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Sant Kabir Nagar News: परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों और सुविधाओं में होगा सुधार

Tue, 01 Sep 2026 12:33 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:33 AM IST
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Academic activities and facilities in council schools will be improved.
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से नई कवायद शुरू की गई है। 15 बिंदुओं पर स्कूलों की जांच की जाएगी। इसके बाद उनकी ग्रेडिंग होगी और उस आधार पर ही स्कूलों को बजट जारी होगा। विद्यालयों की जांच में बच्चों की संख्या, बिजली, पानी, पंखे, भवन समेत अन्य सुविधाएं शामिल होंगी।
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जिले में कुल 1146 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों की संख्या, शैक्षणिक गुणवत्ता, बिजली, पेयजल, पंखे, भवन की स्थिति समेत अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। साथ ही प्रत्येक वर्ष विद्यालय को मिलने वाले बजट और उसके उपयोग की स्थिति भी देखी जाएगी।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडीकेटर सिस्टम के तहत होने वाले सर्वे में विद्यालयों को उनकी व्यवस्थाओं और प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे। यदि किसी विद्यालय में मूलभूत सुविधाएं या शैक्षणिक व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलीं तो इसका असर उसकी वार्षिक ग्रेडिंग पर पड़ेगा।
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ग्रेडिंग के आधार पर मिलने वाले बजट और सुविधाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। इससे विद्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर जोर बढ़ेगा।
जर्जर विद्यालय भवनों को चिह्नित किया जाएगा। तहसील, विकासखंड, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों के विद्यालयों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बीईओ विद्यालयों की सूचनाएं एकत्र कर बीएसए को सौपेंगे। सभी बीईओ अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों की जांच कर सूचनाएं निर्धारित प्रारूप में एकत्र करेंगे। इसके बाद बीएसए स्तर से सभी सूचनाओं को संकलित कर निर्धारित समय पर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से विद्यालयों की वास्तविक स्थिति सामने आने के साथ जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था में तेजी आएगी।

जिले के सभी परिषदीय स्कूलों की 15 बिंदुओं पर जांच की जाएगी। जांच के आधार पर उस स्कूल को मिली ग्रेडिंग के अनुसार बजट जारी किया जाएगा। जांच में स्कूल में बच्चों की संख्या, भवन समेत अन्य जानकारियां एकत्रित कर उसी आधार पर शासन से बजट जारी किया जाएगा।
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