{"_id":"6713f186df5b5058110f87ee","slug":"schools-with-20-percent-absent-students-will-not-become-examination-centers-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-122513-2024-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: 20 प्रतिशत अनुपस्थित छात्र वाले विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: 20 प्रतिशत अनुपस्थित छात्र वाले विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
Sat, 19 Oct 2024 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 19 Oct 2024 11:21 PM IST
विज्ञापन
- यूपी बोर्ड की परीक्षा केंद्र बनाने की चल रही तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विवरण मांगना शुरू कर दिया है। नए नियम के मुताबिक अगर वित्त विहीन विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की संख्या के सापेक्ष 20 प्रतिशत भी अनुपस्थित रहे तो ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। साथ ही हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में विद्यार्थियों की संख्या 80 से कम है तो ऐसे विद्यालय भी परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे।
विद्यालयों में संसाधनों के अलावा छात्र-छात्राओं के पंजीकरण की स्थिति, उपस्थिति आदि का विवरण मांगा जा रहा है। इसके अलावा हाईटेंशन लाइन विद्यालय के ऊपर से तो नहीं गुजर रही है। कमरों की संख्या के अलावा स्ट्रांग रूम, सीसीटीवी कैमरे, फर्नीचर आदि के बारे में जानकारियां मांगी गई हैं। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि उच्चाधिकारियेां के जो निर्देश हैं, उसी के अनुसार विद्यालयों का विवरण भेजा जा रहा है। केंद्र परिषद की तरफ से ही बनाए जाते हैं। ऑनलाइन जानकारी विद्यालयों से मांगी जाती है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विवरण मांगना शुरू कर दिया है। नए नियम के मुताबिक अगर वित्त विहीन विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की संख्या के सापेक्ष 20 प्रतिशत भी अनुपस्थित रहे तो ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। साथ ही हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में विद्यार्थियों की संख्या 80 से कम है तो ऐसे विद्यालय भी परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे।
विद्यालयों में संसाधनों के अलावा छात्र-छात्राओं के पंजीकरण की स्थिति, उपस्थिति आदि का विवरण मांगा जा रहा है। इसके अलावा हाईटेंशन लाइन विद्यालय के ऊपर से तो नहीं गुजर रही है। कमरों की संख्या के अलावा स्ट्रांग रूम, सीसीटीवी कैमरे, फर्नीचर आदि के बारे में जानकारियां मांगी गई हैं। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि उच्चाधिकारियेां के जो निर्देश हैं, उसी के अनुसार विद्यालयों का विवरण भेजा जा रहा है। केंद्र परिषद की तरफ से ही बनाए जाते हैं। ऑनलाइन जानकारी विद्यालयों से मांगी जाती है।
विज्ञापन