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तटबंध का काम अधूरा, लोग भयभीत
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मेंहदावल के करमैनी बेलौली तटबंध पर मिट्टी डाल कर छोड़ दिया गया।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
तटबंध का काम अधूरा, लोग भयभीत
23 करोड़ की लागत से करमैन- बेलौली तटबंध पर हो रहा है कार्य
मेंहदावल (संतकबीरनगर)। राप्ती नदी पर बने करमैनी-बेलौली तटबंध के जीर्णोद्धार व बाढ़ निरोधक कार्यों के लिए करीब छह माह पहले मरम्मत कार्य शुरू हुआ। उस समय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने बरसात से पहले कार्य पूर्ण कराने की बात कही थी। अब बारिश शुरू हो गई है, करमैनी-बेलौली तटबंध पर कार्य अधूरे पडे़ हैं।
19.2 किमी. लंबा करमैनी-बेलौली तटबंध बदहाल है। ड्रेनेज खंड द्वितीय ने तटबंध को सुरक्षित व पुख्ता करने के लिए प्रस्ताव शासन को जिला प्रशासन के माध्यम से भेजी थी। शासन ने मंजूरी देते हुए 23 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए धन भी अवमुक्त कर दिया।
सांसद प्रवीण निषाद व विधायक अनिल त्रिपाठी ने शिलान्यास किया था। मिट्टी बारिश में बह गई है। चूहों के बिल जगह-जगह दिख जाएंगे। बढ़या ठाठर पुल के पास कई मीटर गहरा गड्ढा बना हुआ है। अति संवेदनशील कटान स्थल नौगो में भी कार्य अधूरा है।
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क्षेत्र के शिव निषाद ने आरोप लगाया कि तटबंध के स्लोप व पटरी को छिलकर थोड़ी बहुत मिट्टी डाली गई है। कई बार विभागीय अधिकारियों से आपत्ति दर्ज कराई गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
अजीत साहनी ने कहा कि मेंहदावल विकास खंड का पूर्वी हिस्सा राप्ती नदी के छोर पर बसा है। वर्ष 1998 की भीषण बाढ़ त्रासदी इस क्षेत्र के लोगों ने झेला है। तटबंध की सुरक्षा के लिए शुरू हुए कार्य अधूरे हैं।
...
कोट
करमैनी-बेलौली तटबंध पर चल रहा कार्य अंतिम चरण में है। अति संवेदनशील कटान स्थल नौगो, विशुनपुरवा व बेलौली में कार्य लगभग पूर्ण होने की स्थिति में हैं। गुणवत्ता व मानक विहीन कार्य को लेकर विभाग लगातार सर्तक है। तटबंध बाढ़ को रोकने में सक्षम है।
अजय कुमार, अधीशाषी अभियंता, ड्रेनेज खंड
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23 करोड़ की लागत से करमैन- बेलौली तटबंध पर हो रहा है कार्य
मेंहदावल (संतकबीरनगर)। राप्ती नदी पर बने करमैनी-बेलौली तटबंध के जीर्णोद्धार व बाढ़ निरोधक कार्यों के लिए करीब छह माह पहले मरम्मत कार्य शुरू हुआ। उस समय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने बरसात से पहले कार्य पूर्ण कराने की बात कही थी। अब बारिश शुरू हो गई है, करमैनी-बेलौली तटबंध पर कार्य अधूरे पडे़ हैं।
19.2 किमी. लंबा करमैनी-बेलौली तटबंध बदहाल है। ड्रेनेज खंड द्वितीय ने तटबंध को सुरक्षित व पुख्ता करने के लिए प्रस्ताव शासन को जिला प्रशासन के माध्यम से भेजी थी। शासन ने मंजूरी देते हुए 23 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए धन भी अवमुक्त कर दिया।
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सांसद प्रवीण निषाद व विधायक अनिल त्रिपाठी ने शिलान्यास किया था। मिट्टी बारिश में बह गई है। चूहों के बिल जगह-जगह दिख जाएंगे। बढ़या ठाठर पुल के पास कई मीटर गहरा गड्ढा बना हुआ है। अति संवेदनशील कटान स्थल नौगो में भी कार्य अधूरा है।
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क्षेत्र के शिव निषाद ने आरोप लगाया कि तटबंध के स्लोप व पटरी को छिलकर थोड़ी बहुत मिट्टी डाली गई है। कई बार विभागीय अधिकारियों से आपत्ति दर्ज कराई गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
अजीत साहनी ने कहा कि मेंहदावल विकास खंड का पूर्वी हिस्सा राप्ती नदी के छोर पर बसा है। वर्ष 1998 की भीषण बाढ़ त्रासदी इस क्षेत्र के लोगों ने झेला है। तटबंध की सुरक्षा के लिए शुरू हुए कार्य अधूरे हैं।
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कोट
करमैनी-बेलौली तटबंध पर चल रहा कार्य अंतिम चरण में है। अति संवेदनशील कटान स्थल नौगो, विशुनपुरवा व बेलौली में कार्य लगभग पूर्ण होने की स्थिति में हैं। गुणवत्ता व मानक विहीन कार्य को लेकर विभाग लगातार सर्तक है। तटबंध बाढ़ को रोकने में सक्षम है।
अजय कुमार, अधीशाषी अभियंता, ड्रेनेज खंड