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Sant Kabir Nagar News: पंचायत ने मौत की कीमत लगाई एक लाख, मुआवजा दिलाकर मामले को किया रफा-दफा
Sun, 12 Nov 2023 07:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 12 Nov 2023 07:47 PM IST
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धर्मसिंहवा। गर्भपात कराने के लिए गई दलित महिला की मौत के मामले में पंचायत के जिम्मेदारों ने एक लाख रुपये का मुआवजा दिलाकर मामले को शनिवार की रात में ही रफा-दफा कर दिया। शव का भी अंतिम संस्कार करा दिया गया। पुलिस पूरे मामले में अभिज्ञता जाहिर कर रही है।
शनिवार को धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के एक गांव की दलित महिला अपने गांव के करीब में स्थित एक चौराहे पर स्थित निजी अस्पताल में गर्भपात को गिराने गई थी। डॉक्टर ने सकुशल गर्भपात कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन महिला को रक्तस्राव होने लगा तो डॉक्टर के होश उड़ गए। डॉक्टर ने तुरंत महिला और उसके परिजनों को मेंहदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दे दी। महिला की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। मेंहदावल जाते वक्त रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद निजी अस्पताल के डॉक्टर का हाथ पांव फूलने लगा। महिला के परिजन भी न्याय की गुहार लगाने के लिए थाना क्षेत्र की एक चौकी पर गए। वहां पर गांव के ही कुछ जिम्मेदार लोगों ने मामले को रफा-दफा कराने की कोशिश करने लगे। देर रात तक दलित महिला की मौत की कीमत एक लाख रुपये लगाकर मामले को निपटा दिया गया। जबकि महिला का देवर कह रहा था कि उसे ढाई लाख रुपये दिलाने की बात गांव के प्रधान पहले कर रहे थे। बाद में दबाव डालकर एक लाख में सुलह-समझौता करा दिया। इस संबंध में एसओ इंद्र भूषण सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है।
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शनिवार को धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के एक गांव की दलित महिला अपने गांव के करीब में स्थित एक चौराहे पर स्थित निजी अस्पताल में गर्भपात को गिराने गई थी। डॉक्टर ने सकुशल गर्भपात कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन महिला को रक्तस्राव होने लगा तो डॉक्टर के होश उड़ गए। डॉक्टर ने तुरंत महिला और उसके परिजनों को मेंहदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दे दी। महिला की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। मेंहदावल जाते वक्त रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद निजी अस्पताल के डॉक्टर का हाथ पांव फूलने लगा। महिला के परिजन भी न्याय की गुहार लगाने के लिए थाना क्षेत्र की एक चौकी पर गए। वहां पर गांव के ही कुछ जिम्मेदार लोगों ने मामले को रफा-दफा कराने की कोशिश करने लगे। देर रात तक दलित महिला की मौत की कीमत एक लाख रुपये लगाकर मामले को निपटा दिया गया। जबकि महिला का देवर कह रहा था कि उसे ढाई लाख रुपये दिलाने की बात गांव के प्रधान पहले कर रहे थे। बाद में दबाव डालकर एक लाख में सुलह-समझौता करा दिया। इस संबंध में एसओ इंद्र भूषण सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है।
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