लेकर चिंता, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था से जुड़ी अस्थिरता ने निवेशकों के रुख को प्रभावित किया।
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उन्होंने कहा कि शुक्रवार को वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों से मिले सकारात्मक संकेतों के बाद सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई, जिससे बाजार में तेजी से सुधार आया। हालांकि, प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे सप्ताह दबाव में रहे।
एयरटेल और रिलायंस का मार्केट कैप सबसे ज्यादा घटा
बीते सप्ताह भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 40,500.85 करोड़ रुपये घटकर 11,74,462.30 करोड़ रुपये रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप भी 40,056.32 करोड़ रुपये कम होकर 17,38,119.27 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में 11,558.35 करोड़ रुपये की कमी आई और यह घटकर 11,09,600.70 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 10,086.05 करोड़ रुपये घटकर 6,70,535.57 करोड़ रुपये हो गया।
लार्सन एंड टुब्रो का बाजार पूंजीकरण 6,473.45 करोड़ रुपये घटकर 5,55,987.49 करोड़ रुपये रह गया। भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी का मार्केट कैप 3,162.5 करोड़ रुपये घटकर 5,32,817.81 करोड़ रुपये हो गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में भी 1,550.73 करोड़ रुपये की कमी आई और यह घटकर 4,72,361.83 करोड़ रुपये रह गया।
इन तीन कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा
दूसरी ओर, तीन कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में बीते सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस का मार्केट कैप 16,643.2 करोड़ रुपये बढ़कर 8,48,079.71 करोड़ रुपये हो गया। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 4,475.28 करोड़ रुपये बढ़कर 10,22,805.73 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक का 599.99 करोड़ रुपये बढ़कर 9,65,568.75 करोड़ रुपये हो गया।
रिलायंस सबसे आगे
मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।
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पिछले सप्ताह बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 276.32 अंक यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 76.35 अंक यानी 0.31 प्रतिशत कमजोर रहा।
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क्यों गिरी टॉप 10 कंपनियों की मार्केट कैप?
रिलायंस ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार पिछले सप्ताह सतर्क रुख के साथ बंद हुए और हालिया गिरावट का सिलसिला जारी रहा। वैश्विक ब्याज दरों को लेकर चिंता, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था से जुड़ी अस्थिरता ने निवेशकों के रुख को प्रभावित किया।
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उन्होंने कहा कि शुक्रवार को वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों से मिले सकारात्मक संकेतों के बाद सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई, जिससे बाजार में तेजी से सुधार आया। हालांकि, प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे सप्ताह दबाव में रहे।
एयरटेल और रिलायंस का मार्केट कैप सबसे ज्यादा घटा
बीते सप्ताह भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 40,500.85 करोड़ रुपये घटकर 11,74,462.30 करोड़ रुपये रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप भी 40,056.32 करोड़ रुपये कम होकर 17,38,119.27 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में 11,558.35 करोड़ रुपये की कमी आई और यह घटकर 11,09,600.70 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 10,086.05 करोड़ रुपये घटकर 6,70,535.57 करोड़ रुपये हो गया।
लार्सन एंड टुब्रो का बाजार पूंजीकरण 6,473.45 करोड़ रुपये घटकर 5,55,987.49 करोड़ रुपये रह गया। भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी का मार्केट कैप 3,162.5 करोड़ रुपये घटकर 5,32,817.81 करोड़ रुपये हो गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में भी 1,550.73 करोड़ रुपये की कमी आई और यह घटकर 4,72,361.83 करोड़ रुपये रह गया।
इन तीन कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा
दूसरी ओर, तीन कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में बीते सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस का मार्केट कैप 16,643.2 करोड़ रुपये बढ़कर 8,48,079.71 करोड़ रुपये हो गया। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 4,475.28 करोड़ रुपये बढ़कर 10,22,805.73 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक का 599.99 करोड़ रुपये बढ़कर 9,65,568.75 करोड़ रुपये हो गया।
रिलायंस सबसे आगे
मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।