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Sant Kabir Nagar News: आश्रय केंद्र में जगह नहीं, सड़क पर घूम रहे छुट्टा पशु, सांसत में राहगीर

Sun, 27 Aug 2023 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 27 Aug 2023 11:12 PM IST
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No place in the shelter center, free animals roaming on the road, passers by in breath
बैंक चौराहे के पास सड़क के पास बैठे छुट्टा पशु।संवाद
जिले में संचालित 48 पशु आश्रय केंद्रों में रखे गए हैं 1500 से अधिक पशु
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झुंड में फसलों को पहुंचा रहे नुकसान, लाचार हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर हो या गांव, छुट्टा पशुओं के चलते लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। आश्रय केंद्रों में जगह नहीं होने से छुट्टा पशु सड़क पर घूम रहे हैं। इससे आवागमन तो प्रभावित हो रहा है, वहीं राहगीरों की सांसत हो रही है। शहर में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा लग रहा है तो ग्रामीण क्षेत्रों में झुंड में निकल रहे छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शनिवार को धनघटा क्षेत्र के चपरा पूर्वी में सांड़ के हमले से एक किसान की मौत हो गई थी। अधिकारी पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्र पहुंचाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
जिले में वर्तमान में 48 पशु आश्रय केंद्र संचालित हैं। इनमें 1500 से अधिक पशु रखे गए हैं। क्षमता से अधिक पशु होने के कारण आश्रय केंद्रों के संचालक और पशुओं को रखने से हाथ खड़ा कर रहे हैं। इसके चलते पशुओं को पकड़ने का अभियान ठप हो गया है। ऐसे में छुट्टा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। ये पशु सड़क पर ही झुंड में बैठ जाते हैं, जिसके कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है और राहगीरों मुसीबत बढ़ गई है। शहर के मड़या में कान्हा आश्रय स्थल बनाया गया है, लेकिन यहां भी पशुओं के रखने की जगह नहीं बची है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। शहर के निवासी धर्मेंद्र कु़मार, रामजीत ने कहा कि सड़कों पर छुट्टा पशुओं के विचरण से आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो रही है। छुट्टा पशु सड़क पर ही झुंड में बैठ जा रहे हैं, जिससे आने-जाने वालों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो पशु झुंड में खेतों में पहुंच जा रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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पशुओं के हमले में हो चुके हैं घायल
छुट्टा पशुओं के हमले में कई लोग घायल हो चुके हैं। इनमें खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र के चकदही में संचालित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय की पूर्व प्रधानाचार्य रतन बाला पांडेय सांड़ के हमले में घायल हो गई थीं। कई महीने इलाज कराना पड़ा था। इसी प्रकार दुधारा क्षेत्र के खटियावा में छुट्टा पशु के हमले में एक व्यक्ति घायल हो गया था, जिसका कई दिनों तक इलाज चला।
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शहर में छुट्टा पशुओं को पकड़कर कान्हा आश्रय में रखने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जल्द ही फिर अभियान चलाकर पशुओं को पकड़ा जाएगा। पशु मालिकों से आग्रह है कि वे अपने पशुओं को खुला न छोड़ें। -विनय कुमार मिश्र, ईओ नगर पालिका खलीलाबाद

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जिले के पशु आश्रय केंद्रों में पशुओं को रखने की व्यवस्था की गई है। सभी पशु आश्रय केंद्र में चारा, पानी आदि की व्यवस्था है। कुछ दिनों में भगौसा में बन रहा पशु आश्रय केंद्र भी शुरू हो जाएगा। इससे राहत मिलेगी। इसके साथ ही नगर पंचायतों में भी कान्हा गोशाला का निर्माण होना है। इससे लोगों को राहत मिलेगी। -देवेंद्र सिंह यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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