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Sant Kabir Nagar News: अंग्रेज कैप्टन जसवा का सिर काटकर क्षेत्र में घुमाया था
Tue, 13 Aug 2024 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 13 Aug 2024 12:53 AM IST
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- चौथियार राजपूतों ने कर दिए थे अंग्रेजों के दांत खट्टे
- अंग्रेजों ने क्रांतिकारी का घर उड़वा दिया था और जब्त कर ली थी संपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। आजादी के आंदोलन में मेंहदावल के चौथियार राजपूतों का अहम योगदान रहा। बस्ती में आंदोलन के दौरान यहां के क्रांतिकारियों ने रामप्रताप सिंह के नेतृत्व में अंग्रेज कैप्टन जसवा का सिर काटकर मेंहदावल क्षेत्र में घुमाया था। मेंहदावल के पश्चिम टोला मोहल्ला निवासी चौथियार राजपूत हरि गोविंद सिंह के पुत्र राम प्रताप सिंह के मन में आजादी की आग भड़क रही थी। देश में विद्रोह का स्वर मुखर होते ही वह अपने पिता हरगोविंद सिंह के साथ क्रांतिकारियों की बैठकों में शामिल होने लगे।
बस्ती में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान अंग्रेज पुलिस कैप्टन जसवा ने जब क्रांतिकारियों को दबाने का प्रयास किया तो राम प्रताप सिंह ने उसका सिर काट लिया। सिर काटकर पिता व अन्य साथियों के साथ मेंहदावल क्षेत्र में लेकर घूमने लगे। उन्होंने पूरे क्षेत्र में घूमकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि अंग्रेजी सरकार के अब भारत में दिन लद चुके हैं। गुस्साई अंग्रेजी सरकार ने उनके घर को उड़वा दिया और सारी संपत्ति को जब्त कर लिया। मेंहदावल के कछार क्षेत्र में जपती नाम से क्षेत्र के अभिलेखों में आज भी दर्ज है। देश की आजादी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्ता मेंहदावल आए और उन्होंने क्रांतिकारी हरगोविंद सिंह के दरवाजे पर तिरंगा फहराया था।
आज भी चौथियार पट्टी के क्षत्रिय समाज के लोग अपने पूर्वजों के स्वतंत्रता आंदोलन को याद कर गौरवान्वित होते हैं। चौथियार पट्टी क्षत्रिय समाज के उमेश सिंह, शेष मणि सिंह, राम नारायण सिंह, शिवप्रसाद सिंह, कृष्ण देव सिंह, डॉक्टर ओम हरि सिंह व अन्य का कहना है कि पूर्वजों द्वारा अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन से हमरा सिर ऊंचा हो जाता है। पूर्वजों ने अंग्रेजों के विरुद्ध जो क्रांतिकारी आंदोलन चलाया वह क्षत्रिय समाज के लिए गौरव का इतिहास है। भले ही इस आजादी के आंदोलन में पूर्वजों की जमीन जब्त कर ली गई। मकान बारूद से उड़ा दिए गए, लेकिन आजादी के दीवाने अंग्रेजों के जुल्म के आगे कभी नहीं झुके।
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- अंग्रेजों ने क्रांतिकारी का घर उड़वा दिया था और जब्त कर ली थी संपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। आजादी के आंदोलन में मेंहदावल के चौथियार राजपूतों का अहम योगदान रहा। बस्ती में आंदोलन के दौरान यहां के क्रांतिकारियों ने रामप्रताप सिंह के नेतृत्व में अंग्रेज कैप्टन जसवा का सिर काटकर मेंहदावल क्षेत्र में घुमाया था। मेंहदावल के पश्चिम टोला मोहल्ला निवासी चौथियार राजपूत हरि गोविंद सिंह के पुत्र राम प्रताप सिंह के मन में आजादी की आग भड़क रही थी। देश में विद्रोह का स्वर मुखर होते ही वह अपने पिता हरगोविंद सिंह के साथ क्रांतिकारियों की बैठकों में शामिल होने लगे।
बस्ती में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान अंग्रेज पुलिस कैप्टन जसवा ने जब क्रांतिकारियों को दबाने का प्रयास किया तो राम प्रताप सिंह ने उसका सिर काट लिया। सिर काटकर पिता व अन्य साथियों के साथ मेंहदावल क्षेत्र में लेकर घूमने लगे। उन्होंने पूरे क्षेत्र में घूमकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि अंग्रेजी सरकार के अब भारत में दिन लद चुके हैं। गुस्साई अंग्रेजी सरकार ने उनके घर को उड़वा दिया और सारी संपत्ति को जब्त कर लिया। मेंहदावल के कछार क्षेत्र में जपती नाम से क्षेत्र के अभिलेखों में आज भी दर्ज है। देश की आजादी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्ता मेंहदावल आए और उन्होंने क्रांतिकारी हरगोविंद सिंह के दरवाजे पर तिरंगा फहराया था।
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आज भी चौथियार पट्टी के क्षत्रिय समाज के लोग अपने पूर्वजों के स्वतंत्रता आंदोलन को याद कर गौरवान्वित होते हैं। चौथियार पट्टी क्षत्रिय समाज के उमेश सिंह, शेष मणि सिंह, राम नारायण सिंह, शिवप्रसाद सिंह, कृष्ण देव सिंह, डॉक्टर ओम हरि सिंह व अन्य का कहना है कि पूर्वजों द्वारा अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन से हमरा सिर ऊंचा हो जाता है। पूर्वजों ने अंग्रेजों के विरुद्ध जो क्रांतिकारी आंदोलन चलाया वह क्षत्रिय समाज के लिए गौरव का इतिहास है। भले ही इस आजादी के आंदोलन में पूर्वजों की जमीन जब्त कर ली गई। मकान बारूद से उड़ा दिए गए, लेकिन आजादी के दीवाने अंग्रेजों के जुल्म के आगे कभी नहीं झुके।
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