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Sant Kabir Nagar News: सुक्ष्म उद्योग लगाएं किसान, 35 प्रतिशत अनुदान पाए
Sat, 13 Jan 2024 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 13 Jan 2024 12:02 AM IST
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कृषि विज्ञान केंद्र बगही में दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र पर आत्मा योजना के तहत किसानों के दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हुआ। इसमें सरकार के जरिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि छह लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक सूक्ष्म उद्योग लगाकर किसान 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ ले सकते हैं।
समापन अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि जिला उद्यान विभाग के जरिए चल रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान भाइयों को आगे आना चाहिए। प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण सूक्ष्म उद्योग योजना के तहत छह लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक के ऋण पर 35 फ़ीसदी अनुदान है। जो भी किसान चाहे वह ऋण लेकर उद्योग लगा सकता है। जिससे अपने छोटे उद्योग से आर्थिक उन्नति एवं सामाजिक उत्थान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषक हित समूह को क्षमता संवर्धन के लिए अपनी फसल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जैविक खाद और कीटनाशकों के वैज्ञानिक प्रयोग करें।
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर देवेश कुमार ने किसानों को आधुनिक खेती करने के लिए अपील की और अवशेषों को खेतों में जलाने पर होने वाले नुकसान के संबंध में बताया। उद्यान विभाग के जरिए संचालित प्रशिक्षण में जैम, जैली, अचार, चटनी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
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कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर संदीप सिंह कश्यप, डॉक्टर रत्नाकर पांडेय आदि लोगों ने दो दिनों तक किसानों को वैज्ञानिक खेती करने का तरीका बताया। प्रशिक्षण में विकास खंड साथा, बेलहर कला और सेमरियावां के किसानों ने प्रतिभाग किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र पर आत्मा योजना के तहत किसानों के दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हुआ। इसमें सरकार के जरिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि छह लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक सूक्ष्म उद्योग लगाकर किसान 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ ले सकते हैं।
समापन अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि जिला उद्यान विभाग के जरिए चल रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान भाइयों को आगे आना चाहिए। प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण सूक्ष्म उद्योग योजना के तहत छह लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक के ऋण पर 35 फ़ीसदी अनुदान है। जो भी किसान चाहे वह ऋण लेकर उद्योग लगा सकता है। जिससे अपने छोटे उद्योग से आर्थिक उन्नति एवं सामाजिक उत्थान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषक हित समूह को क्षमता संवर्धन के लिए अपनी फसल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जैविक खाद और कीटनाशकों के वैज्ञानिक प्रयोग करें।
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कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर देवेश कुमार ने किसानों को आधुनिक खेती करने के लिए अपील की और अवशेषों को खेतों में जलाने पर होने वाले नुकसान के संबंध में बताया। उद्यान विभाग के जरिए संचालित प्रशिक्षण में जैम, जैली, अचार, चटनी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
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कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर संदीप सिंह कश्यप, डॉक्टर रत्नाकर पांडेय आदि लोगों ने दो दिनों तक किसानों को वैज्ञानिक खेती करने का तरीका बताया। प्रशिक्षण में विकास खंड साथा, बेलहर कला और सेमरियावां के किसानों ने प्रतिभाग किया।