{"_id":"6692c54d92a5c73faa0f39ce","slug":"lightning-conductors-are-not-deployed-in-the-district-information-about-lightning-is-not-available-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-117594-2024-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: जिले में नहीं लगे तड़ित चालक, बिजली गिरने की नहीं मिल रही सूचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: जिले में नहीं लगे तड़ित चालक, बिजली गिरने की नहीं मिल रही सूचना
Sat, 13 Jul 2024 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 13 Jul 2024 11:49 PM IST
विज्ञापन
- प्रशासन ने 50 जगहों पर तड़ित चालक लगाने की तैयार की है योजना
- चिह्नित और प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल, ग्राम पंचायत आदि से मांगा गया प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में कही भी तड़ित चालक नहीं लगे हैं, इसकी वजह से बिजली गिरने की सूचना नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते बिजली गिरने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने 50 जगहों पर तड़ित चालक लगाने की योजना तैयार की है। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल, ग्राम पंचायत आदि से प्रस्ताव मांगा गया है, ताकि तड़ित चालक लगाकर हादसे को रोका जा सके।
जिले में बिजली गिरने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें तीन लोग मौत के मुंह में समा गए। वहीं लगभग छह लोग घायल भी हुए। आपदा विभाग की तरफ से हादसों को देखते हुए अलर्ट जारी किया जाता है। इससे बचाव के लिए दामिनी एप भी जारी किया गया है। जिसका प्रयोग करके लोगों को बिजली गिरने के संभावित स्थानों का पता आसानी से चल सकता है और वह ऐसी घटनाओं से अपना बचाव कर सकते हैं।
जिले में तड़ित चालक न लगने के वजह से लोगों को बिजली गिरने की सूचना नहीं मिल पाता है। ऐसे में प्रशासन ने बारिश के मौसम में बिजली गिरने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लगभग 50 स्थानों पर तड़ित चालक लगाने की कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए चिह्नित प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल, ग्राम पंचायत आदि से प्रस्ताव मांगा गया है। जिससे बिजली गिरने की घटना में होने वाले जनहानि को रोका जा सकें।
विज्ञापन
दामिनी एप भी मददगार
बिजली गिरने के बारे में अलर्ट देने के लिए भारत सरकार ने दामिनी एप लांच किया है। यह एप 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में व्यक्ति के आसपास बिजली गिरने पर जीपीएस नोटिफिकेशन के जरिए अलर्ट करता है। यह अगले 40 मिनट तक उस स्थान पर बिजली गिरने की चेतावनी भी देता रहता है।
बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसे देखते हुए जो जगह जिले में ज्यादा प्रभावित हैं, वहां लगभग 50 तड़ित चालक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। चिह्नित और प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल, ग्राम पंचायत आदि से प्रस्ताव मांगा गया है।
- कृष्णा गुप्ता, आपदा विशेषज्ञ
विज्ञापन
- चिह्नित और प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल, ग्राम पंचायत आदि से मांगा गया प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में कही भी तड़ित चालक नहीं लगे हैं, इसकी वजह से बिजली गिरने की सूचना नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते बिजली गिरने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने 50 जगहों पर तड़ित चालक लगाने की योजना तैयार की है। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल, ग्राम पंचायत आदि से प्रस्ताव मांगा गया है, ताकि तड़ित चालक लगाकर हादसे को रोका जा सके।
जिले में बिजली गिरने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें तीन लोग मौत के मुंह में समा गए। वहीं लगभग छह लोग घायल भी हुए। आपदा विभाग की तरफ से हादसों को देखते हुए अलर्ट जारी किया जाता है। इससे बचाव के लिए दामिनी एप भी जारी किया गया है। जिसका प्रयोग करके लोगों को बिजली गिरने के संभावित स्थानों का पता आसानी से चल सकता है और वह ऐसी घटनाओं से अपना बचाव कर सकते हैं।
विज्ञापन
जिले में तड़ित चालक न लगने के वजह से लोगों को बिजली गिरने की सूचना नहीं मिल पाता है। ऐसे में प्रशासन ने बारिश के मौसम में बिजली गिरने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लगभग 50 स्थानों पर तड़ित चालक लगाने की कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए चिह्नित प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल, ग्राम पंचायत आदि से प्रस्ताव मांगा गया है। जिससे बिजली गिरने की घटना में होने वाले जनहानि को रोका जा सकें।
विज्ञापन
दामिनी एप भी मददगार
बिजली गिरने के बारे में अलर्ट देने के लिए भारत सरकार ने दामिनी एप लांच किया है। यह एप 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में व्यक्ति के आसपास बिजली गिरने पर जीपीएस नोटिफिकेशन के जरिए अलर्ट करता है। यह अगले 40 मिनट तक उस स्थान पर बिजली गिरने की चेतावनी भी देता रहता है।
बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसे देखते हुए जो जगह जिले में ज्यादा प्रभावित हैं, वहां लगभग 50 तड़ित चालक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। चिह्नित और प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल, ग्राम पंचायत आदि से प्रस्ताव मांगा गया है।
- कृष्णा गुप्ता, आपदा विशेषज्ञ