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Sant Kabir Nagar News: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति समेत अन्य बरी
Mon, 18 Nov 2024 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 18 Nov 2024 11:49 PM IST
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संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने विवाहिता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति, सास, ससुर और ननद को बरी कर दिया है। चारों पर आरोप था कि दहेज के लिए प्रताड़ित करते हुए बहू को जहरीला पदार्थ खिलाकर जान से मार दिया।
मामले में विवाहिता के पिता राम जियावन ने थाना महुली में तहरीर दिया कि पुत्री शीला की शादी 28 अप्रैल 1996 को ग्राम महोबरा थाना महुली के राजेंद्र के साथ हुई थी। 18 फरवरी 2002 को गवना हुआ। सुसराल के लोग दहेज में और रुपये लाने के लिए प्रताड़ित करते रहे और कहे कि नहीं लाने पर बेटी को जान से मार देंगे।
तीन फरवरी 2010 को शीला को उसके ससुर राम अधार, पति राजेंद्र, सास सावित्री, ननद सरोजा, सभी ने मिलकर जबरन जहरीला पदार्थ खिलाकर मार दिया। जिससे उसकी मौके पर मृत्यु हो गई और केस दर्ज हुआ।
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आरोपियों के खिलाफ दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने दौरान राम जियावन ने प्रथम सूचना रिपोर्ट के खिलाफ गलत बयान अपनी जिरह में दिया।
गवाहों की गवाही, परिस्थितियों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर थाना महुली अंतर्गत ग्राम मोहबरा निवासी राम अधार यादव, राजेंद्र यादव, सावित्री देवी, सरोजा देवी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिए। वादी मुकदमा राम जियावन के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश भी दिया है।
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मामले में विवाहिता के पिता राम जियावन ने थाना महुली में तहरीर दिया कि पुत्री शीला की शादी 28 अप्रैल 1996 को ग्राम महोबरा थाना महुली के राजेंद्र के साथ हुई थी। 18 फरवरी 2002 को गवना हुआ। सुसराल के लोग दहेज में और रुपये लाने के लिए प्रताड़ित करते रहे और कहे कि नहीं लाने पर बेटी को जान से मार देंगे।
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तीन फरवरी 2010 को शीला को उसके ससुर राम अधार, पति राजेंद्र, सास सावित्री, ननद सरोजा, सभी ने मिलकर जबरन जहरीला पदार्थ खिलाकर मार दिया। जिससे उसकी मौके पर मृत्यु हो गई और केस दर्ज हुआ।
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आरोपियों के खिलाफ दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने दौरान राम जियावन ने प्रथम सूचना रिपोर्ट के खिलाफ गलत बयान अपनी जिरह में दिया।
गवाहों की गवाही, परिस्थितियों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर थाना महुली अंतर्गत ग्राम मोहबरा निवासी राम अधार यादव, राजेंद्र यादव, सावित्री देवी, सरोजा देवी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिए। वादी मुकदमा राम जियावन के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश भी दिया है।