{"_id":"5d1b98258ebc3e3c9a554065","slug":"do-not-silent-act-on-voilenc-khalilabad-news-gkp312431079","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौन न रहें, अन्याय का प्रतिकार करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौन न रहें, अन्याय का प्रतिकार करें
विज्ञापन
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आरपी यादव बालिका महाविद्यालय महुली में आयोजित हुई कानून की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। गर्भस्थ शिशु से लेकर बुजुर्ग महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कानून बने हैं। जब तक महिलाएं अन्याय का प्रतिकार करना और सही स्थान पर सूचना देना नहीं सीखेंगी तब तक कानूनी उपाय कारगर साबित नहीं हो सकते। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित कानून की पाठशाला में ये बातें बाल कल्याण समिति संतकबीरनगर के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने कहीं।
आरपी यादव बालिका महाविद्यालय महुली के सभागार में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की बेटियों को यौन हिंसा से बचाने एवं दोषियों पर सख्त कार्रवाई को पॉक्सो एक्ट जैसे कड़े कानून का प्रावधान है। इसके तहत पीड़िता को हर तरह से सुरक्षा प्रदान करते हुए आरोपी पर कड़ी कार्रवाई होती है। घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न रोकने के लिए भी सख्त कानून हैं। इसके सहारे युवतियां व महिलाएं न सिर्फ प्रताड़ित करने वाले को सख्त सजा दिला सकती हैं, बल्कि इन नियमों की जानकारी दूसरों को दे सकती हैं। ऐसा होने पर ही अपराध करने वालों का हौसला टूटेगा।
बाल कल्याण समिति के सदस्य सत्यप्रकाश टीटू ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है जिस समाज में स्त्री को देवी का स्वरूप माना जाता है वहां भी महिलाओं पर अत्याचार होते हैं। महुली थाने की एसआई अमला यादव ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन हर वक्त तैयार है। जैसे ही कहीं घटना की सूचना मिलती है, पुलिस तुरंत सक्रिय होकर कार्रवाई करती है। महिला उत्पीड़न के मामलों में दोषियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है, परंतु समाज को पहले से अधिक सतर्क व जागरूक रहना होगा। ऐसे मामलों में चुप्पी साधने की बजाय खुलकर अन्याय का प्रतिकार करना होगा। अध्यक्षता बीटीसी विभाग के एचओडी अरविंद नाथ यादव और संचालन प्रवेश मोहन प्रजापति ने किया। कॉलेज के प्रबंधक केसी यादव, पूर्णिमा द्विवेदी, श्रवण कुमार, कमल नारायण द्विवेदी, श्रीचंद्र वर्मा, रामजीत यादव, अरविंद कुमार, दिलीप, प्रियंका, माया, राममगन, अक्षय, अजय, प्रीती सिंह, अर्चना ओझा, ज्योति यादव, वंदना यादव, मीनू यादव, प्रतिमा,मोनी, निशा, पूनम कन्नौजिया, शीतल, सुधा मौर्या समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
दूसरों को भी दूंगी जानकारी
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी उपायों की जानकारी मिली। इसका लाभ पढ़ाई के साथ-साथ ही जीवन के हर क्षेत्र में मिलेगा। घर जाकर अन्य महिलाओं को भी इसकी जानकारी दूंगी। - सविता यादव
गांवों में हों ऐसे कार्यक्रम
जानकारी के अभाव में अब भी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं। ऐसे कार्यक्रमों की ग्रामीण क्षेत्र में अत्यधिक आवश्यकता है। जिससे यहां की महिलाएं भी जागरूक हो सकें। - रुबी वर्मा
बढ़ा आत्मविश्वास
महिला उत्पीड़न मामलों में जानकारी के अभाव में पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती है।ऐसे में महिलाएं शिकायत करने से भी डरती हैं। नियमों की जानकारी मिलने से आत्म विश्वास बढ़ा है। - अरुंधती पांडेय
