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Sant Kabir Nagar News: ओडीएफ गांव को मुंह चिढ़ा रहे छत विहीन व अधूरे शौचालय
Wed, 28 Jan 2026 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:09 AM IST
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हैंसर बाजार के ओडीएफ गांव दुघरा उर्फ खैरा में छत विहीन शौचालय-संवाद
धनघटा। विकासखंड हैसर बाजार का ग्राम पंचायत दुघरा उर्फ खैरा को ओडीएफ घोषित किए 4 वर्ष से अधिक का समय गुजर गया। लेकिन शौचालय की छत नहीं लग सकी है।
गांव को खुले में शौचालय मुक्त रखने के लिए शासन ने गांव-गांव भारी पैमाने पर व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कराया। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालय भी बनाए गए। व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण की जिम्मेदारी पहले ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को दी गई थी। बाद में इसे लाभार्थी को स्वत: बनवाना था। लाभार्थी के जरिए बनाए गए शौचालय तो कुछ ठीक-ठाक रहे और उनका उपयोग आज भी हो रहा है। लेकिन, ग्राम पंचायत के माध्यम से बनाए गए शौचालय आज भी आधे-अधूरे पड़े हैं।
ग्राम पंचायत दुघरा उर्फ खैरा में 200 से अधिक व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए जिनमें 65 शौचालय ग्राम पंचायत के जरिए बनाए गए हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। ग्रामीण रामभरोस, मिट्ठू लाल, रामशरण, रघुवंश, फूलचंद, बाबूलाल आदि का कहना है कि जिन लोगों ने शौचालय का निर्माण खुद कराया है उनका तो ठीक-ठाक है और इसका प्रयोग भी हो रहा है। लेकिन ग्राम पंचायत के जरिए बनाए गए शौचालय आधे-अधूरे पड़े हैं।
गांव में तमाम शौचालय ऐसे हैं जिनकी छत नहीं लगी है। गांव वालों का कहना है कि ग्राम पंचायत के जरिए बनाए गए शौचालय आज भी अधूरे पड़े हुए हैं। कई लोगों का शौचालय गिर गया है। जिन लोगों का शौचालय बनाया गया था, उन्हें अब दोबारा शौचालय नहीं मिल रहा है। इसके कारण गांव में कई लोगों के वहां शौचालय नहीं है और वह खुले में शौच करने को विवश हैं। कहने को गांव ओडीएफ है लेकिन नाम मात्र का है। एडीओ पंचायत दलसिंगार यादव ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। शौचालय अगर अधूरा है तो उसे पूरा कराया जाएगा।
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गांव को खुले में शौचालय मुक्त रखने के लिए शासन ने गांव-गांव भारी पैमाने पर व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कराया। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालय भी बनाए गए। व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण की जिम्मेदारी पहले ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को दी गई थी। बाद में इसे लाभार्थी को स्वत: बनवाना था। लाभार्थी के जरिए बनाए गए शौचालय तो कुछ ठीक-ठाक रहे और उनका उपयोग आज भी हो रहा है। लेकिन, ग्राम पंचायत के माध्यम से बनाए गए शौचालय आज भी आधे-अधूरे पड़े हैं।
ग्राम पंचायत दुघरा उर्फ खैरा में 200 से अधिक व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए जिनमें 65 शौचालय ग्राम पंचायत के जरिए बनाए गए हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। ग्रामीण रामभरोस, मिट्ठू लाल, रामशरण, रघुवंश, फूलचंद, बाबूलाल आदि का कहना है कि जिन लोगों ने शौचालय का निर्माण खुद कराया है उनका तो ठीक-ठाक है और इसका प्रयोग भी हो रहा है। लेकिन ग्राम पंचायत के जरिए बनाए गए शौचालय आधे-अधूरे पड़े हैं।
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गांव में तमाम शौचालय ऐसे हैं जिनकी छत नहीं लगी है। गांव वालों का कहना है कि ग्राम पंचायत के जरिए बनाए गए शौचालय आज भी अधूरे पड़े हुए हैं। कई लोगों का शौचालय गिर गया है। जिन लोगों का शौचालय बनाया गया था, उन्हें अब दोबारा शौचालय नहीं मिल रहा है। इसके कारण गांव में कई लोगों के वहां शौचालय नहीं है और वह खुले में शौच करने को विवश हैं। कहने को गांव ओडीएफ है लेकिन नाम मात्र का है। एडीओ पंचायत दलसिंगार यादव ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। शौचालय अगर अधूरा है तो उसे पूरा कराया जाएगा।
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