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Sant Kabir Nagar News: दोगुना रिटर्न देकर बनाया भरोसा, अब रिश्तेदारों के खातों की हो रही जांच
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संतकबीरनगर। शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 130 से अधिक लोगों से 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के मामले में पुलिस की जांच अब आरोपियों के करीबी रिश्तेदारों के बैंक खातों और उनसे खरीदी गई संपत्तियों तक पहुंच गई है। जांच में विक्रांत प्रकाश सिंह के आधा दर्जन से ज्यादा करीबी रिश्तेदारों के खातों में करीब 30 से 40 लाख रुपये भेजे जाने की जानकारी सामने आ रही है।
पुलिस को आशंका है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिये स्थानांतरित कर जमीन और मकान जैसी संपत्तियां खरीदी गईं। मामले में जिला कारागार में बंद धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति से दोबारा पूछताछ के बाद लेनदेन से जुड़ी नई जानकारियां सामने आ रही है।
पुलिस अब संदिग्ध लेनदेन वाले खाताधारकों को नोटिस भेजकर पूछताछ करने की तैयारी में है। वहीं, करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के मामले में 25 सितंबर को न्यायालय में सुनवाई होगी।
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पुलिस की जांच में सामने आए बैंकिंग लेनदेन के आधार पर आरोप है कि विक्रांत प्रकाश सिंह ने पहले अपने कुछ रिश्तेदारों से रकम लेकर अपने दूसरे बैंक खाते में जमा कराई। इसके बाद रकम टीवीएस सॉल्यूशन कंपनी के खातों में स्थानांतरित की गई। बाद में कंपनी के खातों से रिश्तेदारों को उनके मूलधन से दोगुना रिटर्न दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच में अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिश्तेदारों के खातों में रकम किस उद्देश्य से भेजी गई थी। क्या उन्होंने वास्तव में निवेश किया था या फिर निवेशकों से जुटाई गई रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया।
पुलिस संबंधित खाताधारकों की भूमिका को लेकर भी पड़ताल कर रही है। खातों में रकम आने और जाने की तारीख, धनराशि के स्रोत और उसके इस्तेमाल का मिलान किया जा रहा है। खाताधारकों को लेनदेन की जानकारी थी या नहीं, यह भी पूछताछ के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
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टीवीएस सॉल्यूशन के खातों से जमीन और प्लॉट खरीदने की जांच
पुलिस की जांच में टीवीएस सॉल्यूशन के खातों से हुए लेनदेन के बाद जमीन, मकान और प्लॉट खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। आशंका है कि निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम का इस्तेमाल चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
सहजनवा में खरीदे गए एक प्लॉट समेत अन्य संपत्तियों के दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्तियां किसके नाम पर खरीदी गईं और उनके भुगतान के लिए किस खाते से रकम दी गई। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि संपत्ति खरीदने में निवेशकों से जुटाई गई रकम का कितना हिस्सा इस्तेमाल हुआ।
बैंक खातों और संपत्ति के दस्तावेजों का मिलान कर पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच में रिश्तेदारों के खातों से संपत्तियों तक रकम पहुंचने की पुष्टि होने पर इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
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जेल में बंद आरोपियों से दोबारा दर्ज किए बयान
मामले के विवेचक ललितकांत यादव के मुताबिक, आरोपियों के बैंक खातों में कुछ संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। इस संबंध में जिला कारागार में बंद धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति के बयान दोबारा दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। विक्रांत प्रकाश सिंह के करीबी रिश्तेदारों के खातों में रकम पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद संबंधित खाताधारकों को नोटिस भेजकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
जांच का मुख्य बिंदु यह है कि निवेशकों से प्राप्त रकम किस क्रम में अलग-अलग खातों में पहुंची और बाद में उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया। बैंकिंग रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर इस पूरे लेनदेन को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
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चार करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के मामले में 25 को सुनवाई
कथित निवेश ठगी के मामले में आरोपियों की संपत्तियों पर कार्रवाई का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है। करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के मामले में 18 सितंबर को अंतिम बहस हुई थी। अब इस मामले में 25 सितंबर को सुनवाई होनी है।
जांच में सामने आई जमीन, मकान और प्लॉट की खरीद के बीच कुर्की का मामला भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, रिश्तेदारों के खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन और कुर्की के दायरे में आई संपत्तियों के बीच संपत्ति-वार संबंध की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
