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राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
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राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
सीएम का पुतला जलाने की कोशिश की, किसान विरोधी अध्यादेश वापस लेने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिले की तीनों तहसीलों पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें केंद्र सरकार की ओर से पारित तीन अध्यादेशों को किसान विरोधी बताते हुए वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान मेंहदावल में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की।
राष्ट्रीय किसान मोर्चा के खलीलाबाद के तहसील अध्यक्ष सूर्यभान चौरसिया ने ज्ञापन देते हुए कहा कि पांच जून 2020 का किसान कानून पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है। इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य अध्यादेश, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं के करारों के लिए किसानों को सशक्तिकरण और संरक्षण अध्यादेश तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन किसान विरोधी है। ऐसे में इन अध्यादेशों को तत्काल वापस लिया जाए। इस दौरान शिव कुमार चौहान, मुहम्मद इब्राहिम, जीशान खान आदि मौजूद रहे।
उधर, मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार मेंहदावल नगर पंचायत की तहसील के समीप विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के पुतला दहन की कोशिश की। पुलिस ने इस प्रयास को विफल करते हुए पुतले को अपने कब्जे ले लिया। संगठन के लोगों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार की नीतियों पर आक्रोश जताया। सभा को राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष छविलाल पटेल ने संबोधित किया। इसके बाद तहसीलदार प्रियंका चौधरी को सौंपा। इस दौरान राहुल मद्धेशिया, हुबराज बौद्ध, उदयराज विद्यार्थी, आनंद कुमार गौतम, अनिल कुमार जिज्ञासु, ब्रह्मदेव गौतम, अनिल कुमार गौतम, सुनील आदि मौजूद रहे।
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पुलिस की सख्ती से नहीं जला सके पुतला
धनघटा। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ता सोमवार को धनघटा के बकौली बाग में स्थानीय विधायक का पुतला जलाने का प्रयास किए। पुलिस के सख्ती के कारण पुतला नहीं जला सके। इसके बाद तहसीलदार को जाकर ज्ञापन दिए। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष चौधरी छविलाल पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ता बकौली बाग में पहुंचे। कार्यकर्ता विधायक का पुतला बनाकर दहन करने ही जा रहे थे कि तभी वहा पुलिस धमक गई। इसके कारण पुतला दहन नहीं कर सके। उसके बाद तहसील में पहुंच कर तहसीलदार वंदना पांडेय को ज्ञापन दिए। इस मौके पर इंद्रेश कुुमार, राजेन्द्र प्रसाद, हरीशचंद्र भाष्कर आदि मौजूद रहे।
फोटो है
सपा यूथ ब्रिगेड ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया
राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र एडीएम को दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र एडीएम को सौंपा।
सपा नेता राहुल यादव बादल ने कहा कि भाजपा सरकार में रोजगार के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। इससे बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। भाजपा सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। बेरोजगार आत्महत्या करने को मजबूर हैं। कहा कि सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने के बजाय सरकारी संस्थानों का निजीकरण कर रही है, जिसका फायदा केवल औद्योगिक घरानों को मिल रहा है। उन्होंने सरकारी संस्थाओं का निजीकरण रोकने की मांग की। इस दौरान मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष अजीम खान, शैलेंद्र यादव, विशाल सिंह, अमित यादव, राजेंद्र मौर्य, हरिहर कृष्ण यादव, हरीश कन्नौजिया, डेंजर यादव, राजेश यादव, शिखर पांडेय, सतीश चंद्र मिश्र, संदीप यादव, बलिराम यादव, आकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।
फोटो सहित
विद्युत कर्मियों का अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन
निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को भी विद्युत कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्युतकर्मियों ने ऊर्जा के क्षेत्र में निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की सरकार से मांग की।
