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वित्तविहीन विद्यालयों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:05 PM IST
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दुर्बली चौधरी इंटर कालेज, भंगुरा अहिरानी में माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने शिक्षकों के साथ बैठक की।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक दुर्बली चौधरी इंटर कालेज भंगुरा अहिरानी में जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शिक्षक समस्याओं को लेकर चर्चा की गई।
जिलाध्यक्ष व मंडलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा कि सरकार परीक्षा केंद्र निर्धारण में वित्तविहीन विद्यालय के साथ भेदभाव कर रही है। प्रशिक्षित स्नातकों की मौजूदगी के बावजूद 62 से 70 वर्ष के सेवानिवृत्त शिक्षकों को पुन: सेवा में लिए जाने का निर्णय अव्यावहारिक है। शिक्षक संघ इसका पुरजोर विरोध करेगा।
कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों को लेकर सरकार का रुख ठीक नहीं है। सरकार उन्हें शक की नजर से देख रही है, जो ठीक नहीं है। परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के कई नियम स्वीकार करने योग्य नहीं हैं। नियमों का हवाला देकर अधिकारी प्रबंधकों का शोषण करना शुरू कर दिया है।
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आयोग के चयनित शिक्षकों को समय से वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन देने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। जीपीएफ स्वीकृत होने के बाद भी दो-दो माह तक चेक नहीं काटा जा रहा है। पदोन्नति व प्रोन्नत वेतनमान के प्रकरण को जानबूझ कर लंबित रखा जा रहा है। एरियर के बकाया भुगतान में भी खेल किया जा रहा है, जिसे किसी भी दशा में बर्दास्त नहीं किया जा सकता।
इस दौरान गिरिजानंद यादव, गोपाल जी सिंह, मोहिबुल्लाह खान, विजय यादव, खालिद कमाल, अरशद जलाल, अनिल चौधरी, संजय श्रीवास्तव, राम नारायण पांडेय, पंकज द्विवेदी, राहुल कुमार, मंगला प्रसाद, विनोद चौरासिया, जितेंद्र कुमार, मंतोष मौर्य, राघवेंद्र द्विवेदी सहित अन्य मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष व मंडलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा कि सरकार परीक्षा केंद्र निर्धारण में वित्तविहीन विद्यालय के साथ भेदभाव कर रही है। प्रशिक्षित स्नातकों की मौजूदगी के बावजूद 62 से 70 वर्ष के सेवानिवृत्त शिक्षकों को पुन: सेवा में लिए जाने का निर्णय अव्यावहारिक है। शिक्षक संघ इसका पुरजोर विरोध करेगा।
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कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों को लेकर सरकार का रुख ठीक नहीं है। सरकार उन्हें शक की नजर से देख रही है, जो ठीक नहीं है। परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के कई नियम स्वीकार करने योग्य नहीं हैं। नियमों का हवाला देकर अधिकारी प्रबंधकों का शोषण करना शुरू कर दिया है।
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आयोग के चयनित शिक्षकों को समय से वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन देने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। जीपीएफ स्वीकृत होने के बाद भी दो-दो माह तक चेक नहीं काटा जा रहा है। पदोन्नति व प्रोन्नत वेतनमान के प्रकरण को जानबूझ कर लंबित रखा जा रहा है। एरियर के बकाया भुगतान में भी खेल किया जा रहा है, जिसे किसी भी दशा में बर्दास्त नहीं किया जा सकता।
इस दौरान गिरिजानंद यादव, गोपाल जी सिंह, मोहिबुल्लाह खान, विजय यादव, खालिद कमाल, अरशद जलाल, अनिल चौधरी, संजय श्रीवास्तव, राम नारायण पांडेय, पंकज द्विवेदी, राहुल कुमार, मंगला प्रसाद, विनोद चौरासिया, जितेंद्र कुमार, मंतोष मौर्य, राघवेंद्र द्विवेदी सहित अन्य मौजूद रहे।