सूचना तत्काल दें
माहौल बदल रहा है। पुलिस भी त्वरित कार्रवाई कर रही है। ऐसे में पीड़ित द्वारा समय पर सूचना देनी आवश्यक है। ऐसे में घटना के तत्काल बाद सूचना दें। जिससे त्वरित कार्रवाई हो सके।
- सोनी यादव
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। गर्भस्थ शिशु से लेकर बुजुर्ग महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कानून बने हैं। जब तक महिलाएं अन्याय का प्रतिकार करना और सही स्थान पर सूचना देना नहीं सीखेंगी तब तक कानूनी उपाय कारगर साबित नहीं हो सकते। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित कानून की पाठशाला में ये बातें बाल कल्याण समिति संतकबीरनगर के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने कहीं।
आरपी यादव बालिका महाविद्यालय महुली के सभागार में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की बेटियों को यौन हिंसा से बचाने एवं दोषियों पर सख्त कार्रवाई को पॉक्सो एक्ट जैसे कड़े कानून का प्रावधान है। इसके तहत पीड़िता को हर तरह से सुरक्षा प्रदान करते हुए आरोपी पर कड़ी कार्रवाई होती है। घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न रोकने के लिए भी सख्त कानून हैं। इसके सहारे युवतियां व महिलाएं न सिर्फ प्रताड़ित करने वाले को सख्त सजा दिला सकती हैं, बल्कि इन नियमों की जानकारी दूसरों को दे सकती हैं। ऐसा होने पर ही अपराध करने वालों का हौसला टूटेगा।
विज्ञापन
बाल कल्याण समिति के सदस्य सत्यप्रकाश टीटू ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है जिस समाज में स्त्री को देवी का स्वरूप माना जाता है वहां भी महिलाओं पर अत्याचार होते हैं। महुली थाने की एसआई अमला यादव ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन हर वक्त तैयार है। जैसे ही कहीं घटना की सूचना मिलती है, पुलिस तुरंत सक्रिय होकर कार्रवाई करती है। महिला उत्पीड़न के मामलों में दोषियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है, परंतु समाज को पहले से अधिक सतर्क व जागरूक रहना होगा। ऐसे मामलों में चुप्पी साधने की बजाय खुलकर अन्याय का प्रतिकार करना होगा। अध्यक्षता बीटीसी विभाग के एचओडी अरविंद नाथ यादव और संचालन प्रवेश मोहन प्रजापति ने किया। कॉलेज के प्रबंधक केसी यादव, पूर्णिमा द्विवेदी, श्रवण कुमार, कमल नारायण द्विवेदी, श्रीचंद्र वर्मा, रामजीत यादव, अरविंद कुमार, दिलीप, प्रियंका, माया, राममगन, अक्षय, अजय, प्रीती सिंह, अर्चना ओझा, ज्योति यादव, वंदना यादव, मीनू यादव, प्रतिमा,मोनी, निशा, पूनम कन्नौजिया, शीतल, सुधा मौर्या समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
दूसरों को भी दूंगी जानकारी
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी उपायों की जानकारी मिली। इसका लाभ पढ़ाई के साथ-साथ ही जीवन के हर क्षेत्र में मिलेगा। घर जाकर अन्य महिलाओं को भी इसकी जानकारी दूंगी। - सविता यादव
गांवों में हों ऐसे कार्यक्रम
जानकारी के अभाव में अब भी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं। ऐसे कार्यक्रमों की ग्रामीण क्षेत्र में अत्यधिक आवश्यकता है। जिससे यहां की महिलाएं भी जागरूक हो सकें। - रुबी वर्मा
बढ़ा आत्मविश्वास
महिला उत्पीड़न मामलों में जानकारी के अभाव में पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती है।ऐसे में महिलाएं शिकायत करने से भी डरती हैं। नियमों की जानकारी मिलने से आत्म विश्वास बढ़ा है। - अरुंधती पांडेय
सूचना तत्काल दें
माहौल बदल रहा है। पुलिस भी त्वरित कार्रवाई कर रही है। ऐसे में पीड़ित द्वारा समय पर सूचना देनी आवश्यक है। ऐसे में घटना के तत्काल बाद सूचना दें। जिससे त्वरित कार्रवाई हो सके।
- सोनी यादव