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Sant Kabir Nagar News: विद्युत कर्मियों ने सरकार को जमकर कोसा
Sat, 18 Mar 2023 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 18 Mar 2023 12:11 AM IST
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धीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देते बिजलीकर्मी।संवाद
तीसरे दिन भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग के लिए तीसरे दिन शुक्रवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने सरकार और प्रबंध तंत्र को जमकर कोसा। चेतावनी दी शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे कर्मियों का उत्पीड़न बंद करें।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारी, जूनियर इंजीनियरों व संविदा कर्मी 72 घंटे की हड़ताल पर हैं। कर्मियों ने कहा कि तीन दिसंबर 2022 को हुए समझौते को लागू किया साए। जब तक ऐसा नहीं होगा आंदोलन चलता रहेगा। संयोजक मनोज कुमार ने कहा कि ओबरा, अनपरा की नई इकाइयां को उत्पादन निगम से छीन कर एनटीपीसी को देने, पारेषण के निजीकरण को रोकने व अन्य न्यायोचित मांगों के सार्थक समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मी शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रबंध तंत्र कर्मियों का उत्पीड़न कर रहा है।
सह संयोजक सुनील प्रजापति ने कहा कि ऊर्जा निगमों में चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के पदों पर समुचित चयन के बाद ही नियुक्त करने, कर्मियों को पूर्व की तरह नौ, 14 एवं 19 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति पद का समयबद्ध वेतनमान देने, कैशलेस इलाज की सुविधा, ट्रांसफार्मर वर्कशॉप का निजीकरण एवं पारेषण विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण के आउट सोर्सिंग के आदेश निरस्त किए जाएं।
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धरने में अमित कुमार सिंह, पंकज कुमार, अरुण गुप्ता, प्रेम प्रकाश वर्मा, लक्ष्मण मिश्र, रविकांत, अवनीश कुमार, धनंजय सिंह, भानुप्रताप, चंद्रभूषण, बेचन प्रसाद, सन्नी देवोल प्रताप आदि शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग के लिए तीसरे दिन शुक्रवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने सरकार और प्रबंध तंत्र को जमकर कोसा। चेतावनी दी शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे कर्मियों का उत्पीड़न बंद करें।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारी, जूनियर इंजीनियरों व संविदा कर्मी 72 घंटे की हड़ताल पर हैं। कर्मियों ने कहा कि तीन दिसंबर 2022 को हुए समझौते को लागू किया साए। जब तक ऐसा नहीं होगा आंदोलन चलता रहेगा। संयोजक मनोज कुमार ने कहा कि ओबरा, अनपरा की नई इकाइयां को उत्पादन निगम से छीन कर एनटीपीसी को देने, पारेषण के निजीकरण को रोकने व अन्य न्यायोचित मांगों के सार्थक समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मी शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रबंध तंत्र कर्मियों का उत्पीड़न कर रहा है।
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सह संयोजक सुनील प्रजापति ने कहा कि ऊर्जा निगमों में चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के पदों पर समुचित चयन के बाद ही नियुक्त करने, कर्मियों को पूर्व की तरह नौ, 14 एवं 19 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति पद का समयबद्ध वेतनमान देने, कैशलेस इलाज की सुविधा, ट्रांसफार्मर वर्कशॉप का निजीकरण एवं पारेषण विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण के आउट सोर्सिंग के आदेश निरस्त किए जाएं।
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धरने में अमित कुमार सिंह, पंकज कुमार, अरुण गुप्ता, प्रेम प्रकाश वर्मा, लक्ष्मण मिश्र, रविकांत, अवनीश कुमार, धनंजय सिंह, भानुप्रताप, चंद्रभूषण, बेचन प्रसाद, सन्नी देवोल प्रताप आदि शामिल रहे।