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शिलापट पर मजार गायब, मुतवल्ली नाराज
Mon, 17 Dec 2018 12:36 AM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:36 AM IST
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शिलापट पर मजार गायब, मुतवल्ली नाराज
- फोटो : अमर उजाला
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मगहर(संतकबीरनगर)। संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर के कबीरचौरा परिसर में पर्यटन विभाग की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों पर जो शिलापट लग रहे हैं उसमें मजार शब्द का उल्लेख नहीं होने पर मुतवल्ली ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे जान बूझकर की गई गलती बताते हुए इसकी शिकायत जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से करने की बात कही है।
मगहर स्थित कबीर स्थली के विकास के लिए 19 प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। विकास कार्यों से संबंधित शिलापट परिसर में कई प्रमुख जगहों पर लगाए गए हैं। इन शिलापटाो से मजार शब्द गायब है। मुतवल्ली खादिम हुसैन ने कहा कि परिसर में संत कबीर की मजार और समाधि दोनों है। यहां पर्यटन विभाग की तरफ से कराए जा रहे कार्यों पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा के नाम वाला शिलापट लग रहा है। शिलान्यास का शिलापट मजार के ठीक सामने भी लगाया गया है। इस पर समाधि तो लिखा है, लेकिन मजार शब्द गायब है। जबकि यहां मजार व समाधि दोनों है। शिलापट पर सिर्फ समाधि लिखे जाने से यहां आने वाले पर्यटक, कबीर पंथी और दर्शनार्थी भ्रमित हो रहे हैं। मुतवल्ली का कहना है कि यह विश्व का एक मात्र ऐसा स्थान है, जहां सूफी संत की मजार व समाधि दोनों स्थित है। मुस्लिम और हिंदू समुदाय के लोग आकर एक साथ मजार व समाधि का दर्शन करते हैं। यह स्थान पूरी दुनिया को आपसी प्रेम व सद्भाव का संदेश देता है। यहां पर किसी तरह का भेदभाव नहीं है और दोनों सम्प्रदाय के लोग समान रूप से सदगुरु कबीर को मानते हैं। ऐसे में शिलापट्ट से मजार शब्द का गायब होना आर्श्चजनक है।
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