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Sant Kabir Nagar News: सीएचसी सेमरियावां में घायल मरीजों को इलाज के नाम पर सिर्फ मरहम-पट्टी

Tue, 22 Sep 2026 11:35 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:35 PM IST
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In CHC Semriyawan, injured patients are given only bandages in the name of treatment.
सीएचसी सेमरियाां में धूप में खड़े लोग-संवाद
सेमरियावां। सीएचसी सेमरियावां में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। यहां मरीजों की उपचार के नाम पर केवल मरहम-पट्टी की जा रही है। हादसों में घायलों, हड्डी के गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर की पर्ची थमा दी जा रही है।
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ऑर्थोपेडिक चिकित्सक न होने से हड्डी रोगियों का उपचार नहीं हो पाता है। सीएचसी में टूटी-फूटी हड्डी व घायलों के इलाज के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। गंभीर मरीज सीएचसी से सीधे जिला अस्पताल भेजे जा रहे हैं। इसको लेकर तीमारदार भी परेशान हो रहे हैं। अस्पताल से हड्डी के मरीज लौट रहे हैं।
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दरअसल बीएमसीटी मार्ग के चौड़ीकरण व राज्य मार्ग बनने से ट्रक, ट्रेलर जैसे भारी वाहनों का आना-जाना बढ़ गया है। इसके अलावा सेमरियावां- टेमारहमत मार्ग, सेमरियावां- पिपरा प्रथम मार्ग, पैड़ी- दानोकुइयां मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बाइक सवार, ऑटो रिक्शा व ई-रिक्शा चालक भी सड़क पर तेज रफ्तार फर्राटा भरते हैं। इससे सड़क हादसों की संख्या काफी बढ़ गई। सड़क हादसे में घायल लोगों को त्वरित इलाज के लिए सीएचसी सेमरियावां पहुंचाया जाता है।
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घायल भर्ती मरीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो 90 फीसदी से ज्यादा को देखते ही मरहम पट्टी कर रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में एक भी हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। हादसे में घायल हुए लोगों को उपचार देने की बजाय तत्काल रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं है।
क्षेत्र के इरशाद अहमद, संतोष प्रजापति, दयाराम, बाबुद्दीन चौधरी, मिस्बाहुद्दीन, रिजवान अहमद, अबूजर चौधरी, मोहम्मद आज़म चौधरी आदि ने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों के लचर रवैये के कारण सीएचसी सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। आकस्मिक घटना और दुर्घटना होने पर संसाधन, चिकित्सकों और सुविधाओं के अभाव में घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रेफर कर दिया जाता है।
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फर्स्ट रेफरल यूनिट का प्राप्त है दर्जा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा प्राप्त है। यहां ओटी, एक्स-रे समेत जांच व दवाओं की सुविधा है। मरीजों को भर्ती करने के लिए 30 बेड की सुविधा भी है। महिला सर्जन, फिजीशियन, गायनी समेत विशेषज्ञ भी हैं लेकिन ऑर्थोपेडिक फिजीशियन व सर्जन की तैनाती न होने से मरीजों को हड्डी व जोड़ों के दर्द के उपचार के लिए जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। ओपीडी, वार्ड व ओटी से लेकर लेबर रूम सहित करीब 20 से ज्यादा कक्ष हैं। इसके अलावा डाॅक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों का आवास बने हैं। इसके साथ ही लैब सेंटर भवन बना है। 30 शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में इलाज के लिए जनपद के सेमरियावां ब्लॉक के साथ ही आंशिक रूप से बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली ब्लाॅक के गांवों के लोग आते हैं।

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सीएचसी में मौजूद संसाधन के मुताबिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। पर्याप्त दवाएं, बेड व संसाधन हैं। हड्डी व अन्य रोग के विशेषज्ञ डाॅक्टर के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
-डॉ. सुरेश चंद्र, अधीक्षक, सीएचसी, सेमरियावां
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