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ड्रेस की रकम हड़प गए हेडमास्टर

Sun, 29 Nov 2015 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर Updated Sun, 29 Nov 2015 12:06 AM IST
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  गौरतलब है कि सरकार द्वारा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को दो सेट यूनिफार्म नि:शुल्क दिया जाता है। यूनिफार्म क्रय करने के लिए प्रति छात्र दो सौ रुपये सरकार द्वारा जारी किया गया था। जनपद में पिछले छात्र संख्या के हिसाब से एक लाख 67 हजार छात्रों के लिए ड्रेस का पैसा जारी किया गया था। डीएम के निर्देश पर समस्त विद्यालयों में लेखपाल लगाकर ड्रेस का वितरण सैंपल के आधार पर हुआ था। ड्रेस वितरण की सारी जिम्मेदारी हेडमास्टर की थी। जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों में ड्रेस वितरण होने की सूचना खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा बीएसए कार्यालय को भेजी गई। इसके साथ ही बीएसए कार्यालय ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से वर्तमान छात्र संख्या भी तलब किया था। खंड शिक्षा अधिकारियों ने जो सूचना भेजी उसके अनुसार वर्तमान समय में एक लाख 61 हजार छात्र विद्यालयों में पंजीकृत है। जो कि पिछले साल से छह हजार कम है।
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 छह हजार छात्रों का पैसा कहा गया यह कोई नहीं बता पा रहा है। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता रजनीश वैद्यनाथ के अनुसार पिछली छात्र संख्या के हिसाब से ड्रेस का पैसा भेजा गया था, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जो वर्तमान छात्र संख्या की रिपोर्ट दी गई है इसमें छह हजार छात्र घट गए हैं।
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 जब छह हजार छात्र घट गए है तो वह पैसा कहा गया। उन्होंने कहा कि बीएसए के निर्देश पर समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर ड्रेस वितरण की पूरी सूची 30 नवंबर तक मांगी गई है। सूची आने पर जिन विद्यालयों में गोलमाल का मामला प्रकाश में आएगा उन पर कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्रावली प्रस्तुत कर दी जाएगी।
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