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Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल और सीएचसी में खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा

Mon, 12 Dec 2022 11:10 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Dec 2022 11:10 PM IST
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medical biovest dump in hospital campus
जिला महिला अस्पताल के सामने पड़ा मेड़िकल वेस्ट।संवाद - फोटो : KHALILABAD
जिला अस्पताल और सीएचसी में खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा
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- निस्तारण के लिए जिले में है इंतजाम फिर भी लापरवाही
- अस्पताल आने वाले मरीजों में संक्रमण फैलने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल और सीएचसी पर खुले में मेडिकल वेस्ट फेंक दिया जा रहा है। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। जबकि इसके निस्तारण के लिए जिले में इंतजाम भी है, फिर भी लापरवाही बरती जा रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 किलो मेडिकल वेस्ट निकलता है।
जिले में एक जिला अस्पताल और सात सीएचसी हैं। इन अस्पतालों से रोजाना निकलने वाले बायो वेस्ट के निस्तारण सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। जिला अस्पताल परिसर के पीछे इन दिनों बायो वेस्ट खुले में बिखरा हुआ है। जिसमें पट्टियां, सीरिंज, खाली बोतल, टिश्यू आदि कचरे का ढेर पड़ा है। छुट्टा पशु इसे इधर-उधर फैला देते हैं। इस कारण अस्पताल में आमजन को काफी तकलीफ उठानी पड़ रही है।
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जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा किसी भी स्थिति में बायो मेडिकल वेस्ट को खुले में न फेंकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, निस्तारण के नियम भी तय किए गए हैं। इसके बावजूद अस्पताल में इसका पालन नहीं हो पा रहा है।
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शासन के निर्देश का नहीं हो रहा पालन
शासन द्वारा सभी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए। जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा अंदर तो साफ-सफाई की जाती है, लेकिन इससे निकलने वाला मेडिकल वेस्ट अस्पताल के पीछे ही फेंका जा रहा है। जो अस्पताल के कर्मचारियों के अलावा यहां भर्ती मरीजों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों को संक्रमण का खतरा हो सकता है। सीएचसी खलीलाबाद में इलाज के लिए आए रामदीन गुप्त, विजय, रामफेर आदि ने बताया कि अस्पताल का मुख्य गेट को साफ रहता है, लेकिन पीछे वाले रास्ते पर गंदगी रहती है और दुर्गंध उठता है। जिला अस्पताल के प्रबंधक फैजान ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन मेडिकल वेस्ट हटाया जाता है, अगर कोई फेंक दिया है तो उसे तत्काल हटाया जाएगा।
कोट
खुले में रखे गए बायोवेस्ट का समय पर निस्तारण नहीं किए जाने पर संक्रामक बीमारी फैलने की संभावना बढ़ जाती है। रोगी इससे और भी प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में बायो वेस्ट को तुरंत प्रभाव से निस्तारण करने की कार्रवाई को अमल में लाना चाहिए।
- डॉ. आरपी राय, वरिष्ठ चिकित्सक
इंसीनरेटर में होना चाहिए निष्पादन
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार अस्पतालों व नर्सिंग सेंटरों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को इंसीनरेटर में नष्ट किया जाना चाहिए। मेडिकल वेस्ट में ऑपरेशन के बाद निकलने वाले मानव अंग के अंश, पट्टी व अन्य सामान शामिल होता है। इसके लिए इंडस्ट्रीएल एरिया खलीलाबाद में इंसीनरेटर प्लांट बनाया गया है।

कोट
मेडिकल वेस्ट को प्रतिदिन हटाया जाना है, इसके लिए इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित एक इंसीनेटर नामित है, उसकी जिम्मेदारी है कि वह प्रतिदिन मेडिकल वेस्ट को हटा दे। अगर ऐसा नहीं करता है तो प्रकरण को देखा जाएगा और इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- डॉ मोहन झा, अपर सीएमओ
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