विद्युतकर्मी शाम को चार बजे अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किए। जूनियर इंजीनियर्स संगठन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार निजीकरण का प्रयास किया जा रहा है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजीकरण कर्मचारी, उपभोक्ता और राष्ट्र हित में नहीं है। ऐसे में निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया जाना चाहिए। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के जनपदीय अध्यक्ष सुनील कुमार प्रजापति ने कहा कि सरकार निजीकरण के फैसले को तत्काल वापस ले, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान डीएन मिश्र, इं. भानु चौरसिया, राजकुमार सिंह, अमरनाथ, दिनेश चंद्र, धर्मेंद्र अग्रवाल, मिथिलेश शाह, अरुण गुप्ता, सूरज प्रजापति, सुमित कुमार, श्रवण प्रजापति, हरिप्रसाद, मनोज यादव, धीरेंद्र यादव, संतोष यादव, राजेंद्र श्रीवास्तव, दिलीप यादव, हफीजुर्रहमान आदि मौजूद रहे।
फोटो सहित
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
पांच वर्ष तक संविदा पर रखने के प्रस्ताव पर भड़के अभ्यर्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी में पांच वर्ष तक संविदा पर रखने के प्रस्ताव पर आक्रोश जताया। कहा कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को ज्ञापन देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश कार्मिक विभाग द्वारा प्रस्तावित सरकारी विभाग के समूह ख व ग के पदों पर नियुक्ति संविदा पर करना कहीं से भी उचित नहीं है। अभ्यर्थियों में शामिल स्वप्लिन श्रीवास्तव, कल्याण सिंह यादव, दिव्या कसौधन, सुधीर अग्रहरि, वर्षा आदि ने कहा कि पिछले चार वर्ष से विभिन्न विभागों में भर्तियां लंबित हैं। इस प्रस्ताव का असर इस पर भी पड़ेगा। कहा कि पांच वर्षीय संविदा अवधि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगी और संविदा कर्मी के स्वतंत्र रूप से कार्य करने में बाधा बनेगी। पांच वर्ष तक चयनित व्यक्ति को बार-बार अपनी योग्यता सिद्ध करना पड़ेगी। इससे कार्य पर असर पड़ेगा। ऐसे में इस प्रस्ताव को लागू न किया जाए। इस दौरान संजय गुप्ता, अजय आर्य, राहुल मिश्रा, विनय कुमार, मनोज कुमार, धर्मराज मौर्य, रत्नेश, दुर्गेश आदि मौजूद रहे।
ओबीसी महासभा ने सौंपा ज्ञापन
संतकबीरनगर। ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष रघुनाथ बेधड़क के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें विधानसभा का सत्र बुलाकर ओबीसी की जातिगत जनगणना कराने की मांग की गई। इसके साथ ही मंडल आयोग की रिपोर्ट को पूर्ण रूप से लागू करने एवं ओबीसी के लिए संख्या के अनुपात में विधानसभाओं व लोकसभा में सीटें आरक्षित करने की मांग की।
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सीएम का पुतला जलाने की कोशिश की, किसान विरोधी अध्यादेश वापस लेने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिले की तीनों तहसीलों पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें केंद्र सरकार की ओर से पारित तीन अध्यादेशों को किसान विरोधी बताते हुए वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान मेंहदावल में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की।
राष्ट्रीय किसान मोर्चा के खलीलाबाद के तहसील अध्यक्ष सूर्यभान चौरसिया ने ज्ञापन देते हुए कहा कि पांच जून 2020 का किसान कानून पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है। इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य अध्यादेश, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं के करारों के लिए किसानों को सशक्तिकरण और संरक्षण अध्यादेश तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन किसान विरोधी है। ऐसे में इन अध्यादेशों को तत्काल वापस लिया जाए। इस दौरान शिव कुमार चौहान, मुहम्मद इब्राहिम, जीशान खान आदि मौजूद रहे।
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उधर, मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार मेंहदावल नगर पंचायत की तहसील के समीप विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के पुतला दहन की कोशिश की। पुलिस ने इस प्रयास को विफल करते हुए पुतले को अपने कब्जे ले लिया। संगठन के लोगों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार की नीतियों पर आक्रोश जताया। सभा को राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष छविलाल पटेल ने संबोधित किया। इसके बाद तहसीलदार प्रियंका चौधरी को सौंपा। इस दौरान राहुल मद्धेशिया, हुबराज बौद्ध, उदयराज विद्यार्थी, आनंद कुमार गौतम, अनिल कुमार जिज्ञासु, ब्रह्मदेव गौतम, अनिल कुमार गौतम, सुनील आदि मौजूद रहे।
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पुलिस की सख्ती से नहीं जला सके पुतला
