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जलस्तर बढ़ने से खतरनाक हुई घाघरा नदी

Mon, 15 Jul 2019 09:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2019 09:57 PM IST
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Water level increase in river ghaghra, people afraid
धनघटा तहसील क्षेत्र के गायघाट गांव के सामने कटान कर रही घाघरा नदी को देखते गांव के लोग। - फोटो : KHALILABAD
गायघाट के पास कटान शुरू, बढ़ा खतरा
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- तीन दिन में ही करीब 400 बीघा खेत काट चुकी है घाघरा नदी
- गांव व नदी के बीच बमुश्किल तीन सौ मीटर का बचा है गैप
- मेंहदावल क्षेत्र में राप्ती नदी तटबंध के नजदीक पहुंच गई है
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। लगातार बारिश से जिले से होकर बहने वाली नदियां भी उफान पर हैं। आमी नदी जहां कबीर चौरा परिसर के सामने ही कटान कर रही है तो वहीं घाघरा (सरयू) नदी धनघटा क्षेत्र के गायघाट गांव में तेजी से खेती वाली जमीन को निगल रही है। नदी तीन दिन में हीं यहां करीब 400 बीघा खेतों को काट चुकी है। मेंहदावल क्षेत्र में लोग राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा होने से लोग चिंतित हैं। हालांकि सोमवार को बारिश तो नहीं हुई लेकिन नदियों का रुख देखकर किनारे बसे गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से सहम गए हैं।
हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। नदी तीन दिनों से गायघाट गांव के सामने कटान कर रही है। नदी व गांव के बीच अब बमुश्किल 300 मीटर का गैप बचा है। जिस रफ्तार से कटान हो रहा है, नदी जल्दी ही आबादी तक पहुंच जाएगी। एमबीडी बांध व घाघरा नदी के बीच बसे गायघाट गांव के सामने कटान नहीं रुका तो ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सुअरहा, सरैया, खरैया, दौलतपुर आदि गांवों का वजूद भी खतरे में पड़ जाएगा। गायघाट के ग्राम प्रधान रामनयन ने बताया कि नदी ने तीन दिन में ही करीब 400 बीघा खेती को काटकर अपने में मिला लिया है। वहीं रामसुरेश मौर्या, रमाकांत निषाद, बालेंद्र, राजाराम निषाद, रामनरेश, दशरथ, संपत, देवमणि आदि का कहना है कि नदी बरसात की शुरूआत में ही ऊफान पर है और तेजी से आबादी की तरफ बढ़ रही है। अगर यही स्थिति रही तो क्षेत्र के 38 गांवों को बाढ़ की विभिषिका झेलनी पड़ेगी। एसडीएम धनघटा प्रमोद कुमार का कहना है कि राजस्व कर्मियों को नदी के जलस्तर पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
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मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार राप्ती का जलस्तर बीते 24 घंटे से एक समान बना हुआ है। रविवार की दोपहर में बेलौली तटबंध पर जलस्तर 77.75 सेमी मापा गया था। सोमवार को दोपहर 12 बजे तक नदी का जलस्तर इसी लेवल पर स्थिर था। नदी करमैनी-बेलौली तटबंध के नजदीक बह रही है। तटबंध की हालत जर्जर है। कई जगह पर रेनकट व रैट होल हैं। बाढ़ खंड डिविजन की तरफ से ईंट के टुकड़ों से तटबंध के जर्जर हिस्से को भरा जा रहा है। परंतु नदी के रुख का देखकर लोग सहमे हुए हैं। जलस्तर बढ़ा तो बांध पानी का दबाव नहीं झेल पाएगा।
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वहीं इस संबंध में मेंहदावल क्षेत्र के सहायक अभियंता रामउजागीर लाल का कहना है कि सोमवार को शाम चार बजे जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है। तटबंध की सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थलों पर कार्य कराए जा रहे हैं। प्रभारी एक्सईएन डीएन राम का कहना है कि राप्ती, घाघरा और आमी नदी के कटान पर नजर रखी जा रही है। सभी बांध पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
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