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Sant Kabir Nagar News: पानी की टंकी का विरोध कर रहे लोगों पर चला कानून का डंडा
Wed, 10 Jan 2024 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 10 Jan 2024 11:26 PM IST
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संतकबीरनगर। धनघटा थाना क्षेत्र में पानी की टंकी का विरोध कर रहे लोगों पर कानून का डंडा चला। माझा चहोड़ा गांव में सरकारी जमीन पर जल निगम पानी की टंकी बनवा रहा था। महिला प्रधान की अगुवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने विरोध जताकर काम को रोकवा दिया। कार्यदायी संस्था के कर्मचारी की तहरीर पर पुलिस ने मामले में महिला प्रधान समेत पांच व 40 से 50 अज्ञात के विरुद्ध केस दर्जकर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, प्रधान का पति थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके इशारे पर विवाद की पटकथा को तैयार की गई। जबकि राजस्व विभाग ने पैमाइश के बाद टंकी निर्माण के लिए जल निगम को हरी झंडी दी थी।
बिहार प्रांत के वैशाली जनपद स्थित मंसूरपुर गांव निवासी फूलबाबू ने अपनी शिकायत में बताया कि नौ जनवरी को वह माझा चहोड़ा में बोर करने के लिए गए हुए थे। गड्ढे में उतरने के बाद कुछ लोग पहुंचकर उनको ऊपर बुलाए और काम करने से मना करते हुए वहां से भगाने लगे। वजह पूछने पर गाली देते हुए लात-घूंसा और थप्पड़ से मारने-पीटने लगे। चिल्लाने पर साथ काम कर रहे अन्य लोगों ने आकर बीच-बचाव किया। इसके बाद आरोपियों ने दोबारा काम करने पर जानमाल की भी धमकी दी। मारपीट की घटना में उनको अंदरूनी चोटें आईं।
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एसओ धनघटा अनिल कुमार ने बताया कि माझा चहोड़ा में विवाद का मामला प्रकाश में आया है। सुअरहा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव किशनपुर की कुछ सरकारी जमीन माझा चहोड़ा में है। जल निगम को पानी की टंकी के लिए जमीन ग्राम पंचायत ने दे दी है। इसको लेकर विवाद पैदा हुआ। इसके बाद राजस्व एवं पुलिस की उपस्थिति में जमीन की पैमाइश और चिह्नांकन के बाद जल निगम को टंकी बनाने के लिए बता दिया गया। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने वहां पहुंचकर विवाद शुरू कर दिया।
शिकायत पर मामले में आरोपी चंद्रशेखर, कौशल्या, कांती देवी, लालचंद, अंकित एवं 40-50 अज्ञात के विरुद्ध बलवा मारपीट के मामले में केस दर्जकर अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, प्रधान का पति थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके इशारे पर विवाद की पटकथा को तैयार की गई। जबकि राजस्व विभाग ने पैमाइश के बाद टंकी निर्माण के लिए जल निगम को हरी झंडी दी थी।
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बिहार प्रांत के वैशाली जनपद स्थित मंसूरपुर गांव निवासी फूलबाबू ने अपनी शिकायत में बताया कि नौ जनवरी को वह माझा चहोड़ा में बोर करने के लिए गए हुए थे। गड्ढे में उतरने के बाद कुछ लोग पहुंचकर उनको ऊपर बुलाए और काम करने से मना करते हुए वहां से भगाने लगे। वजह पूछने पर गाली देते हुए लात-घूंसा और थप्पड़ से मारने-पीटने लगे। चिल्लाने पर साथ काम कर रहे अन्य लोगों ने आकर बीच-बचाव किया। इसके बाद आरोपियों ने दोबारा काम करने पर जानमाल की भी धमकी दी। मारपीट की घटना में उनको अंदरूनी चोटें आईं।
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एसओ धनघटा अनिल कुमार ने बताया कि माझा चहोड़ा में विवाद का मामला प्रकाश में आया है। सुअरहा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव किशनपुर की कुछ सरकारी जमीन माझा चहोड़ा में है। जल निगम को पानी की टंकी के लिए जमीन ग्राम पंचायत ने दे दी है। इसको लेकर विवाद पैदा हुआ। इसके बाद राजस्व एवं पुलिस की उपस्थिति में जमीन की पैमाइश और चिह्नांकन के बाद जल निगम को टंकी बनाने के लिए बता दिया गया। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने वहां पहुंचकर विवाद शुरू कर दिया।
शिकायत पर मामले में आरोपी चंद्रशेखर, कौशल्या, कांती देवी, लालचंद, अंकित एवं 40-50 अज्ञात के विरुद्ध बलवा मारपीट के मामले में केस दर्जकर अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।