{"_id":"647f7127b85b7e626f076af8","slug":"cultural-activity-khalilabad-news-c-7-1-196386-2023-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: संस्कृत भाषा संस्कार और संस्कृति की भाषा है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: संस्कृत भाषा संस्कार और संस्कृति की भाषा है
Tue, 06 Jun 2023 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:17 PM IST
विज्ञापन
हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में दस दिवसीय संस्कृत संभाषण वर्ग में प्रशिक्
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज में चल रहे संस्कृत संभाषण वर्ग शिविर में मंगलवार को व्याकरण के षष्ठी, सप्तमी केे साथ सर्वनाम शब्दों का व्यवहार में प्रयोग करने का कौशल सिखाया गया। बिना शब्द रटे केवल अभ्यास के माध्यम से आसानी से बोध कराया गया।
संस्कृत भारती के प्रांत शिक्षण प्रमुख आचार्य गणेश धर द्विवेदी ने कहा कि दिन में संस्कृत सीखें और उत्तम अवसर प्राप्त करें। संस्कृत शिक्षक चंद्रमौलि त्रिपाठी ने बताया संस्कृत भाषा संस्कार और संस्कृति की भाषा है। इसमें समाहित ज्ञान विज्ञान का अध्ययन कर व्यक्ति समाज और राष्ट्र की उन्नति संभव है।
प्रवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया गतिविधियों के माध्यम से पठन पाठन को रुचिकर बनाकर संस्कृत सिखाया जा सकता है। संस्कृत भारती के प्रांत संगठन मंत्री प्रकाश झा ने बताया कि व्याकरण की विभक्तियों के साथ इस शिविर में संस्कृत भाषा के अध्ययन अध्यापन और भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिचय भी कराया जा रहा है।
विज्ञापन
इस अवसर पर रणविजय तिवारी, श्रीप्रकाश ओझा, विनोद कुमार त्रिपाठी, शिव प्रताप मिश्र, सत्यम तिवारी, पवन तिवारी, सरस्वती तिवारी, शिवम पांडेय, आशुतोष त्रिपाठी, अंकिता तिवारी, तन्वी त्रिपाठी, अपर्णा त्रिपाठी, पूजा मिश्रा आदि मौजूद रही।
विज्ञापन
संस्कृत भारती के प्रांत शिक्षण प्रमुख आचार्य गणेश धर द्विवेदी ने कहा कि दिन में संस्कृत सीखें और उत्तम अवसर प्राप्त करें। संस्कृत शिक्षक चंद्रमौलि त्रिपाठी ने बताया संस्कृत भाषा संस्कार और संस्कृति की भाषा है। इसमें समाहित ज्ञान विज्ञान का अध्ययन कर व्यक्ति समाज और राष्ट्र की उन्नति संभव है।
विज्ञापन
प्रवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया गतिविधियों के माध्यम से पठन पाठन को रुचिकर बनाकर संस्कृत सिखाया जा सकता है। संस्कृत भारती के प्रांत संगठन मंत्री प्रकाश झा ने बताया कि व्याकरण की विभक्तियों के साथ इस शिविर में संस्कृत भाषा के अध्ययन अध्यापन और भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिचय भी कराया जा रहा है।
विज्ञापन
इस अवसर पर रणविजय तिवारी, श्रीप्रकाश ओझा, विनोद कुमार त्रिपाठी, शिव प्रताप मिश्र, सत्यम तिवारी, पवन तिवारी, सरस्वती तिवारी, शिवम पांडेय, आशुतोष त्रिपाठी, अंकिता तिवारी, तन्वी त्रिपाठी, अपर्णा त्रिपाठी, पूजा मिश्रा आदि मौजूद रही।