{"_id":"6aea272c5f851f32f6074d9b","slug":"second-batch-of-census-training-completed-1100-enumerators-and-supervisors-trained-khalilabad-news-c-209-1-kld1010-160048-2026-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: जनगणना प्रशिक्षण का दूसरा बैच पूरा, 1100 प्रगणक और पर्यवेक्षक प्रशिक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: जनगणना प्रशिक्षण का दूसरा बैच पूरा, 1100 प्रगणक और पर्यवेक्षक प्रशिक्षित
विज्ञापन
मेंहदावल। तहसील क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में जनगणना-2027 के दूसरे चरण के दूसरे बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को पूरा हो गया। इस दौरान करीब 1100 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। तीसरे बैच में शामिल करीब 500 कर्मियों का प्रशिक्षण बुधवार से शुरू होगा।
एसडीएम शिप्रा पाल और तहसीलदार अल्पिका वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि कोई भी घर या व्यक्ति गणना से छूटने न पाए और किसी की दोबारा गणना न हो। प्रशिक्षुओं को बताया जा रहा है कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की भावी योजनाओं के लिए विश्वसनीय आधार तैयार करने का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना का मुख्य कार्य एक दिसंबर से चार जनवरी तक चलेगा। इसके बाद पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण किया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या के साथ लोगों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। ऐसे में पोर्टल और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम छह नवंबर तक तीन चरणों में पूरा कराया जाएगा। जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य मई में पूरा हो चुका है।
इस अवसर पर ईओ पंकज कुमार, बृजेश कुमार यादव, आलोक कुमार पांडेय, वेदप्रकाश, राजकुमार और भवानी शंकर श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
एसडीएम शिप्रा पाल और तहसीलदार अल्पिका वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि कोई भी घर या व्यक्ति गणना से छूटने न पाए और किसी की दोबारा गणना न हो। प्रशिक्षुओं को बताया जा रहा है कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की भावी योजनाओं के लिए विश्वसनीय आधार तैयार करने का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना का मुख्य कार्य एक दिसंबर से चार जनवरी तक चलेगा। इसके बाद पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण किया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या के साथ लोगों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। ऐसे में पोर्टल और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम छह नवंबर तक तीन चरणों में पूरा कराया जाएगा। जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य मई में पूरा हो चुका है।
इस अवसर पर ईओ पंकज कुमार, बृजेश कुमार यादव, आलोक कुमार पांडेय, वेदप्रकाश, राजकुमार और भवानी शंकर श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।