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नवजात के झुलसने का मामला : डीएम ने गठित की जांच टीम
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एसएनसीयू वार्ड में बच्चे के जलने के मामले को लेकर निरीक्षण करते सीएमओ और अन्य।
- फोटो : KHALILABAD
नवजात के झुलसने का मामला : डीएम ने गठित की जांच टीम
दबाने में जुटा महकमा, सात दिन में मांगी रिपोर्ट
- जांच बैठने से स्वास्थ्य कर्मियों में मचा हड़कंप
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती नवजात की जार में आग से झुलसने के मामले को स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी दबाने में जुट गए हैं। मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर दी है। टीम में सीएमओ और एक्सईएन विद्युत शामिल किए गए हैं। टीम से सात दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की है।
जिला अस्पताल के एनएससीयू वार्ड में रखे जार में एक नवजात झुलस गया था। अस्पताल कर्मियों की माने तो जार में शार्ट सर्किट हुआ था। नवजात के चेहरे और कमर पर झुलसने के निशान भी हैं। नवजात की दादी चंद्रावती ने बृहस्पतिवार को बताया था कि अचानक जार में आग लग गई और नवजात को जिस तौलिये में लपेटा गया था, वह भी जलने लगा तो वह शोर मचाई। जिसके बाद किसी तरह से नवजात को जार से बाहर निकाला गया।
नवजात का चेहरा जल गया है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा इसे मानने का तैयार नहीं है। नवजात की दादी से जब शुक्रवार को नवजात के स्वास्थ्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। अस्पताल पहुंचे अन्य मरीजों के परिजनों की माने तो अस्पताल के लोगों ने महिला को किसी से कुछ भी कहने से मना कर दिया है। जिसकी वजह से वह कुछ भी बोलने से कतरा रही है। नवजात के झुलसने की घटना को अस्पताल प्रशासन मानने का तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि जिस जार में बच्चे को रखा गया था और उसमें आग लगी थी, उस जार को भी बदल दिया गया है। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ, सीएमओ और एक्सईएन विद्युत की टीम गठित कर दी है और सात दिन में रिपोर्ट तलब की है।
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एसएनसीयू में मीडिया कर्मियों को जाने से रोका
नवजात के झुलसने का मामला प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को एसएनसीयू में मीडिया कर्मियों के जाने पर रोक लगा दिया गया। एसएनसीयू के मुख्य गेट पर कर्मियों को तैनात कर दिया गया और किसी भी मीडिया कर्मी को अंदर न जाने का निर्देश दिया गया है। एनएससीयू में जो भी मीडिया कर्मी जाने का प्रयास करते थे तो स्वास्थ्य कर्मी हाथ जोड़ लेते और रोजी रोटी का हवाला देकर वापस जाने की गुजारिश करने लगते थे।
सीएमओ ने भी जांच के नाम पर की खानापूर्ति
जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात के झुलसने के मामले की खबर प्रकाशित होने पर डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को सीएमओ डॉ अनिरुद्ध सिंह मौके पर पहुंचे। मामले की जांच की और उन्हें वहां पर कुछ नहीं मिला। सीएमओ डॉ. अनिरूद्ध ने बताया कि जांच की गई है, पर वहां इस तरह का कोई मामला नहीं मिला है। जब उन्हें नवजात की दादी की वीडियो और जली हुई तौलिया दिखाया गया तो वह मानने से इन्कार करते रहे।
प्रकरण गंभीर है, इस मामले में सीडीओ की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है। जिसमें सीएमओ और एक्सईएन विद्युत शामिल हैं, जो पूरे मामले की जांच करेंगे। सात दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी
-प्रेमरंजन सिंह, डीएम
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दबाने में जुटा महकमा, सात दिन में मांगी रिपोर्ट
- जांच बैठने से स्वास्थ्य कर्मियों में मचा हड़कंप
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती नवजात की जार में आग से झुलसने के मामले को स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी दबाने में जुट गए हैं। मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर दी है। टीम में सीएमओ और एक्सईएन विद्युत शामिल किए गए हैं। टीम से सात दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की है।
जिला अस्पताल के एनएससीयू वार्ड में रखे जार में एक नवजात झुलस गया था। अस्पताल कर्मियों की माने तो जार में शार्ट सर्किट हुआ था। नवजात के चेहरे और कमर पर झुलसने के निशान भी हैं। नवजात की दादी चंद्रावती ने बृहस्पतिवार को बताया था कि अचानक जार में आग लग गई और नवजात को जिस तौलिये में लपेटा गया था, वह भी जलने लगा तो वह शोर मचाई। जिसके बाद किसी तरह से नवजात को जार से बाहर निकाला गया।
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नवजात का चेहरा जल गया है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा इसे मानने का तैयार नहीं है। नवजात की दादी से जब शुक्रवार को नवजात के स्वास्थ्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। अस्पताल पहुंचे अन्य मरीजों के परिजनों की माने तो अस्पताल के लोगों ने महिला को किसी से कुछ भी कहने से मना कर दिया है। जिसकी वजह से वह कुछ भी बोलने से कतरा रही है। नवजात के झुलसने की घटना को अस्पताल प्रशासन मानने का तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि जिस जार में बच्चे को रखा गया था और उसमें आग लगी थी, उस जार को भी बदल दिया गया है। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ, सीएमओ और एक्सईएन विद्युत की टीम गठित कर दी है और सात दिन में रिपोर्ट तलब की है।
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एसएनसीयू में मीडिया कर्मियों को जाने से रोका
नवजात के झुलसने का मामला प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को एसएनसीयू में मीडिया कर्मियों के जाने पर रोक लगा दिया गया। एसएनसीयू के मुख्य गेट पर कर्मियों को तैनात कर दिया गया और किसी भी मीडिया कर्मी को अंदर न जाने का निर्देश दिया गया है। एनएससीयू में जो भी मीडिया कर्मी जाने का प्रयास करते थे तो स्वास्थ्य कर्मी हाथ जोड़ लेते और रोजी रोटी का हवाला देकर वापस जाने की गुजारिश करने लगते थे।
सीएमओ ने भी जांच के नाम पर की खानापूर्ति
जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात के झुलसने के मामले की खबर प्रकाशित होने पर डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को सीएमओ डॉ अनिरुद्ध सिंह मौके पर पहुंचे। मामले की जांच की और उन्हें वहां पर कुछ नहीं मिला। सीएमओ डॉ. अनिरूद्ध ने बताया कि जांच की गई है, पर वहां इस तरह का कोई मामला नहीं मिला है। जब उन्हें नवजात की दादी की वीडियो और जली हुई तौलिया दिखाया गया तो वह मानने से इन्कार करते रहे।
प्रकरण गंभीर है, इस मामले में सीडीओ की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है। जिसमें सीएमओ और एक्सईएन विद्युत शामिल हैं, जो पूरे मामले की जांच करेंगे। सात दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी
-प्रेमरंजन सिंह, डीएम