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पुलिस विवेचना चल रही है। विक्रांत की संपत्ति कुर्की न्यायालय का आदेश होने पर कराई जाएगी। जो तथ्य जांच के दौरान प्रकाश में आ रहे हैं, उन्हें केस हिस्ट्री में शामिल किया जा रहा है।
-अभयनाथ मिश्रा, सीओ धनघटा
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पुलिस को आशंका है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिये स्थानांतरित कर जमीन और मकान जैसी संपत्तियां खरीदी गईं। मामले में जिला कारागार में बंद धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति से दोबारा पूछताछ के बाद लेनदेन से जुड़ी नई जानकारियां सामने आ रही है।
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पुलिस अब संदिग्ध लेनदेन वाले खाताधारकों को नोटिस भेजकर पूछताछ करने की तैयारी में है। वहीं, करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के मामले में 25 सितंबर को न्यायालय में सुनवाई होगी।
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पुलिस की जांच में सामने आए बैंकिंग लेनदेन के आधार पर आरोप है कि विक्रांत प्रकाश सिंह ने पहले अपने कुछ रिश्तेदारों से रकम लेकर अपने दूसरे बैंक खाते में जमा कराई। इसके बाद रकम टीवीएस सॉल्यूशन कंपनी के खातों में स्थानांतरित की गई। बाद में कंपनी के खातों से रिश्तेदारों को उनके मूलधन से दोगुना रिटर्न दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच में अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिश्तेदारों के खातों में रकम किस उद्देश्य से भेजी गई थी। क्या उन्होंने वास्तव में निवेश किया था या फिर निवेशकों से जुटाई गई रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया।
पुलिस संबंधित खाताधारकों की भूमिका को लेकर भी पड़ताल कर रही है। खातों में रकम आने और जाने की तारीख, धनराशि के स्रोत और उसके इस्तेमाल का मिलान किया जा रहा है। खाताधारकों को लेनदेन की जानकारी थी या नहीं, यह भी पूछताछ के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
टीवीएस सॉल्यूशन के खातों से जमीन और प्लॉट खरीदने की जांच
पुलिस की जांच में टीवीएस सॉल्यूशन के खातों से हुए लेनदेन के बाद जमीन, मकान और प्लॉट खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। आशंका है कि निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम का इस्तेमाल चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
सहजनवा में खरीदे गए एक प्लॉट समेत अन्य संपत्तियों के दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्तियां किसके नाम पर खरीदी गईं और उनके भुगतान के लिए किस खाते से रकम दी गई। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि संपत्ति खरीदने में निवेशकों से जुटाई गई रकम का कितना हिस्सा इस्तेमाल हुआ।
बैंक खातों और संपत्ति के दस्तावेजों का मिलान कर पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच में रिश्तेदारों के खातों से संपत्तियों तक रकम पहुंचने की पुष्टि होने पर इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
जेल में बंद आरोपियों से दोबारा दर्ज किए बयान
मामले के विवेचक ललितकांत यादव के मुताबिक, आरोपियों के बैंक खातों में कुछ संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। इस संबंध में जिला कारागार में बंद धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति के बयान दोबारा दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। विक्रांत प्रकाश सिंह के करीबी रिश्तेदारों के खातों में रकम पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद संबंधित खाताधारकों को नोटिस भेजकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
जांच का मुख्य बिंदु यह है कि निवेशकों से प्राप्त रकम किस क्रम में अलग-अलग खातों में पहुंची और बाद में उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया। बैंकिंग रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर इस पूरे लेनदेन को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
चार करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के मामले में 25 को सुनवाई
कथित निवेश ठगी के मामले में आरोपियों की संपत्तियों पर कार्रवाई का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है। करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के मामले में 18 सितंबर को अंतिम बहस हुई थी। अब इस मामले में 25 सितंबर को सुनवाई होनी है।
जांच में सामने आई जमीन, मकान और प्लॉट की खरीद के बीच कुर्की का मामला भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, रिश्तेदारों के खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन और कुर्की के दायरे में आई संपत्तियों के बीच संपत्ति-वार संबंध की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
पुलिस विवेचना चल रही है। विक्रांत की संपत्ति कुर्की न्यायालय का आदेश होने पर कराई जाएगी। जो तथ्य जांच के दौरान प्रकाश में आ रहे हैं, उन्हें केस हिस्ट्री में शामिल किया जा रहा है।
-अभयनाथ मिश्रा, सीओ धनघटा