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Sant Kabir Nagar News: खतरे के निशान के करीब पहुंची राप्ती

Mon, 28 Sep 2026 12:33 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:33 AM IST
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Rapti nears danger mark.
मेंहदावल में राप्ती नदी का बढ़ा जलस्तर-संवाद
मेंहदावल। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हो रही मूसलाधार बारिश और चक्रवात के असर से राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार शाम तक नदी का जलस्तर 78.45 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का निशान 79.50 मीटर है। यानी राप्ती नदी खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे बह रही है।
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पिछले तीन दिनों में राप्ती के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 75.20 मीटर था, जो शुक्रवार को बढ़कर 76.08 मीटर और शनिवार को 77.55 मीटर पहुंच गया। रविवार को जलस्तर 78.45 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह 72 घंटे में नदी के जलस्तर में 3.25 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में 90 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है।
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तेजी से बढ़ते जलस्तर को लेकर करमैनी, बड़हरा, बेलहर समेत तटवर्ती गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है। ड्रेनेज खंड की टीम लगातार नदी और तटबंधों की निगरानी कर रही है। नेपाल में हो रही बारिश के बाद पानी छोड़े जाने की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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बांध पर पहुंचीं एसडीएम, ग्रामीणों का जाना हाल : राप्ती का जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। एसडीएम क्षिप्रा पाल रविवार को करमैनी तटबंध और बाढ़ चौकियों का निरीक्षण करने पहुंचीं। उन्होंने तटबंध के किनारे बसे परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। स्वास्थ्य शिविर, पेयजल, दवाओं और आवागमन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने फिलहाल किसी तरह की समस्या या जरूरत नहीं होने की बात कही। एसडीएम ने राजस्व और ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को बाढ़ चौकियों पर 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने और जलस्तर की लगातार निगरानी कर पल-पल की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। निचले इलाकों के गांवों पर विशेष नजर रखने के साथ नाव और राहत सामग्री तैयार रखने को कहा गया है।

एसडीएम क्षिप्रा पाल ने बताया कि जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन दो दिन पहले की तुलना में बढ़ोतरी की रफ्तार कम हुई है। नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। ऐसे में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की। प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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