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गोहत्या बंद कराने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो/संतकबीरनगर
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:36 PM IST
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जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा के बैनर तले बुधवार को तमाम लोगों ने गोहत्या बंद कराने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान वक्ताओं ने गो मांस निर्यात सख्ती से बंद करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।
जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान सबल मिश्रा व मंत्री अशोक कुमार आर्य के नेतृत्व में लोग शहर में जुलूस निकाला और पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुुुंचे।
यहां पर प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गाय को माता कहकर पुकारा जाता है। लेकिन सरकार उसी माता के बध के लिए लाइसेंस जारी करती रही है।
स्वतंत्रता के पूर्व इस देश में 300 वध शालाएं थी, जबकि आज 35 हजार वधशालाएं हैं। गोहत्या के कारण देश में कई प्रजाति की गाय समाप्त हो गई है, जो शेष है वह समाप्त होने के कगार पर हैं।
वोट की राजनीति के लिए गो हत्या व गोमांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद ने कहा था कि गौ आदि पशुओं के नाश से राजा और प्रजा का भी नाश हो जाता है। वक्ताओं ने मांग किया कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
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साथ ही गोहत्या व गो मांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में विद्यासागर आर्य, रामदवन आर्य, अखिलेश आर्य, मनोज कुमार आर्य, शंभूनाथ आर्य, गायत्री आर्य, दीपा आर्य, हीरालाल आर्य, देवव्रत आर्य, राहुल आर्य, संजय कुमार मौर्य, मुनिरका चौधरी, अमन विश्वकर्मा, राज रतनसेन सिंह, हियुवा नेता छेदी यादव, आदि लोग शामिल रहे।
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इस दौरान वक्ताओं ने गो मांस निर्यात सख्ती से बंद करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।
जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान सबल मिश्रा व मंत्री अशोक कुमार आर्य के नेतृत्व में लोग शहर में जुलूस निकाला और पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुुुंचे।
यहां पर प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गाय को माता कहकर पुकारा जाता है। लेकिन सरकार उसी माता के बध के लिए लाइसेंस जारी करती रही है।
स्वतंत्रता के पूर्व इस देश में 300 वध शालाएं थी, जबकि आज 35 हजार वधशालाएं हैं। गोहत्या के कारण देश में कई प्रजाति की गाय समाप्त हो गई है, जो शेष है वह समाप्त होने के कगार पर हैं।
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वोट की राजनीति के लिए गो हत्या व गोमांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद ने कहा था कि गौ आदि पशुओं के नाश से राजा और प्रजा का भी नाश हो जाता है। वक्ताओं ने मांग किया कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
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साथ ही गोहत्या व गो मांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में विद्यासागर आर्य, रामदवन आर्य, अखिलेश आर्य, मनोज कुमार आर्य, शंभूनाथ आर्य, गायत्री आर्य, दीपा आर्य, हीरालाल आर्य, देवव्रत आर्य, राहुल आर्य, संजय कुमार मौर्य, मुनिरका चौधरी, अमन विश्वकर्मा, राज रतनसेन सिंह, हियुवा नेता छेदी यादव, आदि लोग शामिल रहे।