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आशा बहू, सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई के निर्देश
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:16 AM IST
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फर्जी खाता खुलवाकर लिया इंदिरा आवास
आशा बहू, सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई के निर्देश
0 आशा बहू का पति है गांव का रोजगार सेवक
0 बैंक में गलत नाम से खाता खुलवाकर इंदिरा आवास लेने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां (शाहजहांपुर)। एसडीएम ने एक आशा बहू, उसके पति रोजगार सेवक, तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश बीडीओ को दिए हैं। आरोप है कि आशा बहू ने दूसरे नाम से खाता खुलवाकर इंदिरा आवास प्राप्त किया है। आशा बहू का पति गांव में ही रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत है।
गांव घनश्यामपुर खुर्द निवासी रीता देवी आशा बहू के पद पर कार्यरत हैं। रीता के पति कामेश कुमार रोजगार सेवक हैं। गांव के ही इमरान खां ने जून 18 में एसडीएम से शिकायत की थी कि गांव में वर्ष 2013 में रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार के नाम इंदिरा आवास स्वीकृत हुआ था। कामेश कुमार और उसकी पत्नी ने तत्कालीन सचिव से सांठगांठ कर ली और रीता देवी ने बैंक ऑफ इंडिया की पुवायां शाखा में रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार के नाम से खाता खुलवा लिया। पहचान के लिए बैंक को मतदाता कार्ड की छाया प्रति दी गई जो रीता देवी की थी, लेकिन उस पर रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार लिखवा कर बैंक में दे दिया गया। बैंक में फोटो रीता देवी ने खुद का लगाया। जबकि वोटर लिस्ट में सही नाम रीता देवी ही दर्ज है और वह आशा बहू के पद पर रीता नाम से काम कर रही हैं।
बाद में इसी खाते में रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार के नाम से इंदिरा आवास की राशि आई और रीता देवी ने आवास बनवा लिया। वर्तमान में वह इसी आवास में रहती हैं और गांव में रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार नाम की कोई भी महिला नहीं है। एसडीएम ने मामले की जांच बीडीओ को सौंपी। बीडीओ ने एडीओ सहकारिता से जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। आख्या मिलने पर एसडीएम ने बीडीओ को 25 जुलाई को लिखा कि जांच से पता चलता है कि रीता देवी (आशा) पत्नी कामेश कुमार (रोजगार सेवक) को अनुचित रूप से दुरभिसंधि कर लाभ पहुंचाया गया है, जबकि रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार नाम का लाभार्थी गांव में नहीं है। इस कारण प्रकरण में लिप्त सभी लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर अवगत कराएं, लेकिन अभी तक बीडीओ ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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आरोप निराधार, दोनों नाम मेरे
पुवायां। आरोपी आशा बहू रीता देवी का कहना है कि उसके मतदाता कार्ड पर उसका गलत नाम रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार अंकित हो गया। बाद में उसने इसी नाम से खाता खुलवा लिया और इंदिरा आवास की राशि आने पर आवास बनवा लिया। आशा बहू के अनुसार रीता पत्नी कामेश कुमार और रीना पत्नी कमलेश कुमार दोनों ही नाम उसके हैं। उसने कोई धोखाधड़ी नहीं की है। रंजिशन आरोप लगाया जा रहा है। बीडीओ शिवशंकर गौतम ने बताया कि आशा बहू का स्पष्टीकरण मांगा गया था। वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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आशा बहू, सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई के निर्देश
0 आशा बहू का पति है गांव का रोजगार सेवक
0 बैंक में गलत नाम से खाता खुलवाकर इंदिरा आवास लेने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां (शाहजहांपुर)। एसडीएम ने एक आशा बहू, उसके पति रोजगार सेवक, तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश बीडीओ को दिए हैं। आरोप है कि आशा बहू ने दूसरे नाम से खाता खुलवाकर इंदिरा आवास प्राप्त किया है। आशा बहू का पति गांव में ही रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत है।
गांव घनश्यामपुर खुर्द निवासी रीता देवी आशा बहू के पद पर कार्यरत हैं। रीता के पति कामेश कुमार रोजगार सेवक हैं। गांव के ही इमरान खां ने जून 18 में एसडीएम से शिकायत की थी कि गांव में वर्ष 2013 में रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार के नाम इंदिरा आवास स्वीकृत हुआ था। कामेश कुमार और उसकी पत्नी ने तत्कालीन सचिव से सांठगांठ कर ली और रीता देवी ने बैंक ऑफ इंडिया की पुवायां शाखा में रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार के नाम से खाता खुलवा लिया। पहचान के लिए बैंक को मतदाता कार्ड की छाया प्रति दी गई जो रीता देवी की थी, लेकिन उस पर रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार लिखवा कर बैंक में दे दिया गया। बैंक में फोटो रीता देवी ने खुद का लगाया। जबकि वोटर लिस्ट में सही नाम रीता देवी ही दर्ज है और वह आशा बहू के पद पर रीता नाम से काम कर रही हैं।
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बाद में इसी खाते में रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार के नाम से इंदिरा आवास की राशि आई और रीता देवी ने आवास बनवा लिया। वर्तमान में वह इसी आवास में रहती हैं और गांव में रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार नाम की कोई भी महिला नहीं है। एसडीएम ने मामले की जांच बीडीओ को सौंपी। बीडीओ ने एडीओ सहकारिता से जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। आख्या मिलने पर एसडीएम ने बीडीओ को 25 जुलाई को लिखा कि जांच से पता चलता है कि रीता देवी (आशा) पत्नी कामेश कुमार (रोजगार सेवक) को अनुचित रूप से दुरभिसंधि कर लाभ पहुंचाया गया है, जबकि रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार नाम का लाभार्थी गांव में नहीं है। इस कारण प्रकरण में लिप्त सभी लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर अवगत कराएं, लेकिन अभी तक बीडीओ ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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आरोप निराधार, दोनों नाम मेरे
पुवायां। आरोपी आशा बहू रीता देवी का कहना है कि उसके मतदाता कार्ड पर उसका गलत नाम रीना देवी पत्नी कमलेश कुमार अंकित हो गया। बाद में उसने इसी नाम से खाता खुलवा लिया और इंदिरा आवास की राशि आने पर आवास बनवा लिया। आशा बहू के अनुसार रीता पत्नी कामेश कुमार और रीना पत्नी कमलेश कुमार दोनों ही नाम उसके हैं। उसने कोई धोखाधड़ी नहीं की है। रंजिशन आरोप लगाया जा रहा है। बीडीओ शिवशंकर गौतम ने बताया कि आशा बहू का स्पष्टीकरण मांगा गया था। वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।