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देर रात तक थाने को घेरे रहे लोग
Sant Kabir Nagar
Updated Wed, 31 Aug 2016 10:59 PM IST
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पौली के चौकी इंचार्ज की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के लोग धनघटा थाने पर जुटने लगे।
- फोटो : अमर उजाला
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महिला से घूस लेने के आरोप में भले ही पौली चौकी इंचार्ज एंटी करप्शन टीम के हाथों पकड़े गए हों, लेकिन यह बात स्थानीय लोगों के गले नहीं उतर रही। बुधवार दोपहर करीब दो बजे दरोगा पकड़ा गया। जानकारी क्षेत्र में फैली तो धनघटा थाने पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई। करीब चार बजे से देर रात तक थाना भीड़ से घिरा रहा।इस दौरान कई बार तो लोगों ने एंटी करप्शन टीम के खिलाफ नारेबाजी भी की। मौके नजाकत भांपते हुए थाने पर स्वॉट टीम के साथ ही महुली थाने की अतिरिक्त फोर्स बुला ली गई। एएसपी और सीओ भी मौके पर पहुंचे।
पौली ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राम मिलन यादव, पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि रामवृक्ष कन्नौजिया, अकबर अली, देंवेंद्र, वीरेंद्र आदि ने बताया कि दरोगा विनोद कुमार करीब दो साल से पौली चौकी पर तैनात हैं। तरह-तरह के अवैध कार्यों के लिए मशहूर हो चुकी पौली चौकी विनोद के आने के बाद अवैध धंधे और धंधेबाजों से मुक्त हो चुकी थी। इतना ही नही अपने नेतागिरी के बल पर गलत कार्यों को कराने वाले भी चौकी इंचार्ज विनोद कुमार से परेशान हो चुके थे।
पौली ब्लॉक मुख्यालय पर चौकी इंचार्ज आवास पर जब टीम ने छापेमारी की तो उस समय वह प्रमुख के कक्ष में थे। महिला से घूस मांगने और लेने का मामला लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा है। सैकड़ों की संख्या में लोगों का थाने पर जुटना ऐसा ही दर्शा रहा था। देर शाम तक थाने पर जमा हुई भीड़ किसी भी कीमत पर दरोगा को जेल नहीं जाने देने पर अड़ी थी। लोगों ने कहा कि दरोगा विनोद ने अपनी कार्यशैली की बदौलत जनता के बीच में अपनी छाप छोड़ी है। साथ ही साबित किया है कि सही काम करने वालों के साथ जनता दिल से रहती है।
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धनघटा थाने की बत्तियां भी बुझानी पड़ीं ः थाने पर हंगामा कर रही भीड़ को थामने के लिए पुलिस ने थाना परिसर की लाइट बुझवा दी गई। इसके बावजूद रात करीब नौ बजे तक भीड़ थाना परिसर में जमा थी। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए एंटी करप्शन की टीम भी थाने में ही जमी रही। एक बार एंटी करप्शन की टीम बाहर जाने का प्रयास किया, लेकिन उग्र भीड़ को देख कर फिर वापस थाना के अंदर आ गई। देर रात तक भीड़ थाने के इर्द-गिर्द जमी रही। वहीं पुलिस के अफसर भीड़ को समझाकर थाने से हटाने का प्रयास करने में जुटे रहे। लेकिन रह-रह कर आक्रोशित हो जा रही भीड़ मानने को तैयार नहीं थी।
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पौली ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राम मिलन यादव, पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि रामवृक्ष कन्नौजिया, अकबर अली, देंवेंद्र, वीरेंद्र आदि ने बताया कि दरोगा विनोद कुमार करीब दो साल से पौली चौकी पर तैनात हैं। तरह-तरह के अवैध कार्यों के लिए मशहूर हो चुकी पौली चौकी विनोद के आने के बाद अवैध धंधे और धंधेबाजों से मुक्त हो चुकी थी। इतना ही नही अपने नेतागिरी के बल पर गलत कार्यों को कराने वाले भी चौकी इंचार्ज विनोद कुमार से परेशान हो चुके थे।
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पौली ब्लॉक मुख्यालय पर चौकी इंचार्ज आवास पर जब टीम ने छापेमारी की तो उस समय वह प्रमुख के कक्ष में थे। महिला से घूस मांगने और लेने का मामला लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा है। सैकड़ों की संख्या में लोगों का थाने पर जुटना ऐसा ही दर्शा रहा था। देर शाम तक थाने पर जमा हुई भीड़ किसी भी कीमत पर दरोगा को जेल नहीं जाने देने पर अड़ी थी। लोगों ने कहा कि दरोगा विनोद ने अपनी कार्यशैली की बदौलत जनता के बीच में अपनी छाप छोड़ी है। साथ ही साबित किया है कि सही काम करने वालों के साथ जनता दिल से रहती है।
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धनघटा थाने की बत्तियां भी बुझानी पड़ीं ः थाने पर हंगामा कर रही भीड़ को थामने के लिए पुलिस ने थाना परिसर की लाइट बुझवा दी गई। इसके बावजूद रात करीब नौ बजे तक भीड़ थाना परिसर में जमा थी। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए एंटी करप्शन की टीम भी थाने में ही जमी रही। एक बार एंटी करप्शन की टीम बाहर जाने का प्रयास किया, लेकिन उग्र भीड़ को देख कर फिर वापस थाना के अंदर आ गई। देर रात तक भीड़ थाने के इर्द-गिर्द जमी रही। वहीं पुलिस के अफसर भीड़ को समझाकर थाने से हटाने का प्रयास करने में जुटे रहे। लेकिन रह-रह कर आक्रोशित हो जा रही भीड़ मानने को तैयार नहीं थी।