फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Trying to heal the wound from the interim budget

अंतरिम बजट से जख्म पर मरहम लगाने की कोशिश

Fri, 01 Feb 2019 11:41 PM IST
राकेश पांडेय संतकबीरनगर
संतकबीरनगर Published by: राकेश पांडेय Updated Fri, 01 Feb 2019 11:41 PM IST
विज्ञापन
Trying to heal the wound from the interim budget
अंतरिम बजट से जख्म पर मरहम लगाने की कोशिश - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
संतकबीरनगर। केंद्र सरकार के अंतरिम बजट पर अलग-अलग वर्गों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आई है। सब इसे जख्म पर मरहम लगाने वाला बता रहे हैं। कर्मचारी आयकर की सीमा बढ़ने से खुश हैं तो पुरानी पेंशन व्यवस्था का जिक्र नहीं होने से दुखी भी हैं। लघु एवं सीमांत किसान भी बजट को अनुकूल बता रहे हैं। आम लोग समयानुकूल बता रहे हैं।  

किसान त्रियुगी नारायण का कहना है कि यह पहली सरकार है, जिसने किसानों के लिए सोचा है। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए बजट में प्रावधान कर सरकार ने खेती से मुंह मोड़ चुके युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया है। यह सराहनीय कदम है। अधिवक्ता रुद्रसेन पांडेय का कहना है कि निजी आयकर दाताओं को छूट और बचत करने पर आयकर स्लैब परिवर्तन से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। इसका असर उनके जीवन स्तर पर भी पड़ेगा। कुल मिलाकर यह जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास है। शिक्षक रामचंद्र शुक्ल ने कहा कि निजी आयकर स्लैब बढ़ाकर पांच लाख रुपये किए जाने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी। वेतन बढ़ोत्तरी के बाद इस स्लैब में वृद्घि की उम्मीद पिछले कई बजट से थी जो इस बार पूरी हुई है हालांकि पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू नहीं होने से नए कर्मचारियों में निराशा है। व्यापारी भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि बजट में व्यापारियों के लिए कुछ खास तो नहीं है लेकिन बचत के लिए आयकर स्लैब में परिवर्तन का लाभ व्यापारियों को भी मिलेगा। सरकार का बजट आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। युवा रामू का कहना है कि सरकार ने सबके लिए कुछ न कुछ जरूर दिया है, लेकिन रोजगार के नए साधनों के विकास पर बहुत जोर नहीं देना आश्चर्यजनक है। बजट में जो प्रावधान किए गए हैं वे हकीकत बने तो अच्छा रहेगा। गृहिणी अनीता वर्मा का कहना है कि इस बार के अंतरित बजट में महिलाओं के लिए कुछ खास नहीं है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य व उज्जवला योजना की चर्चा तो की है लेकिन शहरी महिलाओं का जिक्र तक नहीं है। सरकार को महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिए भी अलग से प्रावधान करना चाहिए था।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed