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Sant Kabir Nagar News: संकट में होजरी उद्योग...टूटने लगा उद्यमियों का ख्वाब

Wed, 22 Jan 2025 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Wed, 22 Jan 2025 11:48 PM IST
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Hosiery industry in crisis... entrepreneurs' dreams are being shattered
मुखलिसपुर में होजरी का काम करते लाेग।
संतकबीरनगर। जिले में होजरी उद्योग को मदद की दरकार है, अभाव में रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। यह स्थिति तब है, जबकि 2020-21 में होजरी उद्योग को एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया था। मुखलिसपुर में काॅमन फैसिलिटी सेंटर बनाए जाने की योजना है, ताकि उद्यमियों को एक ही परिसर में सभी सुविधाएं मिल सकें। लेकिन अब तक मशीन ही उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। ऐसे में लुधियाना की तर्ज पर होजरी उद्योग को चमकाने का ख्वाब टूटने लगा है।
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जिले के मुखलिसपुर, नाथनगर, कालीजगदीशपुर, महुली, हरिहरपुर, खलीलाबाद, अमरडोभा आदि स्थानों पर होजरी उद्योग संचालित हो रहा है। इससे करीब 2500 से अधिक परिवार जुड़े हुए हैं। यही उनकी रोजी-रोटी का साधन है। होजरी उद्योग से जुडे़ लोग अपनी आवश्यकता के हिसाब से छोटी-छोटी मशीनें लगाए हैं। लुधियाना, सोनीपत, दिल्ली सहित विभिन्न शहरों से लोग कच्चा माल मंगाकर स्वेटर, टीशर्ट, टोपी, जैकेट, बनियान, लोअर, दस्ताने, कार्डिगन, ऊनी सलवार आदि बनाते हैं। उद्योगी इसे बनाने के बाद बरदहिया बाजार में लाकर बेचते हैं। लेकिन अलग-अलग छोटी मशीनें लगाकर उत्पाद तैयार करने में अधिक खर्च करना पड़ता है।
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काॅमन फैसिलिटी सेंटर बनाने की योजना पर नहीं हुआ अमल
उद्यमियों को राहत उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में काॅमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। इसके तहत बड़ी मशीन लगाई जानी है। इसका उद्देश्य एक ही परिसर में उद्यमियों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना है। लेकिन अभी तक मशीन नहीं लग सकी हैं। जिससे उद्यमियों को अभी अपनी ही व्यवस्था पर काम करना पड़ रहा है।
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काॅमन फैसिलिटी सेंटर न होने से होती हैं दुश्वारियां
काॅमन फैसिलिटी सेंटर न होने के चलते उद्यमियों को कटिंग के लिए कहीं और तो काज बटन लगाने के लिए कहीं और तथा नहीं डाई और प्रेस करने के लिए कहीं और जाना पड़ता है। काॅमन फैसिलिटी सेंटर होने से यह सारे काम उनके एक साथ ही हो जाते। इसमें अनावश्यक धन की बर्बादी नहीं होती। साथ ही साथ उनका समय भी बचता। यही श्रम, समय और धन का व्यय होने से काफी परेशानियां हो रही हैं। इसके बाद उद्यमी अपना उद्योग बढ़ाते। यही नहीं कपड़ों की गुणवत्ता भी बढ़ती ।
कोट

बच्चों के लिए होजरी के कपड़े बनाते हैं। इसके लिए खुद की मशीन लगाया है। एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल किए जाने के बाद उम्मीद थी कि तमाम सुविधाएं उपलब्ध हो जाएगी। इससे माल तैयार करने में लागत कम आती, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ है। ऐसे में निराश होना पड़ा है।
-सूरज कुमार, उद्यमी
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रोजी-रोटी चलाने के लिए होजरी उद्योग लगाया है। स्वेटर, मफलर, बाबा सूट व अन्य उत्पाद तैयार करते हैं। कच्चा माल बाहर से मंगाना पड़ता है। यदि काॅमन फैसिलिटी सेंटर बन जाता तो हम लोगों की सारी समस्या का निस्तारण हो सकता था। कॉमन फैसिलिटी सेंटर उद्यमियों के लिए काफी लाभदायक होगा।

-संजय कुमार, उद्यमी
वर्जन
होजरी उद्योग को एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है। उद्यमियों को ऋण आदि उपलब्ध कराने में हर संभव मदद की जा रही है। काॅमन फैसिलिटी सेंटर के लिए बड़ी मशीन लगाई जानी है, ताकि एक ही परिसर में लोगों को सारी सुविधाएं मिल सके। उद्यमियों से भी आग्रह किया गया है कि उनके पास जो मशीन उपयुक्त हो, वह बताएं ताकि जल्द से जल्द बड़ी मशीन लगाई जा सके।
-राजकुमार शर्मा, उपायुक्त उद्योग
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