{"_id":"61cc9a7031fdf54322699da1","slug":"today-was-rain-and-cold-khalilabad-news-gkp421721526","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बढ़ाई गलन, कीचड़ से सनीं सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बढ़ाई गलन, कीचड़ से सनीं सड़कें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बढ़ाई गलन, कीचड़ से सनीं सड़कें
सड़कों पर पसरा सन्नाटा
-सरकारी दफ्तरों में इक्का-दुक्का ही दिखे फरियादी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दो दिनों से मौसम का मिजाज बदलने से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे जहां ठंड के साथ गलन बढ़ गई, वहीं सड़कों पर सन्नाटा छा गया। वहीं सरकारी दफ्तरों में इक्का-दुक्का फरियादी दिखाई दिए। साथ ही शहर से लेकर गांव तक सड़कें कीचड़ से सन गईं। किसानों के लिए यह बारिश मिलाजुला असर लेकर आई है।
मंगलवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदल गया और हल्की बारिश हुई, लेकिन बुधवार सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे खलीलाबाद क्षेत्र में सड़कें कीचड़ से सन गई हैं। जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धनघटा-खलीलाबाद मार्ग, मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग पर कीचड़ फैल गया। फिसलन का भी खतरा भी बढ़ गया है। बारिश की वजह से पुलिस कार्यालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, बीएसए कार्यालय, डीआईओएस कार्यालय समेत अन्य जगहों पर सन्नाटा था। जिन लोगों का घर से निकलना जरूरी था, वे लोग रैनकोट पहन कर या फिर छाता लेकर बाहर निकले। बारिश से बचने के लिए मेंहदावल बाईपास पुल के नीचे लोगों की भीड़ जुटी रही। इसके साथ ही ठंड भी बढ़ गई है, ऐसे में लोग खुद को गर्म रखने के लिए जहां अलाव दिखा वहीं ठहर गए।
गेहूं की फसल को फायदा तो आलू व सरसों की फसल को पहुंचा नुकसान
बारिश के चलते गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। किसानों को सिंचाई के लिए महंगे डीजल खरीदने से निजात मिल गई, लेकिन आलू व सरसों की फसल को नुकसान होने की आशंका है। क्षेत्र में कई जगह सरसों की फसल जमीन पकड़ ली है तो आलू की खेती में पानी लगने से सड़ने की आशंका पैदा हो गई है। किसान रामफेर, दिनेश कुमार आदि ने कहा कि गेहूं की फसल को बारिश से लाभ पहुंचेगा, लेकिन आलू व सरसों की फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
बारिश से अधिकतर किसानों को फायदा होगा। किसानों को गेहूं की सिंचाई से राहत मिल गई है। इतना जरूर है कि आलू व सरसों की फसल को कुछ नुकसान हो सकता है। किसानों को चाहिए कि आलू की फसल में पानी इकट्ठा न होने दें।
पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
सड़कों पर पसरा सन्नाटा
-सरकारी दफ्तरों में इक्का-दुक्का ही दिखे फरियादी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दो दिनों से मौसम का मिजाज बदलने से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे जहां ठंड के साथ गलन बढ़ गई, वहीं सड़कों पर सन्नाटा छा गया। वहीं सरकारी दफ्तरों में इक्का-दुक्का फरियादी दिखाई दिए। साथ ही शहर से लेकर गांव तक सड़कें कीचड़ से सन गईं। किसानों के लिए यह बारिश मिलाजुला असर लेकर आई है।
मंगलवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदल गया और हल्की बारिश हुई, लेकिन बुधवार सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे खलीलाबाद क्षेत्र में सड़कें कीचड़ से सन गई हैं। जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धनघटा-खलीलाबाद मार्ग, मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग पर कीचड़ फैल गया। फिसलन का भी खतरा भी बढ़ गया है। बारिश की वजह से पुलिस कार्यालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, बीएसए कार्यालय, डीआईओएस कार्यालय समेत अन्य जगहों पर सन्नाटा था। जिन लोगों का घर से निकलना जरूरी था, वे लोग रैनकोट पहन कर या फिर छाता लेकर बाहर निकले। बारिश से बचने के लिए मेंहदावल बाईपास पुल के नीचे लोगों की भीड़ जुटी रही। इसके साथ ही ठंड भी बढ़ गई है, ऐसे में लोग खुद को गर्म रखने के लिए जहां अलाव दिखा वहीं ठहर गए।
विज्ञापन
गेहूं की फसल को फायदा तो आलू व सरसों की फसल को पहुंचा नुकसान
बारिश के चलते गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। किसानों को सिंचाई के लिए महंगे डीजल खरीदने से निजात मिल गई, लेकिन आलू व सरसों की फसल को नुकसान होने की आशंका है। क्षेत्र में कई जगह सरसों की फसल जमीन पकड़ ली है तो आलू की खेती में पानी लगने से सड़ने की आशंका पैदा हो गई है। किसान रामफेर, दिनेश कुमार आदि ने कहा कि गेहूं की फसल को बारिश से लाभ पहुंचेगा, लेकिन आलू व सरसों की फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
बारिश से अधिकतर किसानों को फायदा होगा। किसानों को गेहूं की सिंचाई से राहत मिल गई है। इतना जरूर है कि आलू व सरसों की फसल को कुछ नुकसान हो सकता है। किसानों को चाहिए कि आलू की फसल में पानी इकट्ठा न होने दें।
पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी