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Sant Kabir Nagar News: बेलहसा में शुगर फ्री काला नमक की फसल तैयार
Fri, 21 Nov 2025 02:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 21 Nov 2025 02:06 AM IST
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बेलहसा में काला नमक की नई प्रजाति नरेन्द्र के - वन का निरीक्षण करते उप कृषि निदेशक । स्रोत - स
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तिघरा। बघौली ब्लाॅक के बेलहसा व बरईपार में उप निदेशक कृषि ने काला नमक धान की नई प्रजाति नरेंद्र के-वन का निरीक्षण किया। शुगर फ्री काला नमक की यह प्रजाति क्षेत्र में पहली बार पककर तैयार हुई है।
कृषि विभाग के अधिकारी समय-समय पर फसल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश देते रहे हैं। उत्पादन की मार्केटिंग भी तय की गई है। वहीं, सांभा की नई प्रजाति 1850 व 1853 की भी खेती हुई है, जो सांभा व बासमती की क्राॅस है।
उप निदेशक कृषि डॉ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नरेंद्र के-वन काला नमक की बौनी प्रजाति है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने इसे विकसित किया है। इसकी पैदावार 30 से 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यह पारंपरिक किस्मों की तरह सुगंधित और पौष्टिक है। उन्होंने बताया कि संतकबीरनगर समेत पूर्वांचल के 11 जिलों में इसकी खेती हो सकती है। पूसा नरेंद्र काला नमक की पैदावार पारंपरिक किस्मों से दोगुनी है। इसके पोषण गुण भी उत्तम होते हैं। यह ब्लाइट बैक्टीरिया से भी लड़ने में सक्षम है। यह चावल शुगर होता फ्री है। पकाने पर खुशबू से पूरे घर को भर देता है। पूसा नरेंद्र काला नमक की खेती उन्हीं इलाकों में की जा सकती है जहां काला नमक चावल पहले से पैदा हो रहा है।
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उन्नत खेती को लेकर हमेशा प्रयासरत रहते हैं। उपज की मार्केटिंग को लेकर बेहतर प्लेटफार्म की सुविधा मुहैय्या कराई जाएगी। इस मौके पर बेलहसा के प्रगतिशील किसान राजीव सिंह, दिलीप सिंह, धर्मेन्द्र, कुलदीप सिंह, राकेश दूबे आदि मौजूद रहे।
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कृषि विभाग के अधिकारी समय-समय पर फसल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश देते रहे हैं। उत्पादन की मार्केटिंग भी तय की गई है। वहीं, सांभा की नई प्रजाति 1850 व 1853 की भी खेती हुई है, जो सांभा व बासमती की क्राॅस है।
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उप निदेशक कृषि डॉ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नरेंद्र के-वन काला नमक की बौनी प्रजाति है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने इसे विकसित किया है। इसकी पैदावार 30 से 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यह पारंपरिक किस्मों की तरह सुगंधित और पौष्टिक है। उन्होंने बताया कि संतकबीरनगर समेत पूर्वांचल के 11 जिलों में इसकी खेती हो सकती है। पूसा नरेंद्र काला नमक की पैदावार पारंपरिक किस्मों से दोगुनी है। इसके पोषण गुण भी उत्तम होते हैं। यह ब्लाइट बैक्टीरिया से भी लड़ने में सक्षम है। यह चावल शुगर होता फ्री है। पकाने पर खुशबू से पूरे घर को भर देता है। पूसा नरेंद्र काला नमक की खेती उन्हीं इलाकों में की जा सकती है जहां काला नमक चावल पहले से पैदा हो रहा है।
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उन्नत खेती को लेकर हमेशा प्रयासरत रहते हैं। उपज की मार्केटिंग को लेकर बेहतर प्लेटफार्म की सुविधा मुहैय्या कराई जाएगी। इस मौके पर बेलहसा के प्रगतिशील किसान राजीव सिंह, दिलीप सिंह, धर्मेन्द्र, कुलदीप सिंह, राकेश दूबे आदि मौजूद रहे।