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Sant Kabir Nagar News: राहत सामग्री बांटने में भेदभाव का आरोप लगाकर किया प्रदर्शन
Mon, 23 Sep 2024 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 23 Sep 2024 12:22 AM IST
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छपरा मगर्वी गांव में लेखपाल पर सूची बनाने में मनमानी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बाढ़ राहत सामग्री न मिलने से नाराज छपरा मगर्वी गांव के बाढ़ पीड़ितों ने रविवार को प्रदर्शन कर लेखपाल पर मनमानी ढंग से सूची बनाने का आरोप लगाते हुए राहत सामग्री की मांग की है।
कौशल्या देवी, बिंदु देवी, विद्यावती देवी, शकुंतला देवी, चित्रलेखा, भोला देवी आदि का कहना है कि लेखपाल के मनमानी के कारण छपरा मगर्वी के बाढ़ पीड़ितों को राहत पाने में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। राहत सामग्री में दो किलो चना का भूजा, गुड एक किलोग्राम, बिस्कुट 10 पैकेट, मोमबत्ती एक पैकेट, माचिस एक पैकेट, नहाने का साबुन दो पीस, आटा 10 किलो, चावल 10 किलो आदि दिए जाने का बात है। कई लोगों को सामग्री मिल भी गई, लेकिन कई लोग आलू, तिरपाल पाने से वंचित रह गए हैं।
इतना ही नहीं कई बाढ़ प्रभावित परिवार का नाम सूची न होने की वजह से उनको राहत सामग्री नहीं मिली। छूटे हुए लोगों को राहत सामग्री दिलाए जाने के लिए लेखपाल से कई बार कहा गया, लेकिन वह उनका नाम सूची में डालने में हीलाहवाली कर रहे हैं। जिन्हें आलू नहीं मिला है उनको आलू देने के लिए लेखपाल तो कह रहे हैं, लेकिन कब देंगे इसका कोई ठिकाना नहीं है।
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एसडीएम रमेश चंद्र का कहना है कि जिन लोगों को राहत सामग्री नहीं मिल सकी है, उनकी जांच करके राहत सामग्री बांटी जाएगी। लेखपाल अगर सूची बनाने में अनियमितता बरती गई है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बाढ़ राहत सामग्री न मिलने से नाराज छपरा मगर्वी गांव के बाढ़ पीड़ितों ने रविवार को प्रदर्शन कर लेखपाल पर मनमानी ढंग से सूची बनाने का आरोप लगाते हुए राहत सामग्री की मांग की है।
कौशल्या देवी, बिंदु देवी, विद्यावती देवी, शकुंतला देवी, चित्रलेखा, भोला देवी आदि का कहना है कि लेखपाल के मनमानी के कारण छपरा मगर्वी के बाढ़ पीड़ितों को राहत पाने में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। राहत सामग्री में दो किलो चना का भूजा, गुड एक किलोग्राम, बिस्कुट 10 पैकेट, मोमबत्ती एक पैकेट, माचिस एक पैकेट, नहाने का साबुन दो पीस, आटा 10 किलो, चावल 10 किलो आदि दिए जाने का बात है। कई लोगों को सामग्री मिल भी गई, लेकिन कई लोग आलू, तिरपाल पाने से वंचित रह गए हैं।
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इतना ही नहीं कई बाढ़ प्रभावित परिवार का नाम सूची न होने की वजह से उनको राहत सामग्री नहीं मिली। छूटे हुए लोगों को राहत सामग्री दिलाए जाने के लिए लेखपाल से कई बार कहा गया, लेकिन वह उनका नाम सूची में डालने में हीलाहवाली कर रहे हैं। जिन्हें आलू नहीं मिला है उनको आलू देने के लिए लेखपाल तो कह रहे हैं, लेकिन कब देंगे इसका कोई ठिकाना नहीं है।
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एसडीएम रमेश चंद्र का कहना है कि जिन लोगों को राहत सामग्री नहीं मिल सकी है, उनकी जांच करके राहत सामग्री बांटी जाएगी। लेखपाल अगर सूची बनाने में अनियमितता बरती गई है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।