{"_id":"6a89df0f2f46fa8e3e0d17b6","slug":"trained-in-the-use-of-teaching-methods-khalilabad-news-c-209-1-kld1010-155999-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: शिक्षण विधि उपयोग के लिए किया प्रशिक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: शिक्षण विधि उपयोग के लिए किया प्रशिक्षित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांथा/ मेंहदावल। बीआरसी सभागार में चल रहे अंतिम बैच एफएलएन प्रशिक्षण के चौथे दिन शनिवार को शिक्षकों को गणित और भाषा शिक्षण में प्रिंट- समृद्ध सामग्री और मोबाइल एप के उपयोग की जानकारी दी गई। शिक्षकों को बच्चों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने और सीखने में मदद करने के लिए आवश्यक कौशल व ज्ञान प्रदान करने के लिए जागरूक किया गया।
प्रशिक्षक राकेश कुमार सिंह, उमाशंकर शुक्ल ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रदान करना है। छात्र पढ़ने-लिखने, बोलने व व्याख्या करने में सक्षम होंगे। दैनिक समस्याओं को हल करने में मूलभूत संख्यात्मक विधियों का उपयोग कर सकेंगे। शिक्षकों को कक्षा में उपयोग करने हेतु प्रिंट- समृद्ध सामग्री जैसे चार्ट, पोस्टर और अन्य दृश्य-श्रव्य सामग्री के उपयोग के बारे में बखूबी सिखाया गया।
शिक्षकों को गणित और भाषा शिक्षण में मदद करने के लिए विभिन्न मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में गणित और भाषा शिक्षण के संख्या अवधारणाओं को समझना और भाषा कौशल का विकास करने के बारे में सिखाया गया।
विज्ञापन
भाषा गणित के रिमीडियल शिक्षण का सप्ताह वार विभाजन समझाया गया। प्रशिक्षक विजय कुमार पांडेय ने शिक्षकों को उपचारात्मक शिक्षण विधियों के बारे में जानकारी दी। ताकि वे उन छात्रों की मदद कर सकें जिन्हें सीखने में कठिनाई रही है। शिक्षकों को शिक्षण में शिक्षक संदर्शिका के अनुसार शिक्षण विधि उपयोग करने में प्रशिक्षित किया गया।
शिक्षकों को समूह में बांटकर पाठ समाप्त होने पर आकलन का प्रस्तुतीकरण करने की गतिविधियां कराई गई। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षकों को बच्चों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने और सीखने में मदद करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान प्रदान करना है। इससे बच्चे आसान तरीके से पढ़ने, लिखने, बोलने और समस्याओं को हल करने में सक्षम हो सकेंगे।
इस अवसर पर मुकेश, जमील, शैदा हुसैन, मंजूर अहमद, शिवसहाय समेत कई मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रशिक्षक राकेश कुमार सिंह, उमाशंकर शुक्ल ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रदान करना है। छात्र पढ़ने-लिखने, बोलने व व्याख्या करने में सक्षम होंगे। दैनिक समस्याओं को हल करने में मूलभूत संख्यात्मक विधियों का उपयोग कर सकेंगे। शिक्षकों को कक्षा में उपयोग करने हेतु प्रिंट- समृद्ध सामग्री जैसे चार्ट, पोस्टर और अन्य दृश्य-श्रव्य सामग्री के उपयोग के बारे में बखूबी सिखाया गया।
विज्ञापन
शिक्षकों को गणित और भाषा शिक्षण में मदद करने के लिए विभिन्न मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में गणित और भाषा शिक्षण के संख्या अवधारणाओं को समझना और भाषा कौशल का विकास करने के बारे में सिखाया गया।
विज्ञापन
भाषा गणित के रिमीडियल शिक्षण का सप्ताह वार विभाजन समझाया गया। प्रशिक्षक विजय कुमार पांडेय ने शिक्षकों को उपचारात्मक शिक्षण विधियों के बारे में जानकारी दी। ताकि वे उन छात्रों की मदद कर सकें जिन्हें सीखने में कठिनाई रही है। शिक्षकों को शिक्षण में शिक्षक संदर्शिका के अनुसार शिक्षण विधि उपयोग करने में प्रशिक्षित किया गया।
शिक्षकों को समूह में बांटकर पाठ समाप्त होने पर आकलन का प्रस्तुतीकरण करने की गतिविधियां कराई गई। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षकों को बच्चों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने और सीखने में मदद करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान प्रदान करना है। इससे बच्चे आसान तरीके से पढ़ने, लिखने, बोलने और समस्याओं को हल करने में सक्षम हो सकेंगे।
इस अवसर पर मुकेश, जमील, शैदा हुसैन, मंजूर अहमद, शिवसहाय समेत कई मौजूद रहे।