धनघटा। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ता सोमवार को धनघटा के बकौली बाग में स्थानीय विधायक का पुतला जलाने का प्रयास किए। पुलिस के सख्ती के कारण पुतला नहीं जला सके। इसके बाद तहसीलदार को जाकर ज्ञापन दिए। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष चौधरी छविलाल पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ता बकौली बाग में पहुंचे। कार्यकर्ता विधायक का पुतला बनाकर दहन करने ही जा रहे थे कि तभी वहा पुलिस धमक गई। इसके कारण पुतला दहन नहीं कर सके। उसके बाद तहसील में पहुंच कर तहसीलदार वंदना पांडेय को ज्ञापन दिए। इस मौके पर इंद्रेश कुुमार, राजेन्द्र प्रसाद, हरीशचंद्र भाष्कर आदि मौजूद रहे।
फोटो है
सपा यूथ ब्रिगेड ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया
राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र एडीएम को दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र एडीएम को सौंपा।
सपा नेता राहुल यादव बादल ने कहा कि भाजपा सरकार में रोजगार के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। इससे बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। भाजपा सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। बेरोजगार आत्महत्या करने को मजबूर हैं। कहा कि सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने के बजाय सरकारी संस्थानों का निजीकरण कर रही है, जिसका फायदा केवल औद्योगिक घरानों को मिल रहा है। उन्होंने सरकारी संस्थाओं का निजीकरण रोकने की मांग की। इस दौरान मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष अजीम खान, शैलेंद्र यादव, विशाल सिंह, अमित यादव, राजेंद्र मौर्य, हरिहर कृष्ण यादव, हरीश कन्नौजिया, डेंजर यादव, राजेश यादव, शिखर पांडेय, सतीश चंद्र मिश्र, संदीप यादव, बलिराम यादव, आकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।
फोटो सहित
विद्युत कर्मियों का अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन
निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को भी विद्युत कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्युतकर्मियों ने ऊर्जा के क्षेत्र में निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की सरकार से मांग की।
विद्युतकर्मी शाम को चार बजे अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किए। जूनियर इंजीनियर्स संगठन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार निजीकरण का प्रयास किया जा रहा है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजीकरण कर्मचारी, उपभोक्ता और राष्ट्र हित में नहीं है। ऐसे में निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया जाना चाहिए। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के जनपदीय अध्यक्ष सुनील कुमार प्रजापति ने कहा कि सरकार निजीकरण के फैसले को तत्काल वापस ले, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान डीएन मिश्र, इं. भानु चौरसिया, राजकुमार सिंह, अमरनाथ, दिनेश चंद्र, धर्मेंद्र अग्रवाल, मिथिलेश शाह, अरुण गुप्ता, सूरज प्रजापति, सुमित कुमार, श्रवण प्रजापति, हरिप्रसाद, मनोज यादव, धीरेंद्र यादव, संतोष यादव, राजेंद्र श्रीवास्तव, दिलीप यादव, हफीजुर्रहमान आदि मौजूद रहे।
फोटो सहित
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
पांच वर्ष तक संविदा पर रखने के प्रस्ताव पर भड़के अभ्यर्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी में पांच वर्ष तक संविदा पर रखने के प्रस्ताव पर आक्रोश जताया। कहा कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को ज्ञापन देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश कार्मिक विभाग द्वारा प्रस्तावित सरकारी विभाग के समूह ख व ग के पदों पर नियुक्ति संविदा पर करना कहीं से भी उचित नहीं है। अभ्यर्थियों में शामिल स्वप्लिन श्रीवास्तव, कल्याण सिंह यादव, दिव्या कसौधन, सुधीर अग्रहरि, वर्षा आदि ने कहा कि पिछले चार वर्ष से विभिन्न विभागों में भर्तियां लंबित हैं। इस प्रस्ताव का असर इस पर भी पड़ेगा। कहा कि पांच वर्षीय संविदा अवधि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगी और संविदा कर्मी के स्वतंत्र रूप से कार्य करने में बाधा बनेगी। पांच वर्ष तक चयनित व्यक्ति को बार-बार अपनी योग्यता सिद्ध करना पड़ेगी। इससे कार्य पर असर पड़ेगा। ऐसे में इस प्रस्ताव को लागू न किया जाए। इस दौरान संजय गुप्ता, अजय आर्य, राहुल मिश्रा, विनय कुमार, मनोज कुमार, धर्मराज मौर्य, रत्नेश, दुर्गेश आदि मौजूद रहे।
ओबीसी महासभा ने सौंपा ज्ञापन
संतकबीरनगर। ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष रघुनाथ बेधड़क के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें विधानसभा का सत्र बुलाकर ओबीसी की जातिगत जनगणना कराने की मांग की गई। इसके साथ ही मंडल आयोग की रिपोर्ट को पूर्ण रूप से लागू करने एवं ओबीसी के लिए संख्या के अनुपात में विधानसभाओं व लोकसभा में सीटें आरक्षित करने की मांग की।