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गर्मी में सितम ढा रही डायरिया
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 28 May 2018 11:28 PM IST
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अस्पताल के वार्ड में भर्ती डायरिया के मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। पारा चढ़ते ही बीमारियों ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। संयुक्त जिला चिकित्सालय का वार्ड मासूम व वयस्क बीमारों से पट गया है। जबकि ओपीडी में डायरिया पीड़ितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। हाल ये है कि पिछले पांच दिन में चार सौ डायरिया पीड़ित अस्पताल पहुंच चुके हैं।
संयुक्त जिला अस्पताल के सामान्य वार्ड में सोमवार को काफी भीड़ रही। सामान्य वार्ड में करीब 18 मरीज भर्ती मिले। जिनकी परिजन बैठकर निगरानी कर रहे थे। बच्चों और मरीजों को ड्रिप चढ़ रहा था। उधर, ओपीडी का भी कुछ दिनों से बुरा हाल है। यहां पर डायरिया, बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या 100 से 150 है। संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओपीडी में नियमित दर्ज होने वाली पंजिका में पिछले पांच दिन में करीब 400 मरीज डायरिया से पीड़ित इलाज के लिए आ चुके हैं। मई-जून का महीने में गर्मी अपने शबाब पर है। ऐसे मौसम में ज्यादातर लोग चिकनाईयुक्त, बासी भोजन या फिर बाजारों में खुले में बिकने वाले सामानों को खाने-पीने में इस्तेमाल करते हैं। जिसकी वजह से डायरिया फैलती है।
सीएमएस डॉक्टर गिरीश चंद श्रीवास्तव का कहना है कि गर्मी के मौसम में उल्टी-दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस समय ज्यादातर उल्टी-दस्त के मरीज आते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में इस रोग की प्रमुख वजह संतुलित भोजन न मिलना है। पानी भी लोगों को प्रभावित करता है। इसलिए हमेशा इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए।
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संयुक्त जिला अस्पताल के सामान्य वार्ड में सोमवार को काफी भीड़ रही। सामान्य वार्ड में करीब 18 मरीज भर्ती मिले। जिनकी परिजन बैठकर निगरानी कर रहे थे। बच्चों और मरीजों को ड्रिप चढ़ रहा था। उधर, ओपीडी का भी कुछ दिनों से बुरा हाल है। यहां पर डायरिया, बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या 100 से 150 है। संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओपीडी में नियमित दर्ज होने वाली पंजिका में पिछले पांच दिन में करीब 400 मरीज डायरिया से पीड़ित इलाज के लिए आ चुके हैं। मई-जून का महीने में गर्मी अपने शबाब पर है। ऐसे मौसम में ज्यादातर लोग चिकनाईयुक्त, बासी भोजन या फिर बाजारों में खुले में बिकने वाले सामानों को खाने-पीने में इस्तेमाल करते हैं। जिसकी वजह से डायरिया फैलती है।
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सीएमएस डॉक्टर गिरीश चंद श्रीवास्तव का कहना है कि गर्मी के मौसम में उल्टी-दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस समय ज्यादातर उल्टी-दस्त के मरीज आते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में इस रोग की प्रमुख वजह संतुलित भोजन न मिलना है। पानी भी लोगों को प्रभावित करता है। इसलिए हमेशा इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए।
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