{"_id":"5cf2c5a6bdec2207266883b4","slug":"155941422820-shahjahanpur-news98","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेंटिनेंस स्टाफ की चूक से हुआ था ट्रेन में शार्ट सर्किट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेंटिनेंस स्टाफ की चूक से हुआ था ट्रेन में शार्ट सर्किट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। जम्मूतवी एक्सप्रेस के जनरल कोच में शार्ट सर्किट से आग लगने के मामले में ज्वाइंट टीम ने जांच पूरी कर ली है। पांच सदस्यों की टीम ने जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। शार्ट सर्किट से आग लगने का कारण मेंटिनेंस स्टाफ की चूक सामने आई है। गौर करने वाली बात यह है कि ट्रेन मेंटिनेंस के लिए छह घंटे कोलकाता और छह घंटे जम्मू में रुकी थी। इसके बाद भी ढीली वायरिंग नहीं देखी गई।
डाउन 13152 जम्मूतवी एक्सप्रेस के जनरल कोच ई- 10412 में शुक्रवार को बरेली के रसोइया-पीतांबरपुर स्टेशन के बीच शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। गार्ड और ट्रेन में तैनात एस्कॉर्ट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। शाहजहांपुर पहुंचने पर ट्रेन के कोच को कैरिज एंड वैगन विभाग ने सील कर दिया। जांच के लिए पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी। डीओएम प्रभाष राघव, एसएस मनोज कुमार, आरपीएफ कमांडेंट वीके सिंह, सीएंड डब्ल्यू प्रमुख डीके अमन की टीम ने जांच की। इसमें पाया गया है कि जनरल कोच में सीट नंबर 42 से 49 के बीच सीलिंग पर पंखे के पास बिजली का तार ढीला होने से आग लगी थी। कोलकाता से जम्मू रवाना होने से पहले ट्रेन मेंटिनेंस के लिए कोलकाता में छह घंटे रुकी थी। इसके बाद डाउन में जम्मू से रवाना होने से पहले यहां भी छह घंटे मेंटिनेंस के लिए रुकी थी। जांच कमेटी ने प्रथम दृष्टया प्राइमरी मेंटिनेंस स्टाफ और ट्रेन लाइटिंग स्टाफ को दोषी पाया है। मामले में रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।
जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। प्रथम दृष्टया प्राइमरी मेंटिनेंस स्टाफ और ट्रेन लाइटिंग स्टाफ की चूक सामने आई है। मेंटिनेंस के लिए ट्रेन पहले कोलकाता और बाद में जम्मू में छह-छह घंटे रुकी थी। इसके बाद भी यह चूक हुई।
विज्ञापन
- मनोज कुमार, एसएस
विज्ञापन
डाउन 13152 जम्मूतवी एक्सप्रेस के जनरल कोच ई- 10412 में शुक्रवार को बरेली के रसोइया-पीतांबरपुर स्टेशन के बीच शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। गार्ड और ट्रेन में तैनात एस्कॉर्ट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। शाहजहांपुर पहुंचने पर ट्रेन के कोच को कैरिज एंड वैगन विभाग ने सील कर दिया। जांच के लिए पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी। डीओएम प्रभाष राघव, एसएस मनोज कुमार, आरपीएफ कमांडेंट वीके सिंह, सीएंड डब्ल्यू प्रमुख डीके अमन की टीम ने जांच की। इसमें पाया गया है कि जनरल कोच में सीट नंबर 42 से 49 के बीच सीलिंग पर पंखे के पास बिजली का तार ढीला होने से आग लगी थी। कोलकाता से जम्मू रवाना होने से पहले ट्रेन मेंटिनेंस के लिए कोलकाता में छह घंटे रुकी थी। इसके बाद डाउन में जम्मू से रवाना होने से पहले यहां भी छह घंटे मेंटिनेंस के लिए रुकी थी। जांच कमेटी ने प्रथम दृष्टया प्राइमरी मेंटिनेंस स्टाफ और ट्रेन लाइटिंग स्टाफ को दोषी पाया है। मामले में रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।
विज्ञापन
जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। प्रथम दृष्टया प्राइमरी मेंटिनेंस स्टाफ और ट्रेन लाइटिंग स्टाफ की चूक सामने आई है। मेंटिनेंस के लिए ट्रेन पहले कोलकाता और बाद में जम्मू में छह-छह घंटे रुकी थी। इसके बाद भी यह चूक हुई।
विज्ञापन
- मनोज कुमार, एसएस