{"_id":"692f3555a7ed5f7a3b0d711a","slug":"village-secretaries-wore-black-bands-to-protest-online-attendance-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-142177-2025-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में ग्राम सचिवों ने काली पट्टी बांधकर किया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में ग्राम सचिवों ने काली पट्टी बांधकर किया काम
Wed, 03 Dec 2025 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 03 Dec 2025 12:22 AM IST
विज्ञापन
सेमरियावां ब्लॉक पर धरना देते सचिव- संवाद
सेमरियावां। ब्लाॅक कार्यालय परिसर में मंगलवार को सचिवों ने काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध किया। वे चार दिसंबर तक काली पट्टी बांध कर शासकीय कार्य करेंगे। पांच दिसंबर कोबीडीओ के माध्यम मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देंगे।
ग्राम सचिव योगेंद्र्र कुमार गौड़, रजनी सिंह, कुणाल सिंह, राहुल यादव, विमला यादव, संतोष पांडेय, असदुल्लाह खान, अस्तित्व गोस्वामी, अनिल कुमार चौधरी, गुलाब चंद, प्रवेश कुमार आदि ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली समेत मूल विभागीय दायित्वों के अतिरिक्त अन्य विभागीय कार्य कराए जाने का विरोध किया गया है। एक दिन में चार बार ऑनलाइन उपस्थिति संभव नहीं है।
सरकार हमसे बिना संसाधन दिये रोबोट की भाति कार्य लेना चाहती है। दो सौ रुपये साइकिल भत्ता देकर महीने भर ग्राम पंचायत से ब्लाॅक तक और ब्लाॅक से जिला मुख्यालय तक मीटिंग के लिए बुलाया जाता है। जिसके लिए कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता है। बिना मोबाइल और डाटा दिए सभी कार्य हमारे व्यक्तिगत मोबाइल से लिए जाते हैं। अक्सर जूम मीटिंग असमय की जाती है। अन्य विभाग के कार्य हमसे दबाव देकर कराया जाता है। अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर दी जाती है। हमारे ही कार्यों को शासन अपनी उपलब्धि बता कर प्रचारित करता है। हम पर अविश्वास भी करता है। इस दोहरे रवैए का हम सभी विरोध करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम सचिव योगेंद्र्र कुमार गौड़, रजनी सिंह, कुणाल सिंह, राहुल यादव, विमला यादव, संतोष पांडेय, असदुल्लाह खान, अस्तित्व गोस्वामी, अनिल कुमार चौधरी, गुलाब चंद, प्रवेश कुमार आदि ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली समेत मूल विभागीय दायित्वों के अतिरिक्त अन्य विभागीय कार्य कराए जाने का विरोध किया गया है। एक दिन में चार बार ऑनलाइन उपस्थिति संभव नहीं है।
विज्ञापन
सरकार हमसे बिना संसाधन दिये रोबोट की भाति कार्य लेना चाहती है। दो सौ रुपये साइकिल भत्ता देकर महीने भर ग्राम पंचायत से ब्लाॅक तक और ब्लाॅक से जिला मुख्यालय तक मीटिंग के लिए बुलाया जाता है। जिसके लिए कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता है। बिना मोबाइल और डाटा दिए सभी कार्य हमारे व्यक्तिगत मोबाइल से लिए जाते हैं। अक्सर जूम मीटिंग असमय की जाती है। अन्य विभाग के कार्य हमसे दबाव देकर कराया जाता है। अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर दी जाती है। हमारे ही कार्यों को शासन अपनी उपलब्धि बता कर प्रचारित करता है। हम पर अविश्वास भी करता है। इस दोहरे रवैए का हम सभी विरोध करते हैं।
विज्ञापन